DNA: क्या चीन-अमेरिका और रूस के बीच होगा तीसरा विश्व युद्ध? भारत पर कैसे पड़ेगी भयानक मार

11 hours ago

America Vs China: अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप सीधे चीन को अपने देश के लिए खतरा बता रहे हैं, जो चीन के संयम को भी तोड़ रहा है. अब कम्युनिस्ट पार्टी आफ चाइना से जुड़े थिंक टैंक ने सीधे अमेरिका को धमकी दे दी है. ऐसा पहली बार हुआ है जब चीन से अमेरिका को सीधे युद्ध की धमकी मिली हो. विक्टर गाओ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े रणनीतिकार हैं, जिन्होंने कहा कि चीन अमेरिका को हाइड्रोजन बम से नष्ट कर देगा.चीन के किसी थिंक टैंक ने आज तक अमेरिका के लिए इतने आक्रामक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया. अब जानिए कि विक्टर गाओ के बयान को दुनिया क्यों गंभीरता से ले रही है. क्यों इसे अमेरिका—चीन के संभावित युद्ध का संकेत मान रही है.

विक्टर गाओ बीजिंग के सबसे ताकतवर थिंक-टैंक Center for China and Globalization के उपाध्यक्ष हैं.

गाओ चीनी विदेश मंत्रालय, सैन्य नीति और पार्टी नेतृत्व से जुड़े विमर्श का हिस्सा रहते हैं.

Add Zee News as a Preferred Source

चीन में ऐसे लोग सरकार से अलग बोलने की आजादी नहीं रखते और उनके शब्द अक्सर सरकारी संकेत होते हैं.

यानी विक्टर गाओ का ये बयान बताता है कि चीन लगातार आक्रामकता दिखा रहे अमेरिका पर पलटवार करने की तैयारी कर रहा है. जिस वक्त यूरोप से अमेरिका के रिश्ते खराब हो रहे हैं. अमेरिका ईरान में उलझा हुआ है. उसी वक्त चीन अमेरिका की आक्रामकता का जवाब दे सकता है. डॉनल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है, जिसका मुकाबला दुनिया में कोई नहीं कर सकता. 

अमेरिका को जवाब देने की तैयारी

लेकिन चीन कई दशकों से इसकी तैयारी कर रहा था और अब चीन को लगने लगा है कि अमेरिका की आक्रामकता का जवाब नहीं दिया तो चीन से बहुत कुछ छिन जाएगा. लेकिन दुनिया भर में अपनी ताकत की धौंस जमा रहे डॉनल्ड ट्रंप जानते हैं कि उनके लिए रूस से भी ज्यादा बड़ा खतरा चीन है. और चीन की धमकी को देखते हुए अब अमेरिका ने महायुद्ध का सबसे बड़ा संकेत दे दिया है.

वॉशिंगटन के आसमान में डूम्सडे प्लेन

बीती रात अमेरिकी वायुसेना का सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली विमान E-4B नाइटवॉच वॉशिंगटन के आसमान में दिखा.इस खास विमान को डूम्सडे प्लेन कहा जाता है. डूम्सडे प्लेन असल में अमेरिका का “उड़ता हुआ युद्ध मुख्यालय” है. अगर ज़मीन पर व्हाइट हाउस, पेंटागन और सभी सैन्य ठिकाने नष्ट हो जाए तो भी अमेरिका इसी जहाज से पूरी जंग चला सकता है. आज दशकों बाद अचानक ये विमान दुनिया के सामने आ गया. अमेरिका के उड़ते पेंटागन ने अमेरिका के नेब्रास्का स्थित अपने पुराने बेस से उड़ान भरी और वॉशिंगटन के करीब मैरीलैंड में पहुंचा.

#DNAमित्रों | विश्व युद्ध का साया...भारत क्या करेगा?, चीन..अमेरिका पर हाइड्रोजन बम छोड़ेगा?#DNA #DNAWithRahulSinha #America #DonaldTrump #China #XIJinping @RahulSinhaTV pic.twitter.com/gQMO3l6MxI

— Zee News (@ZeeNews) January 10, 2026

 51 साल के ऑपरेशनल इतिहास में यह विमान खुले तौर पर मूवमेंट करता बहुत कम दिखा है. और जिस वक्त चीन अमेरिका को हाइड्रोजन बम से हमले की धमकी दे रहा है. वेनेजुएला पर हमला करने और फिर रूस का जहाज जब्त करने से वैश्विक तनाव बढ़ा हुआ है. उस वक्त इस प्लेन के दिखने से दुनिया में बेचैनी है. क्या अमेरिका किसी बड़े युद्ध की तैयारी कर रहा है. क्या दुनिया में कुछ ऐसा होने वाला है, जिसे लेकर अभी तक दुनिया अनजान है. आज आपको अमेरिका के इस डूम्सडे प्लेन के बारे में कुछ बातें जरूर जाननी चाहिए.

न्यूक्लियर अटैक के बाद भी करेगा काम

अमेरिका का सबसे शक्तिशाली प्लेन न्यूक्लियर अटैक के बाद भी काम करता है यानी परमाणु बम फट जाए, जमीन के सारे कंप्यूटर जल जाएं, मोबाइल, इंटरनेट सब बंद हो जाए फिर भी यह विमान काम करता रहेगा और मिसाइल लॉन्च के आदेश भेजता रहेगा.

