US Vs China: अमेरिका अच्छी तरह जानता है कि आज की तारीख में उसकी आंखों में आंख डाल अगर कोई एक देश उसे टक्कर दे सकता है, तो वो चीन ही है. इसलिए जंग का मोर्चा हो या बाजार, अमेरिका, बीजिंग पर सीधा अटैक नहीं करता. डोनाल्ड ट्रंप की मिसाल ले लें तो उनका पहला कार्यकाल (2017-2021) रहा हो या दूसरा (2025-2029) अब तक उन्होंने दुनियाभर में चाहे जो किया लेकिन चीन से सीधा पंगा नहीं लिया. ताजा मामले में दोनों के जंगी जेट एक समंदर के सामने आए तो क्या स्थिति बनी और आखिर ऐसा क्यों हुआ, आइए जानते हैं.
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जब दो बड़े दिग्गज आमने-सामने आ जाते हैं, तो तिल का ताड़ नहीं बनाते. सीधे निपटते हैं या चुपचाप अपने-अपने रास्ते निकल जाते हैं. इस मैटर में भी बिल्कुल यही हुआ. ना ही अमेरिका ने कुछ बताया ना ही चीन ने. साउथ कोरिया से आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ अमेरिकी लड़ाकू विमान जब येलो सी के ऊपर चीन के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन की ओर बढ़े तो माहौल थोड़ी देर के लिए तनावपूर्ण हो गया था.
फिर क्या?
जैसे ही अमेरिकी F-16 जेट चीन के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) के पास पहुंचे, बीजिंग ने फौरन फाइटर जेट भेजकर अमेरिकी फौज के सामने घेरा लगा दिया. एमबीसी न्यूज़ के मुताबिक यह महज चंद मिनट का आमना-सामना था. US प्लेन चीनी जोन में नहीं घुसे और ना ही चीन के जेट साउथ कोरियाई इलाके में दाखिल हुए. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने भी इस बारे में कोई बयान नहीं दिया. शायद इसलिए क्योंकि ये रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मामला था, क्योंकि कभी-कभार ही ऐसा हुआ होगा कि अमेरिकी एयर फोर्स के जंगी जहाजों ने येलो सी के ऊपर चीनी एयर डिफेंस जोन के पास पहुंचने का प्रयास किया हो.
येलो सी के ऊपर टकराव की नौबत.
सामने आए अमेरिका-चीन के प्लेन.
SCMP की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटनाक्रम उस वक्त सामने आया जब अमेरिका अपनी फौज का फोकस फिलहाल नॉर्थ कोरिया से हटाकर चीन पर दिख रहा है. ये घटनाक्रम पिछले बुधवार को सामने आया, जब अमेरिकी एयरफोर्स के बेड़े के 10 F-16 फाइटर जेट्स ने सियोल से 40 मील दूर दक्षिण दिशा में ओसान एयर बेस से उड़ान भरकर येलो सी के ऊपर पश्चिम दिशा का रुख किया, इसके बाद थोड़ी देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हुआ फिर सामान्य हो गया.
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1 hour ago
