Last Updated:January 01, 2026, 22:56 IST
BSF News: नदिया में भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ रुपये का सोना जब्त किया है. उत्तरपाड़ा गेड़े गांव के पास जवानों ने एक तस्कर को दबोचा, जिसके पास से 700 ग्राम वजन के छह सोने के बिस्कुट मिले. पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि यह सोना बांग्लादेशी तस्कर ने उसे सौंपा था. फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग को सौंप दिया गया है.
इस युवक को अरेस्ट कर लिया गया है. (AI Image)पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सोने की तस्करी के मंसूबों को नाकाम कर दिया है. दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के जवानों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक तस्कर को दबोचा जिसके पास से भारी मात्रा में सोना बरामद किया गया है. पकड़े गए तस्कर के पास से 700 ग्राम वजन के छह सोने के बिस्कुट मिले हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है. BSF को पुख्ता जानकारी मिली थी कि नदिया जिले के उत्तरपाड़ा गेड़े गांव के पास सीमा पार से सोने की एक बड़ी खेप आने वाली है. 30 दिसंबर को मिली इस खुफिया जानकारी के आधार पर, जवानों ने भारत-बांग्लादेश सीमा बाड़ के पास निगरानी सख्त कर दी.
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति फेंसिंग के करीब घूमता हुआ दिखाई दिया. जब जवानों ने उसे रुकने का इशारा किया तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद BSF कर्मियों ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया. गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके पास से छिपाकर रखे गए सोने के छह बिस्कुट बरामद हुए. पूछताछ के दौरान तस्कर ने कबूल किया कि यह सोना उसे एक बांग्लादेशी संपर्क ने फेंसिंग के पार से सौंपा था. इस खेप को उसे सीमा पर स्थित गेड़े आउटपोस्ट के पास किसी अन्य व्यक्ति को डिलीवर करना था. आरोपी ने बताया कि वह केवल एक कैरियर के रूप में काम कर रहा था और इस काम के बदले उसे मोटी रकम मिलने वाली थी.
सख्त कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा अलर्ट
BSF ने बरामद सोने और गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित सीमा शुल्क (Customs) विभाग और पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया है. इस घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है. BSF अधिकारियों का कहना है कि नए साल और त्योहारों के मद्देनजर तस्कर अक्सर सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन सीमा पर तैनात जवान हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और...और पढ़ें
First Published :
January 01, 2026, 22:56 IST

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