फिर मंडराए हमले के बादल? ईरान पर गरजे ट्रंप, बोले- उन्हें बात माननी ही होगी वरना...

1 hour ago

Trump warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समझना अक्सर नामुमकिन सा हो जाता है. वो कब अपना मूड बदल लें कोई नहीं जानता. ताजा मामले की बात करें तो ट्रंप कैरेट एंड स्टिक पॉलिसी पर चलते हुए ईरान को कभी धमका रहे हैं तो कभी प्यार से समझा रहे हैं. ताजा मामले में बोर्ड ऑफ पीस इवेंट में उन्होंने ईरान के जारी टकराव जल्द खत्म होने की उम्मीद जताई है. ट्रंप ने कहा, 'अब समय आ गया है कि ईरान हमारे साथ उस रास्ते पर चले जो क्षेत्र में हमारे शांति स्थापित करने के प्रयासों को पूरा करेगा'.

ईरान को धमकी

ट्रंप ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए यह भी कहा कि अगर ईरान हमारे साथ जुड़ता है, तो ये सब के लिए बहुत अच्छा होगा. वहीं अगर वो हमारे साथ नहीं जुड़ते हैं, तो भी बहुत अच्छा होगा. हालांकि लेकिन ऐसा हुआ तो शांति बहाली का रास्ता एकदम अलग होगा. वो हमेशा के लिए पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में नहीं रख सकते हैं. उन्हें एकदिन समझौता करना ही होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे.'

यह भी पढ़ें- दुनिया की आंखों में धूल झोंक न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा चीन, अमेरिकी सैटेलाइट भी नहीं लगा पाए पता? 

Add Zee News as a Preferred Source

चीन जा रहे ट्रंप आखिर कहना क्या चाहते हैं?

बोर्ड ऑफ पीस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा, 'राष्ट्रपति शी के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं. मैं अप्रैल में चीन जा रहा हूं. यह एक रोमांचक यात्रा होगी. पिछली बार जब मैं चीन गया था, तो राष्ट्रपति शी ने मेरा बहुत अच्छे से स्वागत किया था. उन्होंने मुझे पावर शो दिखाया. मैंने इतने सारे सैनिकों को एक ही कद का, बिल्कुल एक ही कद का कभी नहीं देखा था. मैंने कहा था, अगर वे अपने हेलमेट उतार दें, तो आप उनके सिर के ऊपर पूल खेल सकते हैं और यह वाकई अद्भुत था.'

चीन जा रहे हैं और वहीं के सैनिकों की शारीरिक बनावट का मजाक उड़ा रहे हैं. सिर के ऊपर पूल खेलने की बात कर रहे हैं.

चीन दौरे के मायने

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप जानते हैं कि ईरान को अंदरखाने रूस और चीन दोनों का समर्थन है.

अमेरिका को बखूबी पता है कि चीन और रूस दोनों पारंपरिक रूप से मित्र देश हैं.

डोनाल्ड ट्रंप एक साथ कई बड़े मोर्चों पर अपनी फौज का नहीं फंसाना चाहते हैं. 

अमेरिका चाहे कुछ करें लेकिन अगर यूरोप चुप हो जाए जैसा कि ट्रंप के ग्रीनलैंड प्लान पर फ्रांस ऐसे देश नाराज हैं और उनके पीस बोर्ड में भी अबतक मात्र तीन छोटे देशों ने सहमति जताई है. यानी यूरोप चुप रहे और रूस और चीन दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश अमेरिका को घेर ले तो उनको मुश्किल हो जाएगी.

Read Full Article at Source