'भाजपा नेताओं को जिंदा गाड़ दूंगा... बदला लेने में यकीन', ऐसा बयान देने वाले अरुणाभ सेन कौन हैं?

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Last Updated:January 12, 2026, 10:52 IST

Arunabh Sen Threat BJP Leader: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं. इलेक्‍शन डेट करीब आने के साथ ही प्रदेश की सियासत भी गर्मा गई है. मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा आमने-सामने है. दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर तेज हो गया है.

भाजपा नेताओं को जिंदा गाड़ दूंगा... ऐसा बयान देने वाले अरुणाभ सेन कौन हैं?Arunabh Sen Threat BJP Leader: पश्चिम बंगाल के एक नेता अरुणाभ सेन ने भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को पीटने और जिंदा दफनाने की धमकी दी है. (@ArunavasenAITC के X अकाउंट से साभार)

Arunabh Sen Threat BJP Leader: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तिथियां पास आते ही राजनीतिक हलचल भी तेज हो चुकी है. सत्‍तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी का दौर चल रहा है. I-PAC पर ED की छापेमारी और मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के पुरजोर विरोध के बाद प्रदेश का सियासी तापमान सातवें आसमान पर पहुंच चुका है. अब पश्चिम बंगाल के एक नेता ने ऐसा बयान दिया है, जिससे भाजपा और टीएमसी के बीच तकरार और बढ़ गई है. इस नेता ने कहा कि साल 2026 में मैं पहले भाजपा नेताओं को पीटूंगा और फिर उन्‍हें जिंदा दफना दूंगा. बंगाल के नेता का यह बयान अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. हिंसा की बात करने वाले इस नेता की पहचान अरुणाभ सेन के तौर पर की गई है.

अब सवाल उठता है कि भाजपा नेताओं को जिंदा दफनाने की बात करने वाले अरुणाभ सेन कौन हैं? भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को खुली धमकी देने वाले अरुणाभ सेन सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के नेता हैं. वे हावड़ा के बागनान इलाके से विधायक भी हैं. बीजेपी के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता प्रदीप भंडारी ने अपने एक्‍स हैंडल से अरुणाभ का कथित धमकी वाला वीडियो शेयर किया है. भाजपा प्रवक्‍ता ने कहा, ‘2026 में मैं भाजपा नेताओं की पिटाई करूंगा और उन्हें ज़िंदा दफना दूंगा…टीएमसी विधायक अरुणाभ सेन ने भाजपा कार्यकर्ताओं को खुली धमकी दी है. हार के डर से ‘महाजंगलराज’ की टीएमसी के गुंडे राज्य प्रायोजित हिंसा और आतंक का सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं. 2026 में यह लड़ाई बंगाल बनाम टीएमसी के महाजंगलराज की होगी.’

अरुणाभ के बयान से विवाद

हावड़ा जिले के बागनान इलाके में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक के एक बयान ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. बागनान से टीएमसी विधायक और हावड़ा ग्रामीण तृणमूल अध्यक्ष अरुणाभ सेन ने कथित तौर पर धमकी दी कि अगर हिंदी भाषी नेताओं को इलाके में बैठक के लिए लाया गया तो वे स्थानीय नेताओं के घर गिरा देंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं बदला लेने में विश्वास करता हूं. बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में बंगाली भाषा बोलने पर लोगों के साथ मारपीट हो रही है. वहीं के नेता बंगाल आकर साजिश करेंगे. जिस दिन वे यहां बैठक करेंगे, उसके अगले दिन मैं खुद खड़ा होकर घर गिरा दूंगा. 2026 में ममता बनर्जी मना भी करेंगी, तब भी मैं नहीं सुनूंगा.’ इस बयान पर स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा नेताओं ने कहा कि वे भी किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं. इस बयान के बाद बागनान और आसपास के इलाकों में राजनीतिक तनाव साफ तौर पर देखा जा रहा है.

सियासी पारा है हाई

इसी बीच, I-PAC कार्यालय और इसके चीफ प्रतीक बनर्जी के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर भी राज्य में सियासी पारा चढ़ा हुआ है. तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि ईडी ने पार्टी की रणनीति, उम्मीदवारों की सूची और एसआईआर से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं. वहीं, ईडी का दावा है कि कोयला घोटाले से जुड़े अहम दस्तावेज तृणमूल से जुड़े लोगों ने छीन लिए. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला दर्ज किया गया है. इस संदर्भ में तृणमूल नेता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर एक कथित चैट का स्क्रीनशॉट साझा किया है. इस चैट में दावा किया गया है कि विभिन्न राज्यों से ईडी के वरिष्ठ अधिकारी कोलकाता पहुंचने वाले हैं और सीजीओ कॉम्प्लेक्स में आपात बैठक बुलाई गई है. कुणाल ने सवाल उठाया कि क्या AIPAC कार्यालय की तलाशी किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है और क्या ईडी की गतिविधियां केंद्रीय गृह मंत्रालय से नियंत्रित हो रही हैं. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

भाजपा भी एक्टिव

राजनीतिक घमासान के बीच विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी रविवार को जुलूस निकाला. जुलूस के बाद उन्होंने कहा कि 2026 का चुनाव ‘चोरों को छोड़ने’ का चुनाव होगा. उन्होंने दावा किया कि भाजपा सत्ता में आई तो भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को जेल भेजा जाएगा. एक ओर तीखे बयानों, दूसरी ओर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और सड़कों पर उतरती राजनीति ने पश्चिम बंगाल के सियासी माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें

Location :

Kolkata,West Bengal

First Published :

January 12, 2026, 10:33 IST

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