Largest Underground City: तुर्की के कप्पाडोसिया शहर में आपको हर तरफ हॉट एयर बैलून देखने को मिलेंगे. यहां की हल्की गुलाबी और शहद जैसी चट्टानें धूप आने पर चमचमाने लगती है, हालांकि इस शानदार नजारे के नीचे कुछ और आश्चर्यजनक चीज भी छुपी है. बता दें कि यहां सतह से 85 मीटर नीचे एक पूरा अंडरग्राउंड शहर था, जो कभी हजारों लोगों को आश्रय देता था. यह सदियों तक लोगों की नजरों से छिपा रहा.
धरती के नीचे बसा शहर
इस विशाल भूमिगत बस्ती को अब डेरिनकुयु के नाम से जाना जाता है. हजारों साल तक यह जगह लोगों के लिए काफी उपयोगी रही है. यह कोई सिंगल केव सिस्टम या टेंपररी रिफ्यूजी नहीं था बल्कि धरती में गहराई तक खोदी गई एक फंक्शनिंग सिटी थी. यहां कई महीनों तक लोग रहते थे. बता दें कि डेरिनकुयू दुनिया का सबसे बड़ा भूमिगत शहर है. इसे खुदाई करके खोजा गया है. 18 स्तरों में फैला यह शहर आज की गगनचुंबी इमारतों की ऊंचाई से भी ज्यादा गहरा है. सुरंगें, कक्ष और कमरे कप्पाडोसिया के नीचे मीलों तक फैले हुए हैं. इसमें कभी 20,000 लोग रहते थे.
200 से ज्यादा अंडरग्राउंड शहरों से जुड़ा शहर
'BBC' की रिपोर्ट के मुताबिक यह शहर कई सभ्यताओं के हाथों से गुजरा. सदियों से पहले फ्रिगियन,फारसी और बाद में बीजांटिन ईसाईयों ने इसका विस्तार किया और इसे एडेप्ट किया. 20वीं शताब्दी की शुरुआत में ग्रीको-युद्ध के दौरान कप्पाडोसियन यूनानी इस इलाके से भाग गए और लगभग रातोंरात इस अंडरग्राउंड शहर को छोड़ दिया. पुरातत्वविदों का मानना है कि डेरिनकुयु 200 से ज्यादा अंडरग्राउंड शहरों से जुड़ा हो सकता है, जो अनातोलियन मैदानों के नीचे एक सीक्रेट नेटवर्क बनाते हैं.
कैसे हुई खोज?
बता दें कि डेरिनकुयू सदियों तक लोगों की नजरों से गायब रहा. साल 1963 में इसकी खोज कोई सुनियोजित खुदाई का परिणाम नहीं थी, बल्कि एक घरेलू रहस्य थी. दरअसल एक स्थानीय निवासी अपने घर की दरार में बार-बार मुर्गियों के गायब होने से परेशान था. उसने इसकी जांच करने का फैसला किया और रेनोवेशन के दौरान उसने घर की दीवार के पीछे एक अंधेरा रास्ता खोजा. उस एंट्री गेट से 600 से ज्यादा गेट और मिले, जिनमें कई निजी घरों के अंदर छिपे हुए थे. खुदाई से जल्द ही एक अंडरग्राउंड वर्ल्ड का पता चला, जिसमें रहने के कमरे, फूड स्टोरेज, अस्तबल, गिरजाघर, स्कूल और शराबखाने जैसी संरचनाएं मौजूद थीं. साल 1985 में कप्पाडोसिया और उसके अंडरग्राउंड शहरों को UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज स्थल के रूप में मान्यता दी गई.

1 hour ago
