US-Israel-Iran Conflict: ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य बिल्ड-अप पर कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी हमले को पूरी तरह से युद्ध माना जाएगा और इसका जवाब सबसे कठोर तरीके से दिया जाएगा. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इजराइल को बताया कि ईरान की सेना हाई अलर्ट पर है और किसी भी संभावित हमले के लिए पूरी तरह तैयार है.
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में सैन्य मौजूदगी बढ़ाई
अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है. USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ तीन डिस्ट्रॉयर और लगभग 5700 अतिरिक्त सैनिक फारस की खाड़ी में तैनात किए जा रहे हैं. इसके अलावा F-15E स्ट्राइक ईगल्स और ब्रिटिश टाइफून जेट्स कतर में तैनात किए गए हैं.
पिछले साल ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिका समर्थित हमलों के बाद इस क्षेत्र में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी बेड़ा सिर्फ एहतियात के लिए है, लेकिन ईरान की हर गतिविधि पर करीबी नजर रखी जा रही है. बता दें, ईरान में घरेलू संकट भी जारी है, जहां आर्थिक मुश्किलों और राजनीतिक दमन के खिलाफ दिसंबर के अंत से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों में अब तक 5032 लोग मारे गए और 27600 से अधिक हिरासत में लिए गए.
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अमेरिका और इजराइल को ईरान ने दी चेतावनी
ईरानी सैन्य अधिकारियों ने इस अशांति को विदेशी दखल से जोड़ा है. ईरानी गार्ड्स कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर ने अमेरिका और इजराइल को गलत अनुमान लगाने से बचने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि ईरान पहले से कहीं अधिक तैयार है और सुप्रीम कमांडर-इन-चीफ के आदेशों के तहत किसी भी हमले का सबसे कठोर जवाब देगा. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी उच्च सतर्कता बनाए रखते हुए सबसे कड़ी प्रतिक्रिया की तैयारी की है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने विरोध प्रदर्शनों का लाभ उठाकर अमेरिका और इजराइल पर 12-दिवसीय युद्ध में हार का बदला लेने का आरोप लगाया है.

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