Last Updated:February 21, 2026, 10:35 IST
Kerala News: केरल में 20 करोड़ की क्रिसमस बंपर लॉटरी जीत अब विवादों में घिर गई है. रिटायर्ड ASI ने दावा किया है कि विजेता टिकट गलती से कूरियर पार्सल में चला गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने लॉटरी के पैसे के वितरण पर रोक लगा दी है और असली विजेता की पहचान की जांच के आदेश दिए हैं.

न्यूज18 मलयालम
Kerala News: कभी-कभी किस्मत दरवाजा खटखटाती है, लेकिन एक छोटी सी चूक पूरी जिंदगी बदल देती है. केरल में एक रिटायर्ड ASI के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. रिटायर ASI साजिमोन ने लॉटरी में 20 करोड़ रुपए जीते थे. जिंदगी बदलने वाली खुशखबरी सामने आई. लेकिन उसी के साथ शुरू हुआ विवाद, शक और अदालत तक पहुंचा मामला. 20 करोड़ रुपए की बंपर लॉटरी जीतने का दावा करने वाले पूर्व पुलिस अधिकारी अब अपनी ही किस्मत साबित करने की लड़ाई लड़ रहे हैं. एक टिकट, एक पार्सल और एक भूल ने पूरे मामले को रहस्य बना दिया.
क्रिसमस-नए साल की बंपर लॉटरी का पहला इनाम जीतने वाला टिकट अचानक विवादों में घिर गया. दावा है कि विजेता टिकट असली मालिक के हाथ से गलती से निकलकर किसी और तक पहुंच गया. मामला इतना गंभीर हुआ कि केरल हाईकोर्ट को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा. अदालत ने फिलहाल 20 करोड़ रुपए के इनाम के वितरण पर रोक लगा दी है. अब सवाल यह है कि आखिर ऐसी कौन-सी गलती हुई जिसने करोड़ों की जीत को कानूनी जंग में बदल दिया.
हाईकोर्ट ने क्यों रोका 20 करोड़ का इनाम?
केरल हाईकोर्ट के जस्टिस बाचू कुरियन थॉमस ने लॉटरी निदेशालय को निर्देश दिया है कि विजेता टिकट की कॉपी और टिकट जमा करने वाले व्यक्ति का पूरा विवरण सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के सामने पेश किया जाए. अदालत यह जांचना चाहती है कि असली विजेता कौन है और टिकट आखिर किसके पास कैसे पहुंचा.
क्या हुआ था?
रिटायर्ड एएसआई के.के. साजिमोन ने दावा किया कि उन्होंने XC 138455 नंबर का क्रिसमस बंपर टिकट खरीदा था. सबरीमाला यात्रा के दौरान उन्होंने टिकट प्रसाद वाले बर्तन में रख दिया. वापसी में बर्तन गाड़ी में छूट गया और बाद में उसे कूरियर से भेज दिया गया. बाद में पता चला कि उसी टिकट पर 20 करोड़ का इनाम निकल आया. जब संपर्क किया गया तो पार्सल पाने वाले व्यक्ति ने टिकट मिलने से इनकार किया. इसी बीच किसी अन्य व्यक्ति ने लॉटरी कार्यालय में विजेता टिकट जमा कर दिया.हाईकोर्ट ने इनाम पर रोक क्यों लगाई?
अदालत को शक है कि टिकट की असली मालिकाना हक को लेकर विवाद है. याचिकाकर्ता ने दावा किया कि टिकट गलती से पार्सल में चला गया था. ऐसे में जब तक यह साबित न हो जाए कि असली विजेता कौन है तब तक इनाम जारी करना न्यायसंगत नहीं होगा. इसलिए कोर्ट ने लॉटरी के पैसे देने पर रोक लगा दिया.
टिकट खोने की कहानी क्या है?
साजिमोन सबरीमाला यात्रा पर गए थे. उन्होंने शुभ मानकर टिकट प्रसाद के बर्तन में रख दिया. बाद में वही बर्तन कूरियर से भेज दिया गया. उन्हें तब याद आया जब ड्रॉ के बाद टिकट विजेता घोषित हुआ. तब तक पार्सल पहुंच चुका था.
क्या पुलिस जांच भी चल रही है?
हां, कूरियर कंपनी पर संदेह जताते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि पार्सल के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ हुई या नहीं.
आगे इस मामले में क्या होगा?
हाईकोर्ट 27 तारीख को मामले की अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट के सामने पेश दस्तावेज और जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि 20 करोड़ रुपये का असली हकदार कौन है.
साजिमोन का कहना है कि उन्होंने टिकट के पीछे अपना नाम, पता और हस्ताक्षर भी किए थे. उनका दावा है कि यह उनके स्वामित्व का सबसे बड़ा सबूत है. वहीं दूसरी ओर, लॉटरी विभाग के सामने टिकट पेश करने वाले व्यक्ति की पहचान अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है. यह मामला अब सिर्फ लॉटरी जीतने का नहीं बल्कि सबूत भरोसे और किस्मत की लड़ाई बन गया है. एक छोटी सी लापरवाही ने करोड़ों रुपए की जीत को अदालत की चौखट तक पहुंचा दिया है. अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं.About the Author
सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें
First Published :
February 21, 2026, 10:33 IST

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