बंगाल में SIR पर जारी बवाल, अखिलेश यादव क्यों पहुंचे कोलकाता? ममता से मुलाकात के सियासी मायने

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Last Updated:January 27, 2026, 17:01 IST

Akhilesh Yadav Mamata Banerjee Meeting: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर सियासी बवाल तेज हो गया है. इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव कोलकाता पहुंचे और चुनाव आयोग व भाजपा पर तीखा हमला बोला है. मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से उनकी मुलाकात प्रस्तावित है, जिसे विपक्षी एकजुटता और SIR विरोध की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.

SIR पर जारी बवाल, अखिलेश क्यों पहुंचे कोलकाता? ममता से मुलाकात के सियासी मायनेसमाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का कोलकाता पहुंचना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज होता जा रहा है. इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का कोलकाता पहुंचना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. अखिलेश यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करने वाले हैं. इस मुलाकात को विपक्षी एकजुटता और SIR के खिलाफ साझा रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.

अखिलेश यादव सोमवार को अपनी पत्नी और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव के साथ कोलकाता पहुंचे. वे यहां एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने आए हैं, लेकिन इसी दौरान नबन्ना में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से उनकी मुलाकात तय मानी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें चुनाव आयोग, SIR और विपक्ष के साझा रुख पर भी चर्चा हो सकती है.

SIR को लेकर अखिलेश का हमला
कोलकाता पहुंचते ही अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर देशभर में मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है. अखिलेश यादव ने कहा कि चाहे बिहार हो, उत्तर प्रदेश हो या पश्चिम बंगाल-हर जगह मतदाताओं को वोट देने से अलग-थलग किया जा रहा है. मतदान के अवसर बढ़ाने के बजाय लोगों को सूची से बाहर करने की कोशिश हो रही है. सभी विपक्षी दल इस साजिश का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भी SIR के जरिए रची गई रणनीति सफल नहीं होगी.

डिजिटल इंडिया की बात, लेकिन सॉफ्टवेयर समझ नहीं
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की तकनीकी तैयारियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भाजपा डिजिटल इंडिया की बात तो करती है, लेकिन चुनाव आयोग अपने ही सॉफ्टवेयर और ऐप को ठीक से समझ नहीं पा रहा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, भाजपा डिजिटल इंडिया की बात करती है, लेकिन चुनाव आयोग उनके सॉफ्टवेयर और ऐप को समझ ही नहीं पा रहा है. इससे साफ है कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है.

ममता बनर्जी के समर्थन में उतरे अखिलेश
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले भी ममता बनर्जी से हार चुके हैं और आगे भी हारेंगे. उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में भाजपा फिर हारेगी. ईडी पहले दीदी से हार चुकी है और अब फिर हार गई है. तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी सलाहकार संस्था I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) पर ईडी की छापेमारी का हवाला देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, दीदी ईडी की पेन ड्राइव लेकर आई हैं. भाजपा उस पेन ड्राइव को कभी नहीं भूल सकती.

कोलकाता दौरे के सियासी मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अखिलेश यादव का कोलकाता दौरा केवल पारिवारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है. SIR को लेकर जिस तरह से विपक्षी दल चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, उसमें ममता बनर्जी और अखिलेश यादव की मुलाकात 2026 के पश्चिम बंगाल चुनाव और 2029 की राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है. SIR के मुद्दे पर पहले ही तृणमूल कांग्रेस खुलकर विरोध जता चुकी है और अब समाजवादी पार्टी का समर्थन इस लड़ाई को और धार देता दिख रहा है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे पर संयुक्त आंदोलन या साझा रणनीति बना सकता है.

बीजेपी पर लगातार हमलावर अखिलेश
कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरते ही अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और मतदाता सूची में बदलाव उसी का हिस्सा है. अखिलेश यादव का यह दौरा साफ संकेत देता है कि SIR मुद्दे पर विपक्षी राजनीति अब राज्य की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर टकराव की ओर बढ़ रही है.

Location :

Kolkata,West Bengal

First Published :

January 27, 2026, 17:01 IST

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SIR पर जारी बवाल, अखिलेश क्यों पहुंचे कोलकाता? ममता से मुलाकात के सियासी मायने

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