ये प्लेन हवा में उड़ते हुए पूरी दुनिया से जुड़ा रहता है. इसके ऊपर 67 एंटेना और सैटेलाइट डिश लगे हैं.इसका मतलब यह अमेरिका की हर मिसाइल, हर परमाणु पनडुब्बी, हर एयरबेस से जुड़ा है. यानी यह विमान “पूरी अमेरिकी सेना का दिमाग” है.

ये एक बार उड़ान भरने के बाद हवा में कई दिन तक रह सकता है.हवा में ही ईंधन भर सकता है.ज़रूरत पड़े तो कई दिन लगातार उड़ सकता है.  इसका मतलब इसे नष्ट करना लगभग नामुमकिन है.

इस प्लेन के अंदर पूरा वॉर रूम मौजूद है.इसके अंदर मीटिंग रूम, मिसाइल कंट्रोल एंड कमांड सेंटर, रक्षा मंत्री का निजी कमरा और सोने के लिए बेड भी है. यानी यह उड़ता हुआ पेंटागन है.

इस प्लेन में 112 लोग एक साथ काम कर सकते हैं. यानी अमेरिकी सेना के जनरल, मिसाइल एक्सपर्ट, कम्युनिकेशन अफसर, साइबर वॉर टीमें सब एक साथ बैठकर युद्ध का नियंत्रण कर सकते हैं.

और 1975 से अमेरिका में हर वक्त कम से कम एक डूम्सडे प्लेन हमेशा रेडी मोड में रहता है. यानी संकट आते ही 10 मिनट में ये आसमान में होगा.

भारत पर पड़ेगा बुरा असर

अगर तीसरा विश्व युद्ध हुआ, तो अमेरिका इसी जहाज़ से पूरी दुनिया से लड़ेगा. यानी यह विमान युद्ध रोकने के लिए नहीं,बल्कि दुश्मन को यह दिखाने के लिए है कि अमेरिका को हराना असंभव है. और अमेरिका ने इसको दिखाकर युद्ध के लिए तैयार होने या फिर किसी बड़े हमले का संकेत दिया है. अमेरिका डूम्सडे प्लेन का इस्तेमाल करे..ये नौबत चीन या रूस से युद्ध के दौरान आ सकती है. और अगर ये युद्ध शुरु हुआ तो आम भारतीयों पर क्या असर पड़ेगा आज आपको इस बारे में भी जानना चाहिए.

रूस भारत को सस्ता तेल देता है - युद्ध से वो बंद होगा..जिससे पेट्रोल-डीजल 15 से 25 रुपये प्रति लीटर महंगे हो सकते हैं.

रूस की मदद करने पर अमेरिका भारत पर भारी टैरिफ और बैंक प्रतिबंध लगा सकता है, इससे रुपया गिरेगा और महंगाई बढ़ेगी.

दुनिया में कहीं भी बड़ा युद्ध छिड़ा तो डॉलर महंगा होगा. इससे भी भारत में महंगाई बढ़ेगी.

किसान के लिए खाद और डीजल महंगा होगा मतलब उत्पादन की लागत बढ़ेगी.

भारत की IT इंडस्ट्री अमेरिका-यूरोप पर निर्भर है.अमेरिका युद्ध में उतरा तो कंपनियां छंटनी करेंगी. मतलब भारतीयों की नौकरी पर खतरा होगा.

चीन और अमेरिका का युद्ध होता है तो दवाइयां 40 से 50% महंगी हो जाएंगी क्योंकि दवाइयों के लिए भारत कच्चा माल चीन से मंगवाता है.

शेयर बाजार में गिरावट होगी,जिससे निवेशकों के पैसे डूबेंगे.इसका असर दिख भी रहा है.

अमेरिका की राष्ट्रपति ट्रंप की आक्रामकता के बाद बदलती वैश्विक परिस्थितियों की वजह से भारत में सेंसेक्स 5 दिन में 2100 अंकों से अधिक नीचे गिरा.

इस गिरावट से निवेशकों के करीब 13 लाख करोड़ से ज्यादा रूपये डूब गए हैं.

यानी 140 करोड़ जनसंख्या वाले हमारे देश में 5 दिनों के अंदर हर  हिंदुस्तानी की जेब से लगभग 10 हजार रुपये निकल गए.

सोचिए अभी युद्ध शुरू नहीं हुआ है और 5 दिन में भारतीयों की जेब से 10 हजार यानी रोजाना दो हजार निकल गए. अगर युद्ध शुरू हो गया, ये आशंकाएं सही साबित हो गईं तो बाजार का क्या होगा.महंगाई कहां पर पहुंचेगी.आप अपना बजट कैसे बनाएंगे.इसलिए आपको हर वैश्विक घटना को ध्यान से देखना चाहिए.उसके असर को समझना चाहिए और उसी हिसाब से निवेश और अपनी भविष्य की योजनाओं को बनाना चाहिए.

Read Full Article at Source