Last Updated:February 03, 2026, 08:16 IST
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भारत-अमेरिका के साथ ट्रेड की घोषणा की आलोचना की है. Congress Jairam Ramesh Criticised India-US Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन बातचीत के बाद तत्काल डील हो गई, जिसमें अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करेगा. भारत रूसी तेल की खरीद रोककर अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदेगा, साथ ही अमेरिकी उत्पादों में 500 अरब डॉलर से अधिक की खरीदारी करेगा. पीएम मोदी ने भी एक्स पर इसे स्वागतयोग्य बताया और दोनों लोकतंत्रों के सहयोग पर जोर दिया.
लेकिन इस घोषणा की कांग्रेस ने तीखी आलोचना की. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर ट्रंप की घोषणा को ‘ट्रंप पर डिपेंडेंसी’ करार दिया. उन्होंने लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर की रोक का ऐलान वाशिंगटन से हुआ. रूस और वेनेजुएला से तेल खरीद के अपडेट भी वाशिंगटन से आए. अब भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान भी वाशिंगटन से. राष्ट्रपति ट्रंप को प्रधानमंत्री मोदी पर स्पष्ट रूप से कुछ लीवरेज है. पीएम मोदी ट्रंप का सामना नहीं करना चाहते थे. गले लगने की बात तो दूर थी. लेकिन, अब लगता है मोदी जी आखिरकार ट्रंप के सामने झुक गए हैं. यह ‘फादर ऑफ ऑल डील्स’ नहीं हो सकता. वाशिंगटन में स्पष्ट रूप से यह धारणा है कि मोगैंबो खुश है. जयराम रमेश का यह पोस्ट वायरल हो रहा है.
भारत को क्या-क्या फायदें
इस डील के बाद भारतीय निर्यातकों के लिए एक बार फिर अमेरिका के बाजार मुफीद हो जाएंगे. भारी टैरिफ की वजह से लेदर, टेक्सटाइल, डायमंड जैसे सेक्टर में तो परेशानियां आई थी वो अब दूर हो जाएंगे. ऐसे में विपक्ष और जयराम रमेश जैसे नेता सरकार की आलोचना क्यों कर रहे हैं. टैरिफ के नजरिये से देखें तो भारत यह टैरिफ दर प्रतियोगी देशों की तुलना में काफी कम है. इंडोनेशिया पर अमेरिकी टैरिफ 19 फीसदी, वियतनाम पर 20 फीसदी, बांग्लादेश पर 20 फीसदी और चीन पर 34 फीसदी है.
कांग्रेस के अन्य नेता मनीष तिवारी ने भी इस संभावित डील की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने अपने एक पोस्ट में लिखा है. रूस से तेल की खरीद बंद. अमेरिकी इंपोर्ट पर कोई टैरिफ नहीं. अमेरिका को भारतीय निर्यात पर 18 फीसदी टैरिफ. भारत अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर का एनर्जी, टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर और कोल प्रोडक्ट खरीदेगा. उन्होंने सवाल उठाया है कि भारत की स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी का क्या हुआ?
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
February 03, 2026, 08:16 IST

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