Last Updated:February 22, 2026, 12:48 IST
रमज़ान में रोज़ा खोलने के लिए खजूर का विशेष महत्व होता है. लोग अच्छी गुणवत्ता और अलग-अलग वैरायटी की खजूर खरीदना पसंद करते हैं. विदेशी खजूर की डिमांड बरेली के बाजारों में हो रही है और करीबन 6 से 8 प्रकार के विदेशी खजूर लोग अपने घर लेकर जा रहे हैं. खजूर खाने से शरीर में पानी की कमी खत्म होती है. जिसके लिए मुस्लिम समाज के लोग रमजान के पाक महीने में खजूर खाना पसंद करते हैं.

बरेली: इस बार रमज़ान का महीना और रंगों का त्योहार होली लगभग साथ–साथ आ रहे हैं. एक ओर जहां होली की मिठास और पकवानों की खुशबू बाजारों में घुल रही है. वहीं रमज़ान में रोज़ेदार इफ्तार की तैयारियों में जुटे हैं. इन दोनों त्योहारों की रौनक ने बाजारों को खासा गुलजार कर दिया है. वहीं बरेली में इस बार खजूर की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है.
विदेशी खजूर से डूबा है बाजार
रमज़ान में रोज़ा खोलने के लिए खजूर का विशेष महत्व होता है. इसलिए लोग अच्छी गुणवत्ता और अलग-अलग वैरायटी की खजूर खरीदना पसंद करते हैं. विदेशी खजूर की डिमांड बरेली के बाजारों में हो रही है और करीबन 6 से 8 प्रकार के विदेशी खजूर लोग अपने घर लेकर जा रहे हैं. खजूर खाने से शरीर में पानी की कमी खत्म होती है. जिसके लिए मुस्लिम समाज के लोग रमजान के पाक महीने में खजूर खाना पसंद करते हैं.
50 से ज्यादा किस्मों की खजूर बाजार में इस समय 50 से अधिक किस्मों की खजूर उपलब्ध हैं. इनमें खास तौर पर मदीना की मशहूर अजवा, कलबा, मैजूल जैसी प्रीमियम वैरायटी की मांग अधिक है.ग्राहक स्वाद, साइज और मिठास के आधार पर खजूर चुनते हैं. कुछ खजूर नरम और रसीली होती हैं.जबकि कुछ सूखी और लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाली.
2000 किलो पहुंचा दाम
व्यापारियों के अनुसार, दुकान पर खजूर का स्टॉक 400 किलो से शुरू होकर 2000 किलो तक पहुंच जाता है.रोज़ेदारों की भीड़ के चलते शाम के समय दुकानों पर खासा उत्साह देखने को मिलता है. होली के पकवानों से भी सजा बाजार जहां एक तरफ खजूर की बिक्री तेज है, वहीं होली के पारंपरिक पकवानों की भी जबरदस्त मांग है.कचरी ,आलू के पापड़, चावल की कचरी, और अन्य चीज उनके पास मिलती हैं.
रमजान, होली पर सौहार्द भावना हो रही मजबूत
रमज़ान और होली का एक साथ आना शहर में आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना को भी मजबूत कर रहा है. एक ही बाजार में रंग, मिठाई और खजूर की खुशबू मिलकर त्योहारों की अनोखी तस्वीर पेश कर रही है. इस बार बाजारों में सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपराओं का संगम भी देखने को मिल रहा है.खजूर की मीठास और होली के रंग दोनों मिलकर शहर में उत्सव का खास माहौल बना रहे हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 ...और पढ़ें
Location :
Bareilly,Bareilly,Uttar Pradesh
First Published :
February 22, 2026, 12:48 IST

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