Last Updated:January 06, 2026, 16:59 IST
Election Commission SIR List: निर्वाचन आयोग की डिजिटल सफाई के तहत 12 राज्यों की मतदाता सूची से करीब 6.56 करोड़ नाम हटाए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 2.88 करोड़ नाम अकेले उत्तर प्रदेश से कटे हैं. तमिलनाडु दूसरे और गुजरात तीसरे स्थान पर रहा. मुख्य रूप से पलायन, मृत्यु और दोहरे पंजीकरण के कारण यह बड़ी कटौती हुई है. यदि आपका नाम कट गया है, तो 6 फरवरी 2026 तक Form-6 भरकर इसे दोबारा जुड़वा सकते हैं.
चुनाव आयोग ने सूची जारी कर दी है. निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के आंकड़े देश की लोकतांत्रिक सफाई का एक बड़ा हिस्सा बनकर उभरे हैं. 12 राज्यों की इस रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची से अशुद्धियों को दूर करने के लिए तकनीक और जमीन स्तर पर काम हुआ है. भारत निर्वाचन आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है. इन आंकड़ों के अनुसार करीब 6.56 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. यह कार्रवाई मतदाता सूची को गलतियों से मुक्त बनाने के लिए की गई है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हटाए गए नामों की संख्या कई छोटे देशों की कुल आबादी से भी अधिक है.
नंबर 1 पर उत्तर प्रदेश, तो कौन है दूसरे पायदान पर?
उत्तर प्रदेश से 2,88,74,108 नामों को SIR के तहत मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. यूपी में कुल मतदाताओं का लगभग 18.70% हिस्सा सूची से बाहर हुआ है. अब बात करते हैं दूसरे नंबर की. आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बाद तमिलनाडु दूसरे स्थान पर है. यहां ड्राफ्ट लिस्ट से 97,37,832 नाम हटाए गए हैं. इसके बाद तीसरे स्थान पर गुजरात (73,73,327) और चौथे पर पश्चिम बंगाल (58,19,000) का नंबर आता है.
| उत्तर प्रदेश | 2,88,74,108 | 43.97% |
| तमिलनाडु | 97,37,832 | 14.83% |
| गुजरात | 73,73,327 | 11.23% |
| पश्चिम बंगाल | 58,19,000 | 8.86% |
| मध्यप्रदेश | 42,74,160 | 6.51% |
| राजस्थान | 41,79,000 | 6.36% |
| छत्तीसगढ़ | 27,34,817 | 4.16% |
| केरल | 24,08,503 | 3.67% |
| पुडुचेरी | 1,03,467 | 0.16% |
| गोवा | 1,00,042 | 0.15% |
| अंडमान-निकोबार | 64,014 | 0.10% |
| लक्षद्वीप | 1,429 | 0.002% |
| कुल योग | 6,56,69,699 | 100% |
क्यों हटे इतने नाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों जैसे लखनऊ, चेन्नई और अहमदाबाद में सबसे अधिक नाम कटे हैं. इसके पीछे का मुख्य कारण शहरी पलायन है. लोग काम के सिलसिले में एक शहर से दूसरे शहर चले जाते हैं लेकिन उनका नाम पुराने पते पर भी बना रहता है. इस डिजिटल सफाई में उन लोगों को भी हटाया गया है जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिन्होंने लंबे समय से वोट नहीं डाला है. यदि आपका नाम इस लिस्ट से हटा है, तो आप 6 फरवरी 2026 तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.
आपका नाम कट गया तो क्या करें?
अगर आपको लगता है कि आपका नाम गलती से हटा दिया गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्ति के लिए एक महीने का समय दिया है.
1. आप Form-6 भरकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं.
2. यह प्रक्रिया Voter Helpline App या निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन की जा सकती है.
3. आप अपने बीएलओ (BLO) से मिलकर भी ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और...और पढ़ें
First Published :
January 06, 2026, 16:59 IST

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