Last Updated:February 21, 2026, 13:36 IST

बीते चार दशक में चीन की प्रगति की रफ्तार ने पूरी दुनिया की तस्वीर बदल दी है. आज चीन अमेरिका के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. वहां प्रति व्यक्ति आय 14 हजार डॉलर है. यानी वहां का हर एक आदमी प्रति वर्ष 13.30 लाख रुपये कमाता है. वहीं भारत की बात करें तो हमने भी चीन के साथ ही अपनी यात्रा शुरू की थी. हम 1947 में आजाद हुए जबकि चीन 1949 में आजाद हुआ. आजादी के बाद शुरुआती दो दशकों में तमाम मानकों पर हम चीन से बेहतर थे. रिपोर्ट के मुताबिक 1950 में भारत और चीन की इकोनॉमी का आकार करीब 30 बिलियन डॉलर का था. उस वक्त भारत में प्रति व्यक्ति आय करीब 60 डॉलर थी जबकि चीन में यह आंकड़ा केवल 50 डॉलर सालाना था.
फिर 1960 के दशक में चीन में आए अकाल ने उसे तबाह कर दिया. ऐसे में उसकी स्थिति और खराब हो गई. वहीं भारत धीमी गति से ही सही आगे बढ़ता रहा. इस कारण 1980 के दशक आते-आते भारत कई आर्थिक मानकों पर चीन से आगे था. 1980 में भारत की प्रति व्यक्ति आय 266 डॉलर था वहीं चीन में प्रति व्यक्ति आय केवल 195 था.
तमिलनाडु की विकास की कहानी
खैर, इतिहास को यही रोकते हैं. बीते चार दशक में समय का पहिया पूरी तरह धूम चुका है. आज स्थिति यह है कि चीन दुनिया के बादशाह कहलाने वाले अमेरिका को हर एक मामले में टक्कर दे रहा है. लेकिन, ऐसा नहीं है कि भारत पूरी तरह फिसड्डी साबित हुआ है. विविधताओं से भरे इस मुल्क के कई राज्यों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. ये कुछ राज्य सीधे तौर पर चीन की प्रगति को चुनौती दे रहे हैं. इसमें एक सबसे प्रमुख राज्य का नाम है तमिलनाडु. सुदूर दक्षिण के इस राज्य ने विकास की एक ऐसी गाथा लिखी है जिससे उत्तर भारत के राज्यों खासकर बिहार और यूपी को काफी कुछ सीखने की जरूरत है.
तमिलनाडु भारत के सबसे विकसित राज्यों में एक है. इसे ‘भारत का दक्षिण कोरिया’ या फिर ‘भारत का चीन’ कहा जाता है. क्योंकि तमिलनाडु ने विकास का वही मॉडल अपनाया जिसके दम पर चीन आर्थिक सुपर पावर बना है. तमिलनाडु में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की सफलता ने देश के तमाम अन्य राज्यों को एक बड़ी सीख दी है. इस वक्त तमिलनाडु ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रिक वेहिकल सेक्टर का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है. चेन्नई की ऑटो इंडस्ट्री दुनिया को चुनौती दे रही है. इसी तरह तिरुपुर की टेक्सटाइल इंडस्ट्री दुनिया में फेमस हो चुकी है. होसुर भी इलेक्ट्रिक वेहिकल केंद्र के रूप में उभर रहा है.
तमिलनाडु का प्रति व्यक्ति आय
आज तमिलनाडु में प्रति व्यक्ति आय करीब साढ़े चार हजार डॉलर यानी करीब चार लाख रुपये सालाना है. वहीं बिहार की प्रति व्यक्ति आय करीब 75 हजार रुपये सालाना है. यानी तमिलनाडु और बिहार में प्रति व्यक्ति आय के मामले में फासला 6 से 7 गुने का है. इसी तरह यूपी में प्रति व्यक्ति आय करीब 1.20 लाख रुपये सालाना है. यानी तमिलनाडु के लोग यूपी के लोगों से भी करीब चार गुना अमीर हैं.
चीन और तमिलनाडु की तुलना
प्रति व्यक्ति आय के हिसाब से तमिलनाडु और चीन दोनों उच्च मध्य वर्ग आय वाले समूह में आते हैं. हालांकि चीन का प्रति व्यक्ति आय तमिलनाडु से करीब तीन गुना है. भारत की बात करें तो देश का औसत प्रति व्यक्ति आय करीब तीन हजार डॉलर है. आज तमिलनाडु में देश की कुल 16 फीसदी फैक्टरियां हैं, जो किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक है. यह राज्य ऑटोमोबाइल, लेदर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में देश का लीडर है. यहां के टोटल वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 40 फीसदी से अधिक है. कुछ ऐसी ही कहानी चीन की है. वहां भी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ी संख्या में महिलाएं काम करती हैं. ऐसी भी रिपोर्ट है कि जो कंपनियां विभिन्न कारणों से चीन से अपनी मैन्युफैक्चरिंग कहीं और ले जाना चाहती हैं उनके लिए भारत के तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्य सबसे पसंदीदा जगह हैं.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
February 21, 2026, 13:36 IST

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