तेजस फाइटर जेट रनवे से फिसला, ब्रेक फेल होने का शक, पूरी फ्लीट की उड़ान पर लगी रोक

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तेजस फाइटर जेट रनवे से फिसला, ब्रेक फेल होने का शक, पूरी फ्लीट की उड़ान पर रोक

Last Updated:February 23, 2026, 00:07 IST

IAF Tejas fighter jet crash : एक फ्रंटलाइन एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान ब्रेक फेल होने की आशंका के चलते एक तेजस जेट रनवे से आगे फिसल गया, जिससे उसके ढांचे को नुकसान पहुंचा है. गनीमत रही कि पायलट ने समय रहते इजेक्ट (कूदकर) कर अपनी जान बचा ली.

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तेजस (File Photo)

इंडियन एयरफोर्स के स्वदेशी ‘लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ तेजस को लेकर एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है. एक फ्रंटलाइन एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान एक तेजस लड़ाकू विमान बड़े हादसे का शिकार हो गया है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ, जिसके कारण विमान रनवे से आगे निकल गया यानी ओवरशूट कर गया. इससे उसके एयरफ्रेम को नुकसान पहुंचा है. राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि पायलट ने खतरे को समय रहते भांप लिया और सही समय पर विमान से कूदकर करके अपनी जान बचा ली.

जानकारी के अनुसार, यह घटना इसी महीने 7 फरवरी की है. फाइटर जेट अपनी एक रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी यानी प्रशिक्षण उड़ान पूरी करने के बाद सुरक्षित वापस एयरबेस लौट रहा था, तभी लैंडिंग के दौरान यह गंभीर तकनीकी खराबी आ गई. हालांकि, भारतीय वायुसेना की तरफ से अभी तक इस हादसे को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

पूरी फ्लीट के उड़ान पर रोक

विश्वस्त सूत्रों ने रविवार को पुष्टि की है कि इस बड़े हादसे के तुरंत बाद, वायुसेना ने कड़ा कदम उठाते हुए एहतियात के तौर पर अपने लगभग 30 ‘सिंगल-सीटर’ तेजस जेट्स के पूरे बेड़े यानी फ्लीट की उड़ान पर रोक लगा दी है. सभी जेट्स को ग्राउंडेड कर दिया गया है. अब विशेषज्ञों की एक टीम इन सभी विमानों की गहन तकनीकी जांच कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाकी विमानों के ब्रेकिंग सिस्टम या एयरफ्रेम में ऐसी कोई खामी न हो.

तेजस के इतिहास का यह तीसरा क्रैश

पहला हादसा (मार्च 2024): तेजस विमान का पहला क्रैश मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर के पास हुआ था, जब एक ऑपरेशनल ट्रेनिंग के दौरान विमान गिर गया था.

दूसरा हादसा (नवंबर 2025): दूसरा हादसा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुआ था, जब नवंबर 2025 में दुबई एयरशो (Dubai Airshow) में हवाई करतब (Aerial Display) दिखाते समय एक तेजस जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

तीसरा हादसा (फरवरी 2026): और अब एक अहम फ्रंटलाइन एयरबेस पर ब्रेक फेल होने की आशंका के चलते यह तीसरी घटना सामने आई है.

डिलीवरी में देरी और इंजन का संकट

यह ताजा हादसा भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के लिए ऐसे समय में और भी बड़ी सिरदर्द बन गया है, जब तेजस को बनाने वाली सरकारी कंपनी ‘हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड’ (HAL) तेजस के अपग्रेडेड ‘मार्क 1A’ (Tejas Mk-1A) वेरिएंट की डिलीवरी को लेकर पहले ही कई डेडलाइंस मिस कर चुकी है. रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए फरवरी 2021 में HAL के साथ 83 तेजस Mk-1A जेट्स की खरीद के लिए 48,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम करार किया था. इसके बाद पिछले साल (सितंबर 2025) में 97 और तेजस MK-1A विमानों की खरीद के लिए 62,370 करोड़ रुपये का एक और बड़ा सौदा पक्का किया गया था. इन अत्याधुनिक विमानों की वायुसेना को जल्द से जल्द जरूरत है, लेकिन इनकी डिलीवरी में सबसे बड़ी बाधा अमेरिकी कंपनी ‘जीई एयरोस्पेस’ (GE Aerospace) बनी हुई है. जीई एयरोस्पेस इन फाइटर जेट्स को ताकत देने वाले एयरो-इंजन (Aero Engines) की सप्लाई तय समय-सीमा पर नहीं कर पा रही है.

क्या है तेजस की ताकत?

तेजस एक सिंगल-इंजन, मल्टी-रोल (बहुउद्देश्यीय) फाइटर एयरक्राफ्ट है. इसे हाई-थ्रेट एयर एनवायरनमेंट (अत्यधिक खतरे वाले हवाई युद्ध क्षेत्रों) में आसानी से काम करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह हल्का और फुर्तीला जेट मुख्य रूप से एयर डिफेंस (हवाई सुरक्षा), मैरीटाइम रिकॉनिसेंस (समुद्री टोही मिशन) और स्ट्राइक रोल (दुश्मन के ठिकानों पर सटीक और अचूक हमले) को अंजाम देने में पूरी तरह सक्षम है. लगातार हो रही देरी और अब इस नए हादसे ने स्वदेशी लड़ाकू विमानों पर निर्भर वायुसेना की आधुनिकीकरण योजना के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for 'Hindustan Times Group...और पढ़ें

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Delhi,Delhi,Delhi

First Published :

February 23, 2026, 00:07 IST

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