Last Updated:January 14, 2026, 17:30 IST
Asiya Andrabi News: एनआईए कोर्ट ने अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी और उसकी सहयोगियों को देश के खिलाफ साजिश का दोषी ठहराया है. इन पर आतंकी संगठन चलाने और यूएपीए के तहत आरोप सिद्ध हुए हैं. आसिया अंद्राबी प्रतिबंधित 'दुख्तरान-ए-मिल्लत' की प्रमुख है. उसे पाकिस्तान के आतंकी हाफिज सईद का करीबी माना जाता है. कोर्ट अब 17 जनवरी को सजा का ऐलान करेगा.
आसिया अंद्राबी (फाइल फोटो)नई दिल्ली: एनआईए कोर्ट ने कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी और उसकी दो सहयोगियों सोफी फहमिदा और नाहिदा नसरीन को देश के खिलाफ साजिश रचने का दोषी पाया है. इन तीनों पर आतंकी संगठन चलाने और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप थे. अदालत ने उन्हें यूएपीए (UAPA) की कड़ी धाराओं के तहत दोषी करार दिया है. आसिया अंद्राबी को कश्मीर की पहली महिला अलगाववादी नेता माना जाता है. उसने साल 1987 में ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ नाम का संगठन बनाया था. यह संगठन लंबे समय से कश्मीर में आतंक और अलगाववाद की जड़ें मजबूत करने का काम कर रहा था. एनआईए की लंबी जांच और पुख्ता सबूतों के बाद अब कानून का शिकंजा इन पर कस गया है. अब पूरी दुनिया की नजरें 17 जनवरी पर टिकी हैं. उसी दिन कोर्ट तय करेगा कि इन गुनहगारों को कितनी कड़ी सजा दी जाएगी.
आखिर किन धाराओं के तहत दोषी करार दी गई आसिया अंद्राबी और उसकी दो सहेलियां?
एडिशनल सेशंस जज चंदरजीत सिंह ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की. उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं. आसिया, सोफी और नाहिदा को यूएपीए की धारा 18 और 38 के तहत दोषी माना गया है. धारा 18 मुख्य रूप से आतंकी साजिश रचने से जुड़ी होती है. वहीं धारा 38 आतंकी संगठन की सदस्यता लेने के अपराध के लिए लगाई जाती है. कोर्ट ने माना कि इनकी गतिविधियां केवल राजनीतिक अलगाववाद तक सीमित नहीं थीं. ये तीनों मिलकर देश की एकता और अखंडता को तोड़ने की बड़ी साजिश रच रही थीं. अब इन धाराओं के तहत उन्हें उम्रकैद तक की सजा मिल सकती है.
क्या था आसिया अंद्राबी का आतंकी संगठन और पाकिस्तान से इसके क्या थे गहरे कनेक्शन?
आसिया अंद्राबी ने ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ नाम का संगठन महिलाओं को गुमराह करने के लिए बनाया था. यह संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के महिला विंग के तौर पर काम करता था. जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तान का आतंकी हाफिज सईद आसिया को अपनी मुंहबोली बहन मानता था. एनआईए ने साल 2018 में आसिया अंद्राबी को गिरफ्तार किया था. तब से वह जेल में बंद है. यह संगठन कश्मीर में अलगाववादी जहर फैलाने का मुख्य केंद्र बन गया था. भारत सरकार ने इसकी खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए इसे काफी पहले ही प्रतिबंधित कर दिया था. संगठन का मुख्य मकसद घाटी की महिलाओं को हथियार उठाने के लिए उकसाना था.
क्या लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट से भी जुड़े हैं इस अलगाववादी गुट के तार?
इस मामले में एक और चौंकाने वाला और नया पहलू सामने आया है. पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास एक कार ब्लास्ट हुआ था. सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि इस हमले के तार ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ से जुड़े हो सकते हैं. इस मामले में गिरफ्तार आरोपी शहजादा अख्तर पर काफी गंभीर आरोप हैं. वह इस प्रतिबंधित संगठन को फिर से जमीन पर जिंदा करने की कोशिश कर रही थी. अगर यह लिंक पूरी तरह साबित होता है तो आसिया अंद्राबी की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
January 14, 2026, 17:28 IST

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