सर्दियों में गुड़ की बढ़ती मांग के साथ बाजार में केमिकल युक्त मिलावटी गुड़ भी बिक रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार चमकीला पीला गुड़ अक्सर ‘हाइड्रो सल्फाइड’ या सल्फर डाइऑक्साइड जैसे रसायनों से तैयार किया जाता है जो लीवर, किडनी और सांस की सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं. डॉ. संजीव कुमार पाठक बताते है कि शुद्ध गुड़ गहरे रंग का और प्राकृतिक स्वाद वाला होता है. बेहतर गुणवत्ता के लिए किसानों को गन्ने की अच्छी किस्में चुनकर प्राकृतिक शोधक ‘देवला’ का उपयोग करना चाहिए. रस को पहले 50°C पर गरम कर देवला डालें, मैल हटाएं, फिर 120-122°C तक पकाकर गाढ़ा करें. ऑर्गेनिक तरीके से बना गुड़ ज्यादा सुरक्षित, पौष्टिक और बाजार में अधिक दाम दिलाने वाला होता है.
मिलावटी गुड़ से सावधान! चमकदार रंग हो सकता है सेहत के लिए खतरनाक, ऐसे पहचानें शुद्ध गुड़
1 month ago
- Homepage
- News in Hindi
- मिलावटी गुड़ से सावधान! चमकदार रंग हो सकता है सेहत के लिए खतरनाक, ऐसे पहचानें शुद्ध गुड़


