Last Updated:January 15, 2026, 10:15 IST
पश्चिम बंगाल में I-PAC पर ईडी की छापेमारी विवाद के बाद एजेंसी ने राज्य के डीजीपी राजीव कुमार को हटाने के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है. ईडी का आरोप है कि ममता बनर्जी और डीजीपी राजीव कुमार ने उसकी जांच में बाधा डालने का काम किया. सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को इस पूरे मामले पर सुनवाई होगी.
ईडी ने आई-पैक पर छापेमारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया है. चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था आईपैक पर ईडी की छापेमारी विवाद के बाद इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार को निलंबित करने किए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. गुरुवार को आईपैक पर ईडी की छापेमारी को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है. ईडी ने राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है. इस अर्जी में कार्मिक मंत्रालय और गृह मंत्रालय को अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की अपील की गई है.
8 जनवरी को शुरू हुआ विवाद
यह विवाद आठ जनवरी 2026 को शुरू हुआ था जब ईडी ने कोलकाता में I-PAC के ऑफिस और इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की. यह कार्रवाई लगभग 2,742 करोड़ रुपये के कोल पिल्फरेज (कोयला चोरी) घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में थी. ईडी का आरोप है कि छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं और डीजीपी राजीव कुमार के साथ पुलिस बल लेकर ईडी के अधिकारियों को काम करने से रोक दिया.
ममता बनर्जी ने कथित तौर पर दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल जब्त कर लिए, जिससे जांच बाधित हुई. ईडी ने इसे कानून की अवमानना और गंभीर अपराध बताया है. ईडी की नई अर्जी में डीजीपी राजीव कुमार के व्यवहार को खासतौर पर उजागर किया गया है. एजेंसी का कहना है कि जब वे कोलकाता पुलिस कमिश्नर थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ धरना दिया था. अब डीजीपी के पद पर वे फिर से जांच में बाधा डाल रहे हैं. ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने और जांच के निर्देश देने की मांग की है, साथ ही राज्य सरकार, मुख्यमंत्री, डीजीपी राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है.
बंगाल सरकार ने भी दाखिल किया कैविएट
वेस्ट बंगाल सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल किया है, ताकि बिना उनकी सुनवाई के कोई आदेश न हो. कलकत्ता हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है. वहां ईडी ने कहा कि उन्होंने कुछ भी जब्त नहीं किया- सब कुछ मुख्यमंत्री ने ले लिया. टीएमसी की याचिका पर हाईकोर्ट ने ईडी के बयान को दर्ज कर केस डिस्पोज कर दिया. यह मामला 2026 विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी और केंद्र के बीच टकराव को और तेज कर रहा है. ममता बनर्जी ने छापेमारी को टीएमसी को कमजोर करने की साजिश बताया है, जबकि ईडी इसे जांच में राज्य द्वारा व्यवस्थित बाधा मान रही है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
January 15, 2026, 09:41 IST

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