US Supreme Court verdict over IEEPA Tariff: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा IEEPA कानून के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर लगभग सभी देशों पर टैक्स लगाना अधिकारों का अतिक्रमण था. इसके बाद ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और जजों पर विदेशी ताकतों से प्रभावित होने का आरोप जड़ दिया. ट्रंप ने कहा कि कुछ लोग देशद्रोही हैं जो अमेरिकी संविधान के प्रति वफादार नहीं हैं. उन्होंने भारत के वकीलों और भारत से संबंध रखने वाली कंपनियों पर भी जमकर निशाना साधा.
भारत से नाता रखने वालों पर हमला
ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी ग्लोबल टैरिफ पॉलिसी को कोर्ट में खींचने वालों यानी उनके मनमानी टैरिफ पॉलिसी को लेकर कोर्ट में मुकदमा दायर करने वालों को खूब कोसा. उन्होंने अपने विरोधियों को कट्टरपंथी लेफ्ट का चाटुकार और मूर्ख बताते हुए कहा- 'सुप्रीम कोर्ट का फैसला विदेशी ताकतों से प्रभावित था'. उन्होंने केस करने वालों पर भी हमला बोला. जिसमें शिकागो की खिलौना बेचने वाली कंपनी 'लर्निंग रिसोर्सेज' भी शामिल थी. ये कंपनी भारत से एजुकेशनल खिलौने, STEM किट और क्लास रूम का सामान आयात करती है.
कंपनिया और वकीलों पर निशाना
भारत से जुड़े वकीलों की बात करें तो ट्रंप की बातों से लगा कि उन्होंने अपनी बयानबाजी में नील कत्याल को भी लपेटा, जिन्होंने 'लर्निंग रिसोर्सेज' और 'प्लेनटिफ्स' की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप के खिलाफ केस लड़ा. इसी तरह वकील प्रतीक शाह ने भी लर्निंग रिसोर्सेज और 'हैंड2माइंड' की तरफ से मुकदमा लड़ा. दोनों ही एजुकेशनल टॉय कंपनियां हैं जिन्होंने IEEPA के तहत राष्ट्रपति के फैसलों को चुनौती दी थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये कंपनियां 2025 में टैरिफ पेमेंट के तौर पर $14 मिलियन डॉलर चुकाने के चलते लगभग दीवालिया होने के कगार पर पहुंच गईं थीं. इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया. लर्निंग रिसोर्सेज कंपनी और अटॉर्नी नील कत्याल दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में जीत के बाद कहा कि यह केस टैरिफ लगाने की प्रेसिडेंशियल पावर के बारे में था, किसी एक प्रेसिडेंट के खिलाफ नहीं था.
ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस को पूरा सुनकर ऐसा लगा कि उन्होंने भारत से जुड़ी कंपनियों और वकीलों के बयानों को पर्सनली अपने ऊपर ले लिया था.
SC के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया. 6 जजों ने टैरिफ को अवैध बताया.
SC ने माना ट्रंप ट्रेड डील को नए सिरे से करने के लिए टैरिफ को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे.
ट्रंप ने विदेशी सामान आयात करने वाली कंपनियों से दसियों अरब डॉलर वसूलने के लिए आक्रामक रूप से इसका इस्तेमाल किया.
ट्रंप ने जजों को इतना सुनाया कि इसके बाद उन पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का एक मुकदमा और लग सकता है.
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