दुनिया अभी 2026 में आई है, यहां साल 2976 में जी रहे लोग, कौन हैं अमाजिग, जिनका 1 हजार साल आगे है कैलेंडर

1 hour ago

Ajab Gajab News: दुनिया भर में नए साल 2026 का लोगों ने धमाकेदार आगाज किया. तमाम प्रकार के आयोजन जगह-जगह पर किए गए, लेकिन क्या आपने सोचा है इस दुनिया में एक ऐसी जगह भी है, जहां के लोग सामान्य कैलेंडर से करीब 1000 साल आगे चल रहे हैं. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि उत्तरी अफ्रीका भर में अमाजिग लोग 2076 का स्वागत कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने तैयारियां की हैं. 

चूंकि, इन लोगों ने आज तक समय की यात्रा का रहस्य नहीं सुलझाया है. वे दुनिया के अधिकांश हिस्सों से करीब 1 हजार साल आगे चल रहे हैं क्योंकि वह ऐसे कैलेंडर का पालन करते हैं, जो 950 ईसा पूर्व से शुरू होता है, जब राजा शेशोंक मिस्र के राजा बने थे. 

कब शुरू होता है कि अमाजिग समुदाय का नया साल?

Add Zee News as a Preferred Source

बताया जाता है कि अमेजघ नव वर्ष हर साल 12 से 14 जनवरी के बीच शुरू होता है. इसको सामान्य तौर पर योन्नायर के नाम से भी जाना जाता है. हालांकि, ये नया साल इस बात पर निर्भर करता है कि वे अल्जीरिया, मोरक्को,ट्यूनीशिया और नीबिया में किस क्षेत्र में रह रहे हैं. यही कारण है कि इन क्षेत्रों के कई परिवारों में पिछले दिनों से बड़े-बड़े भोज आयोजित किए जा रहे हैं. लोग अलाव जला रहे हैं और पारंपरिक संगीत के साथ लोगों को शुभकामनाएं दे रहे हैं. 

अमाजिग जातीय समूहों के बारे में जानिए 

अमाजिग जातीय समूहों का एक समूह है, जो उत्तरी अफ्रीका के मूल निवासी हैं और लिखित इतिहास की शुरुआत से ही इस क्षेत्र में निवास करते आ रहे हैं. आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें, तो इनके जनसंख्या को लेकर कोई सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन अनुमान जताया जा रहा है कि उत्तरी अफ्रीका में करोड़ों अमाजिग लोग रहते हैं.  ये अल्जीरिया और मोरक्को में सबसे बड़ी आबादी है. अनुमान है कि मोरक्को में करीब 40 प्रतिशत अमाजिग लोग रहते हैं. 

यह भी पढ़ें: पालक पनीर ने बनाया करोड़पति! माइक्रोवेव में लंच गर्म करने पर मिले 1.8 करोड़ रुपये, जानें पूरा मामला

नए साल पर विभिन्न भोजन बनाने की परंपरा 

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमाजिग समुदाय की विविधता को देखते हुए नए साल के पारंपरिक भोजन में देश के और क्षेत्र के अनुसार भिन्नता पाई जाती है. मोरक्को के हाई एटलस क्षेभ में दालों, मसालों और साबुत अनाजों का समृद्ध मिश्रण उरकेमेन नव वर्ष का पसंदीदा व्यंजन माना जाता है. वहीं, अल्जीरिया में कई परिवार मुख्य भोजन के बाद मिठाई, सूखे मेवे और नट्स से बना ट्रेजे का आनंद लेते हैं, जो एक प्रकार से काफी खास व्यंजन माना जाता है. हालांकि, इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि योनायेर सिर्फ पारिवारिक उत्सव नहीं मनाते हैं, इसे व्यापक समुदाय के साथ भी मानाया जा सकता है. वहीं, परेड,संगीत कार्यक्रम और मेले नव वर्ष की भावना से सड़कों पर ले आते हैं. 

अमाजिग संस्कृति का इतिहास भी जानिए 

बताया जाता है कि सातवीं शताब्दी में जब अरब विजेताओं ने उत्तरी अफ्रीका पर आक्रमण किया, तो अपने साथ अपनी भाषा और इस्लामी धर्म लेकर आए थे. इन दोनों को आधिकारिक तौर पर अपनाया गया, लेकिन यह सब अमाजिग भाषाओं और संस्कृति की कीमत पर हुआ था. सामान्य भाषा में समझें, तो कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के लीबिया पर शासन के दौरान स्कूलों में अमाजिग भाषा अमाजिग पर बैन लगा दिया था. इसके साथ ही माता पिता को अपने बच्चों का नाम अमाजिग देने की अनुमति भी नहीं थी. हालांकि, इसके बावजूद भी भी अमाजिग कार्यकर्ताओं के अथक अभियान की बदौलत, पिछले दशक में उनकी संस्कृति और भाषा को अधिक मान्यता मिली है. 

जानकारी के अनुसार, साल 2011 में मोरक्को ने तमाजाइट को आधिकरिक भाषा के रूप में मान्यता दी गई थी. अल्जीरिया और मोरक्को दोनों ने साल 2017 और साल 2023 में येनायेर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया. यही कारण है कि येनायेर न केवल अमाजिग लोगों के लिए एक जीत का प्रतीक है, बल्कि सदियों के लंबे संघर्ष को भी याद दिलाता है. इसी संघर्ष ने इस समुदाय को 2976 में आज उस मुकाम पर पहुंचाया है, जहां पर आज वो ये जश्न मना रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: कुदरत का कहर... जिस बर्फ पर चलते थे लोग, अब वहां बह रही है मौत की धारा; अचानक बंद हुआ खतरनाक ट्रेक

Read Full Article at Source