Last Updated:January 20, 2026, 15:10 IST
मम्मी पापा मुझे समझते नहीं हैं, बस इसी बात पर 16 साल की बच्ची ने घर छोड़ दिया...और ऐसी ही कितनी कहानियां हैं.

“मेरा नाम चंदना सिन्हा है. मैं आरपीएफ (RPF) में इंस्पेक्टर हूं और अभी उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्टेशन पर मेरी ड्यूटी है. मेरी जिम्मेदारी उन बच्चों को पहचानना और बचाना है, जिन्हें या तो मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के लिए ले जाया जा रहा है या जो किसी नाराजगी में अपना घर छोड़कर भाग आए हैं. रेलवे ने मुझे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टास्क ‘नन्हे फरिश्ते’ की कमान सौंपी है.
2022 में मैं नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर तैनात थी और अब लखनऊ में हूं. हमारी टीम ने अब तक जिन बच्चों को रेस्क्यू किया है, उनमें से कई तो इतने मासूम हैं जिन्हें पता नहीं उनके साथ क्या होने वाला था. कुछ बच्चे ऐसे भी मिलते हैं जो गुस्से में कहते हैं- ‘मम्मी-पापा मुझे समझते ही नहीं, इसलिए घर छोड़ दिया.’ आज मैं आपको उन अनसुनी कहानियों के बारे में बताती हूं.
मम्मी डांटती हैं, पापा समझते नहीं, इसलिए भाग आई
यही कोई 16 साल की उम्र होगी उस लड़की की. मासूम सा चेहरा था. 2025 का केस है. दोपहर का वक्त था, मैं और मेरी टीम स्टेशन पर ही थे. वो लड़की ग्वालियर जाने वाली ट्रेन में बैठी थी. उस वक्त शायद किसी वजह से लखनऊ स्टेशन पर उतरी हो. काफी देर तक उसे नोटिस करने के बाद, हमने समझा कि वो कुछ घबराई हुई सी है. हमें पता था कि अगर हम एकदम से पूछताछ करेंगे, तो वो डर जाएगी. हमने किया भी ऐसा, एकदम से धमके और वहां बैठने के कारण पूछा. वो डर गई. कुछ देर उसने बहाने बनाए लेकिन थोड़ी देर समझाने पर सच बता दिया. कहा, घर से भागी हूं, ग्वालियर जा रही हूं. एक लड़के से इंस्टा पर दोस्ती हुई है. उसका दोस्त मुझे ग्वालियर में मिलेगा. तब हमने उसे प्यार से डील किया. मैंने, उसकी बड़ी बहन बनकर उस लड़के को कॉल किया. लड़के से कहा, देखो वो घर से भाग गई है. तुम्हारा नाम बताया था, तुम उसे मिल लेना. यहां-वहां की बातें बनाकर लड़का मुकर गया. फोन स्पीकर पर था और लड़की ने सब कुछ सुना. उसके बाद हमने उसके परिवार को फोन किया, लड़की भी रोई और उसका परिवार भी. फिर चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए उसे घर भेजा.
First Published :
January 20, 2026, 15:10 IST
खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव
QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें


1 hour ago
