Last Updated:January 25, 2026, 08:05 IST
Vande Bharat 1st Sleeper Train: वंदे भारत ट्रेन को मिनी बुलेट ट्रेन भी कहा जाता है. असम के कामाख्या से पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ऑपरेशन शुरू किया गया है. यह ट्रेन अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ सकती है. मौजूदा समय में भारतीय रेलवे की यह सबसे तेज रफ्तार ट्रेन है. यह ट्रेन कई वजहों से चर्चा में है. तकनीक और सुविधाओं के मामले में फिलहाल इसका कोई जोर नहीं है. हालांकि, ट्रेन से जुड़ी एक खास बात को लेकर यह चर्चाओं के केंद्र में है. सवाल यह है कि क्या कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सिर्फ वेज यानी शाकाहारी भोजन ही दिया जाता है? क्या नॉनवेज यानी मांसाहारी भोजन की सुविधा नहीं है? दरअसल, इस मसले को लेकर भाजपा और ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में ठन गई है. आइए इसकी सच्चाई जानते हैं...

Vande Bharat 1st Sleeper Train: देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों को केवल शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराए जाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच सियासी घमासान छिड़ गया है. इस ट्रेन के मेन्यू को लेकर टीएमसी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर ‘शाकाहार थोपने’ और ‘बंगाली संस्कृति व खानपान पर हमला’ करने का आरोप लगाया है. वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे रेलवे के प्रशासनिक फैसले पर अनावश्यक राजनीति करार दिया है. (फोटो: PTI)

Vande Bharat 1st Sleeper Train: टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि बंगाल की खाद्य परंपराएं देशभर में जानी जाती हैं और मछली, मांस एवं अंडा जैसे व्यंजन राज्य की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि जब यात्री पूरा किराया चुका रहे हैं तो उनके भोजन के विकल्प क्यों सीमित किए जा रहे हैं? ट्रेन में शाकाहारी के साथ-साथ मांसाहारी विकल्प भी उपलब्ध होने चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस तरह के फैसलों के जरिए विविधता से भरे देश में एक खास खानपान संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है. (फोटो: PTI)

Vande Bharat 1st Sleeper Train: इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति करना पूरी तरह अनावश्यक है. उन्होंने कहा कि अगर यात्रियों को मांसाहारी भोजन चाहिए तो उन्हें रेलवे से मांग करनी चाहिए. इसमें बीजेपी की भूमिका कहां से आ गई? भाजपा नेता ने पलटवार करते हुए यह भी आरोप लगाया कि खुद टीएमसी सरकार ने राज्य की मिड-डे मील स्कीम से अंडा हटाया था, तब पार्टी को खानपान की विविधता की याद नहीं आई. (फोटो: PTI)
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Vande Bharat 1st Sleeper Train: तो क्या देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सिर्फ वेज यानी शाकाहारी भोजन ही दिया जाता है? www.irctc.co.in को लॉग-इन कर जब कामाख्या से हावड़ा के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में ऑनलाइन टिकट बुक कराने की प्रक्रिया शुरू की गई तो उसमें फूड ऑप्शन ही नहीं दिया गया था. मतलब अन्य ट्रेनों की तरह वंदे भारत स्लीपर में भोजन का विकल्प चुनने की सुविधा नहीं शो कर रहा है. ऑनलाइन बुकिंग के दौरान एक मैसेज शो करता है- कैटरिंग सर्विसेज सर्विस टाइमिंग का विषय है. ऐसे में आधिकारिक तौर पर यह तय नहीं है कि कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सिर्फ वेज फूड ही दिया जाता है या फिर नॉन-वेज खाने की भी सुविधा है. (www.irctc.co.in का सक्रीनशॉट)

Vande Bharat 1st Sleeper Train: दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली से अयोध्या के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में भोजन का विकल्प चुनने की सुविधा दी जा रही है. इसमें वेज, जैन खाना और वेज डायबिटिक का ऑप्शन दिया जा रहा है. हालांकि, सीटिंग यानी चेयर कार वाली इस वंदे भारत ट्रेन में भी नॉनवेज खाने का विकल्प शो नहीं करता है. (www.irctc.co.in का सक्रीनशॉट)

Vande Bharat 1st Sleeper Train: दिलचस्प बात यह है कि नई दिल्ली से कटरा और पटना से हावड़ा के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में भी नॉन-वेज भोजन का ऑप्शन नहीं दिया जा रहा है. हालांकि, ये दोनों वंदे भारत ट्रेन भी चेयर कार वाली हैं. दूसरी तरफ, अन्य सामान्य ट्रेनों में वेज के साथ नॉन-वेज फूड की भी व्यवस्था है. मसलन नई दिल्ली (वाया पटना) से हावड़ा के बीच चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन में शाकाहार और मांसाहार दोनों तरह के भोजन की सुविधा दी जाती है, लेकिन वंदे भारत ट्रेन में यह सुविधा नहीं है.
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1 hour ago
