Last Updated:February 09, 2026, 21:26 IST
रेलवे ट्रेनों की भीड़ कम करने के लिए तमाम कदम उठा रही है,जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिल सके. इसके लिए लाइन की क्षमता बढ़ाई जा रही है, सुरक्षा और बेहतर की जा रही है. इस कदम से यात्रियों व माल ढुलाई में तेजी आएगी.

नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ट्रेनों की भीड़ कम करने के लिए तमाम कदम उठा रही है,जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिल सके. इसके लिए लाइन की क्षमता बढ़ाई जा रही है, सुरक्षा और बेहतर की जा रही है. इस कदम से यात्रियों व माल ढुलाई में तेजी आएगी. ये प्रोजेक्ट्स साउथर्न, नॉर्दर्न और साउथ ईस्टर्न रेलवे में हैं, जिनमें लाइन डबलिंग, थर्ड-फोर्थ लाइन, बायपास और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम शामिल हैं. कुल लागत करीब 2,400 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
झारखंड में बारबेंडा-दमरुघुटू डबलिंग और दमरुघुटू-बोकारो स्टील सिटी थर्ड-फोर्थ लाइन प्रोजेक्ट (815.32 करोड़ रुपये) बहुत महत्वपूर्ण है. ये एनर्जी, मिनरल और सीमेंट कॉरिडोर का हिस्सा है. अभी लाइन 108% इस्तेमाल पर चल रही है, ट्रेनें 90-150 मिनट लेट होती हैं. ये काम पूरा होने से कोयला, सीमेंट, स्टील प्लांट्स और पेट्रोल डिपो तक माल ढुलाई आसान होगी, और 2028-29 तक क्षमता 132% होने से बचेगी.नॉर्दर्न रेलवे में 34 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (421.41 करोड़ रुपये) लगेगी, जिसमें दिल्ली डिवीजन के 21 और अंबाला के 13 स्टेशन शामिल हैं. ये कवच सिस्टम के साथ मिलकर ट्रेनों को सुरक्षित और तेज चलाएगी, ज्यादा ट्रेनें चल सकेंगी.
पंजाब में राजपुरा बायपास लाइन (13.46 किमी, 411.96 करोड़ रुपये) से अंबाला-जालंधर सेक्शन की भीड़ कम होगी. फ्रेट ट्रेनें राजपुरा यार्ड को बायपास कर डीएफसी से सीधे जा सकेंगी, जिससे माल ढुलाई तेज और आसान होगी.केरल में अलप्पुझा-अंबलपुझा डबलिंग (12.66 किमी, 324.16 करोड़ रुपये) से एर्नाकुलम-कायमकुलम रूट पर सिंगल लाइन की समस्या खत्म होगी.
रोज 9 अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेनें चलेंगी, फ्रेट क्षमता 2.88 मिलियन टन बढ़ेगी और सालाना 3.23 करोड़ कमाई होगी.पलक्कड़ टाउन-पर्ली बायपास (1.80 किमी, 163.57 करोड़ रुपये) से पलक्कड़ जंक्शन पर इंजन रिवर्सल खत्म होगा, पैसेंजर ट्रेनों की 40-44 मिनट और फ्रेट की 120 मिनट देरी कम होगी. तमिलनाडु में इरुगुर-पोडनूर डबलिंग (10.77 किमी, 277.42 करोड़ रुपये) से चेन्नई-तिरुवनंतपुरम कॉरिडोर मजबूत होगा. रोज 15 अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेनें चलेंगी, फ्रेट 3.12 मिलियन टन बढ़ेगा और सालाना 11.77 करोड़ कमाई होगी. इससे कोयंबटूर जैसे इंडस्ट्रियल एरिया को फायदा होगा.
Location :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
February 09, 2026, 21:26 IST

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