Last Updated:January 26, 2026, 20:04 IST
Russia India Offer: भारत ने रूसी तेल लेना कम किया तो पुतिन ने बड़ा दांव खेल दिया है. रूस अब भारत को 2022 के बाद सबसे सस्ते दाम पर तेल ऑफर कर रहा है. वह हर बैरल पर 10 डॉलर डिस्काउंट देने को तैयार है, लेकिन, भारत ने रूस के भरोसे रहने के बजाय ब्राजील से 70 लाख बैरल तेल की डील कर ली है.
रूस ने भारत को 10 डॉलर सस्ता तेल ऑफर किया है.नई दिल्ली/मॉस्को. अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों से घिरे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत को वापस अपने पाले में लाने के लिए ‘ऑफर पर ऑफर’ दे रहे हैं. अमेरिका की धमकियों के बीच भारत ने जैसे ही रूसी तेल खरीदना कम किया, तो रूस ने अपना खजाना खोल दिया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस अब भारत को कच्चा तेल 2022 के बाद सबसे भारी डिस्काउंट पर देने को तैयार हो गया है. लेकिन भारत का गेम प्लान बिल्कुल अलग है.
सूत्रों के मुताबिक, फरवरी महीने के लिए रूस ने अपने यूराल क्रूड पर करीब 10 डॉलर प्रति बैरल की छूट ऑफर की है. यह डिस्काउंट पिछले साल के मुकाबले 3 से 5 डॉलर प्रति बैरल ज्यादा है. 2022 के बाद यह पहली बार है जब भारतीय बंदरगाहों पर रूसी तेल इतने सस्ते दाम और इतने बड़े अंतर पर मिल रहा है. रूस की कोशिश है कि इस भारी छूट के लालच में भारतीय रिफाइनरियां फिर से ज्यादा तेल खरीदना शुरू कर दें.
वजह भी जान लीजिए
रूस की इस दरियादिली के पीछे उसकी मजबूरी है. 2025 के अंत में अमेरिका ने रूस की दिग्गज कंपनियों लुकोइल और रोसनेफ्ट पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे. अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाने के लिए भारतीय सामानों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ भी लगा दिया था, जिसका सीधा कारण भारत द्वारा रूसी तेल खरीदना बताया गया था. इस दबाव का असर दिखा और नई दिल्ली ने पिछले दो महीनों में रूस से तेल का आयात काफी कम कर दिया.
भारत ने खोजा रूस का विकल्प
जहां एक तरफ पुतिन छूट पर छूट दे रहे हैं, वहीं भारत ने ‘सेफ गेम’ खेलना शुरू कर दिया है. पश्चिमी देशों के दबाव के बीच भारत अब रूस के विकल्प तलाश रहा है. भारत की सबसे बड़ी रिफाइनरी इंडियन ऑयल कॉर्प ने रूस की जगह ब्राजील का रुख किया है. सूत्रों के मुताबिक, मार्च महीने के लिए IOC ने रूसी तेल को रिप्लेस करने के लिए ब्राजील की कंपनी ‘पेट्रोब्रास’ और अन्य जगहों से 70 लाख बैरल तेल खरीदा है.
अमेरिका हुआ खुश, टैरिफ हटने के संकेत
भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद घटाने से अमेरिका खुश नजर आ रहा है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैरिफ हटाया जा सकता है, क्योंकि भारत ने रूसी तेल के आयात में भारी कटौती की है. अब गेंद भारत के पाले में है. एक तरफ रूस का ‘सस्ता तेल’ है जो 10 डॉलर के डिस्काउंट पर मिल रहा है, और दूसरी तरफ अमेरिका का बाजार और रणनीतिक रिश्ते. रूस की कोशिश है कि डिस्काउंट देकर भारत को रोका जाए, लेकिन भारत ब्राजील जैसे नए दोस्तों के साथ अपने ऊर्जा बास्केट को डायवर्सिफाई कर रहा है.
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First Published :
January 26, 2026, 20:04 IST

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