Last Updated:January 21, 2026, 16:54 IST
एक तरफ सुप्रीम कोर्ट में डॉग लवर्स बेजुबानों के हक की पैरवी कर रहे हैं, वहीं हैदराबाद में इंसानियत शर्मसार हुई है. याचाराम गांव में करीब 100 कुत्तों को जहर देकर मार दिया गया. आरोप है कि सरपंच ने चुनावी वादे निभाने के लिए इस नरसंहार को अंजाम दिया. पुलिस ने सरपंच और सचिव समेत तीन लोगों पर केस दर्ज किया है. तेलंगाना में जनवरी से अब तक 500 से ज्यादा कुत्ते मारे जा चुके हैं.
तेलंगाना में लगातार कुत्तों की हत्या के मामले सामने आ रहे हैं. इधर सुप्रीम कोर्ट में ‘डॉग लवर्स’ कर रहे पैरवी, वहां हैदराबाद के पास 100 कुत्तों का बेरहम ‘नरसंहार’
हैदराबाद: एक तरफ देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर लंबी कानूनी बहस चल रही है, वहीं दूसरी ओर तेलंगाना की गलियों में बेजुबानों का खून बह रहा है. हैदराबाद के पास याचाराम गांव से रूह कपा देने वाली खबर आई है. यहां करीब 100 लावारिस कुत्तों को कथित तौर पर जहर देकर मौत के घाट उतार दिया गया. इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस सामूहिक हत्या ने पूरे देश के पशु प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है.
यह मामला तब सामने आया जब स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया के एक कार्यकर्ता ने पुलिस में गुहार लगाई. आरोप है कि 19 जनवरी को इन बेजुबानों के शरीर में जहरीला पदार्थ इंजेक्ट किया गया था. इस डेथ वारंट पर हस्ताक्षर किसी अपराधी के नहीं बल्कि गांव के चुने हुए प्रतिनिधियों के होने का शक है. पुलिस ने मामले में सरपंच, सचिव और वार्ड सदस्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. तेलंगाना में यह कोई पहली घटना नहीं है, जनवरी की शुरुआत से अब तक करीब 500 कुत्तों को इसी तरह मौत की नींद सुलाया जा चुका है.
वोट के लिए बेजुबानों की बलि
जांच में सबसे भयावह पहलू यह सामने आया है कि इन हत्याओं का सीधा संबंध ग्राम पंचायत चुनाव से हो सकता है. आरोप है कि सरपंचों ने चुनाव जीतने के लिए ग्रामीणों से वादा किया था कि वे गांव को कुत्तों के आतंक से मुक्त करेंगे. अब अपनी सत्ता की कुर्सी सुरक्षित रखने के लिए वे इन मासूमों की बलि चढ़ा रहे हैं. कानून के रखवाले ही अब कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में 50 कुत्तों के शवों की पुष्टि हुई है लेकिन शिकायत के अनुसार संख्या 100 है. हनमकोंडा और कामारेड्डी में भी इसी तरह का पैटर्न देखा गया है, जहां निर्वाचित प्रतिनिधियों ने कथित तौर पर जहर का इस्तेमाल कर कुत्तों को साफ कर दिया. हैदराबाद की यह घटना व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है. क्या सत्ता के वादे निभाने के लिए बेजुबानों का कत्लेआम जायज है? जहां देश की सबसे बड़ी अदालत एक-एक जीवन की गरिमा की बात कर रही है, वहां जमीनी स्तर पर ऐसी क्रूरता सभ्य समाज के माथे पर कलंक है.
बेजुबानों की हत्या और कानून
1. सवाल: क्या आवारा कुत्तों को मारना कानूनी रूप से सही है?
जवाब: बिल्कुल नहीं. पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत किसी भी स्वस्थ कुत्ते को मारना अपराध है. केवल गंभीर रूप से बीमार या पागल कुत्तों को ही डॉक्टरों की सलाह पर मानवीय तरीके से ‘इच्छामृत्यु’ दी जा सकती है.2. सवाल: याचाराम मामले में पुलिस ने किन धाराओं के तहत कार्रवाई की है?
जवाब: पुलिस ने सरपंच और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है. इसमें भारी जुर्माने के साथ जेल की सजा का प्रावधान है.3. सवाल: अगर कुत्ते लोगों को काटते हैं तो समाधान क्या है?
जवाब: सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एकमात्र समाधान ‘एनिमल बर्थ कंट्रोल’ (ABC) है. इसके तहत कुत्तों की नसबंदी और रेबीज टीकाकरण (ARV) किया जाना अनिवार्य है.4. सवाल: क्या पंचायत के पास कुत्तों को जहर देने का अधिकार है?
जवाब: नहीं, पंचायत या स्थानीय निकाय के पास केवल नसबंदी कराने का अधिकार है. जहर देकर हत्या करना ‘क्रिमिनल एक्ट’ की श्रेणी में आता है.5. सवाल: इस पूरे मामले में ‘डॉग लवर्स’ की क्या भूमिका है?
जवाब: कार्यकर्ता ही इन मामलों को उजागर कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं भी इन्हीं कार्यकर्ताओं द्वारा दायर की गई हैं ताकि सरकारों को नसबंदी कार्यक्रम सख्ती से लागू करने के लिए मजबूर किया जा सके.
चुनावी वादे या खूनी खेल? जानें पूरा मामला
| याचाराम, हैदराबाद | 100 (आरोप) / 50 (पुष्टि) | सरपंच, सचिव और वार्ड सदस्य | BNS के तहत केस दर्ज |
| हनमकोंडा जिला | लगभग 300 | 9 लोग (2 महिला सरपंचों समेत) | शायमपेट पुलिस द्वारा बुकिंग |
| कामारेड्डी जिला | लगभग 200 | 6 लोग (5 सरपंच शामिल) | हत्या के आरोप में मामला दर्ज |
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और...और पढ़ें
Location :
Hyderabad,Telangana
First Published :
January 21, 2026, 16:54 IST

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