युद्धग्रस्त यमन में सत्ता पलटी, पीएम बिन ब्रिक आउट; सऊदी या यूएई- कौन चला रहा रिमोट?

1 hour ago

Salem Bin Braik: यमन को लेकर सऊदी अरब और UAE के बीच तनाव बढ़ रहा है. इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यमन के प्रधानमंत्री सलेम बिन ब्रिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनका इस्तीफा सऊदी समर्थित प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) ने स्वीकार भी कर लिया गया है. उनकी जगह पर विदेश मंत्री जिदानी उनके उत्तराधिकारी बने. 

कौन बना यमन का नया पीएम
JPost की रिपोर्ट के मुताबिक इस्तीफे के बाद, विदेश मंत्री शाया मोहसेन जिंदानी को यमन का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया और उन्हें अगली सरकार बनाने का काम सौंपा गया, नई कैबिनेट की बनावट या टाइमलाइन के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं दी गई. इससे पहले दिन में यमन की PLC ने पूर्व रक्षा मंत्री महमूद अल-सुबैही और हद्रामौत के गवर्नर सलेम अल-खानबाशी को नियुक्त किया, और उन दो सदस्यों की जगह ली जिन्हें सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) से उनके संबंध के कारण निकाल दिया गया था.

बता दें कि यमन 2014 से युद्ध में है जब ईरान समर्थित विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था. अगले साल सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सरकार के खिलाफ दखल दिया लेकिन इस देश को दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक में छोड़ दिया.

Add Zee News as a Preferred Source

सऊदी-UAE में बढ़ा तनाव
नेतृत्व में बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब दिसंबर 2025 के आखिर में यमन को लेकर सऊदी अरब और UAE के बीच तनाव बढ़ गया था, UAE के समर्थन वाली सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल की सेनाओं ने हद्रामौत और अल-महरा जैसी दक्षिणी जगहों पर कब्जा कर लिया था जो सऊदी के बिल्कुल पास थीं, जिससे उनके तेल ऑपरेशन और बॉर्डर पर शांति को खतरा था.

दी थी सख्त चेतावनी
ये सऊदी अरब को बिल्कुल पसंद नहीं आया. उन्होंने UAE के समर्थन वाले कदमों को एक खुला धोखा माना, सऊदी सेनाओं ने जल्दी से बॉर्डर पर सैनिकों को इकट्ठा किया और STC को तुरंत वापस जाने की सख्त चेतावनी दी, इस गड़बड़ी ने उनके हूथी विरोधी ग्रुप में दरारें दिखा दीं, जिसमें UAE दक्षिणी आजादी और आतंक की लड़ाई में पूरी तरह से शामिल था, जबकि सऊदी एक बड़ी सरकार चाहते थे जिसे वे चला सकें.

सऊदी जेट ने की थी बमबारी
30 दिसंबर को माहौल तब और बिगड़ गया जब सऊदी जेट विमानों ने मुकल्ला पोर्ट पर बमबारी की, STC के लिए UAE के हथियार ले लिए, गाड़ियां जल गईं, पूरी तरह अफरा-तफरी मच गई, पुराने दोस्तों के बीच पहली असली गोलीबारी हुई, सऊदी ने उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया जिसमें UAE सैनिकों को वापस बुलाने और अलगाववादियों को सपोर्ट देना बंद करने की मांग की गई, जबकि यमन की सऊदी समर्थित काउंसिल ने नाकाबंदी और इमरजेंसी की घोषणा कर दी. ऐसे में अब ये तय नहीं हो पाया है कि नए पीएम का समर्थन कौन कर रहा है.

Read Full Article at Source