यूपीए सरकार के खराब प्रबंधन की वजह से व्यापार वार्ताएं कभी पूरी नहीं हो पाईं: पीएम मोदी

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UPA सरकार के खराब प्रबंधन की वजह से व्यापार वार्ताएं कभी पूरी नहीं हो पाईं: PM

Last Updated:February 16, 2026, 06:44 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संप्रग सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया, अपनी सरकार द्वारा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, ईयू, अमेरिका के साथ सफल व्यापार समझौतों पर जोर दिया.

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पीएम मोदी ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में यूपीए सरकार के कामकाज की आलोचना की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि संप्रग सरकार के “आर्थिक कुप्रबंधन” के कारण भारत व्यापार वार्ताओं में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख सका और एक भी बातचीत निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी.

‘पीटीआई-भाषा’ के साथ विशेष साक्षात्कार में मोदी ने कहा कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौते किए हैं, उनसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए, खास तौर पर श्रम-प्रधान क्षेत्रों में, इन देशों में लगभग शून्य शुल्क या अन्य देशों की तुलना में काफी कम शुल्क पर वस्तुओं के निर्यात के रास्ते खुल गए हैं.

प्रधानमंत्री कहा, “इन व्यापार समझौतों पर भले ही हाल ही में मुहर लगी हो, लेकिन ये अधिक प्रतिस्पर्धी घरेलू उद्योग, आत्मविश्वास से भरपूर दृष्टिकोण और खुले विचारों का नतीजा हैं. ये आज की दुनिया में पाए जाने वाले दुर्लभ गुण हैं. हाल के वर्षों में भारत की ओर से किए गए व्यापार समझौतों की बात करने से पहले यह याद करना अहम है कि हम एक दशक पहले कहां खड़े थे.” उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने अपने शासनकाल में कछ व्यापार समझौते करने की कोशिश की, लेकिन यह यात्रा “अनिश्चितता और अस्थिरता” से भरी रही.

मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मुख्यतः उनके आर्थिक कुप्रबंधन के कारण भारत मजबूती के साथ अपना पक्ष नहीं रख सका. उन्होंने बातचीत को निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए अनुकूल माहौल नहीं बनाया. बातचीत शुरू होती और फिर ठप पड़ जाती. अंत में लंबी बातचीत के बावजूद कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाता था.”

उन्होंने कहा, “लेकिन सत्ता में आने के बाद हमने नीति-आधारित शासन के जरिये आर्थिक पुनरुत्थान का नेतृत्व किया, हमारे आर्थिक ढांचे को मजबूत किया और एक नियम-आधारित प्रणाली का निर्माण किया. जब हमने राजनीतिक स्थिरता, नीतिगत पूर्वानुमान और सुधार-केंद्रित दृष्टिकोण सुनिश्चित किया, तो दुनिया भारत में निवेश करने के लिए इच्छुक हो गई.”

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की ओर से किए गए सुधारों से भारत के विनिर्माण और सेवा जैसे दोनों क्षेत्रों को मदद हासिल हुई तथा एमएसएमई के बीच उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिला.

उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास से भरपूर, प्रतिस्पर्धी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत के उभार के कारण कई देशों को नयी दिल्ली के साथ व्यापार समझौते पर आगे बढ़ने में फायदा दिखा.

मोदी ने लिखित साक्षात्कार में कहा, “पूर्व की सरकार के रुख और हमारे दृष्टिकोण में मौजूद अंतर को समझने के लिए यूरोपीय संघ के साथ हुए व्यापार समझौते पर गौर करें. पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भी इस पर चर्चा और बातचीत हुई थी. लेकिन अंततः हमारी सरकार में दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभकारी समझौते पर मुहर लगी.” उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उनकी सरकार ने मुक्त व्यापार समझौतों का एक रणनीतिक और उद्देश्यपूर्ण नेटवर्क बनाया है.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें

First Published :

February 16, 2026, 06:44 IST

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