Last Updated:January 17, 2026, 22:57 IST
योजना के तहत शेडनेट हाउस का निर्माण राष्ट्रीय और राज्य उच्च पथों के किनारे इसलिए किया जा रहा है, ताकि यहां उगाई जाने वाली फसलें सड़क से गुजरने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकें. सड़क किनारे हरियाली और आधुनिक खेती का यह दृश्य एक जीवंत प्रदर्शन मॉडल के रूप में भी काम करेगा.

रोहतास: बिहार के रोहतास जिले में बागवानी और सब्जी उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक अहम पहल की जा रही है. राष्ट्रीय उच्च पथ और राज्य पथ के किनारे शेडनेट हाउस के निर्माण की योजना को अब जमीन पर उतारा जा रहा है. इस योजना के तहत जिले में कुल दो हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में आधुनिक शेडनेट हाउस बनाए जाएंगे, जहां संरक्षित खेती के जरिए उन्नत तकनीक से सब्जियों और बागवानी फसलों का उत्पादन किया जाएगा. जिला उद्यान पदाधिकारी, सासाराम जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह योजना किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के साथ-साथ उनकी आमदनी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
योजना के तहत शेडनेट हाउस का निर्माण राष्ट्रीय और राज्य उच्च पथों के किनारे इसलिए किया जा रहा है, ताकि यहां उगाई जाने वाली फसलें सड़क से गुजरने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकें. सड़क किनारे हरियाली और आधुनिक खेती का यह दृश्य एक जीवंत प्रदर्शन मॉडल के रूप में भी काम करेगा. इससे न केवल हाईटेक खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अन्य किसानों को भी इस तकनीक को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी.
सरकार ने इस योजना के तहत दो हजार वर्गमीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस निर्माण की स्वीकृति दी है. विभागीय निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है. योजना के सफल क्रियान्वयन से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. संरक्षित खेती के माध्यम से फसलों को मौसम की मार, कीट और रोगों से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकेगा, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा.
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार में हाईटेक हार्टिकल्चर को बढ़ावा देना है. इसके अंतर्गत संरक्षित खेती के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार की जाएगी, ताकि उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन संभव हो सके. विभागीय सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय और राज्य उच्च पथों के किनारे शेडनेट हाउस का निर्माण उद्यान निदेशालय द्वारा तैयार की गई विशेष योजना का हिस्सा है. इसके तहत किसानों को सब्सिडी पर शेडनेट हाउस उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अधिक मुनाफा देने वाली फसलों की खेती कर सकें.
शेडनेट हाउस जीआई पाइप और यूवी-उपचारित पॉलीथीन नेट से बनाए जाते हैं, जो पौधों के लिए अनुकूल सूक्ष्म वातावरण तैयार करते हैं. इससे तापमान, नमी और प्रकाश को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे फसलों की वृद्धि बेहतर होती है. एक यूनिट शेडनेट हाउस की इकाई लागत लगभग 25 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर सरकार 75 प्रतिशत तक अनुदान देगी. यानी किसानों को करीब 18.75 लाख रुपये का सरकारी सहयोग मिलेगा. इस योजना से किसानों को आधुनिक खेती अपनाने, उत्पादन बढ़ाने और बाजार तक बेहतर पहुंच बनाने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क...और पढ़ें
First Published :
January 17, 2026, 22:57 IST

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