India-US Trade Deal Framework: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की तस्वीर अब साफ हो गई है. भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया गया है. वाइट हाउस ने घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत आपसी और पारस्परिक रूप से फायदेमंद व्यापार के संबंध में एक अंतरिम समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमत हो गए हैं. वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी संयुक्त बयान पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है. भारत ने इस ट्रेड डील में डेयरी और कृषि सेक्टर से कोई समझौता नहीं किया है. पीयूष गोयल के मुताबिक, कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से संरक्षित किया गया है.
दरअसल, व्हाइट हाउस ने आज यानी शनिवार सुबह जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया. भारत सरकार के पीआईबी ने भी इसे जारी किया है. बयान के मुताबिक, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका पारस्परिक और आपसी फायदे वाले व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमत हो गए हैं. यह फ्रेमवर्क दोनों देशों की व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की बातचीत के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसे फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू किया था. यह समझौता दोनों देशों के बीच लगभग एक साल के व्यापार तनाव के बाद हुआ है. 2 फरवरी को पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सहमति की घोषणा की थी. ट्रंप ने टैरिफ 18 फीसदी कर दिया था. भारत और अमेरिका के बीच यह तनाव तब शुरू हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया और बाद में रूसी तेल खरीदने पर दंड के तौर पर इसे दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया.
इतना ही नहीं, आज यानी शनिवार को डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर भी हस्ताक्षर किए, जिसमें भारत पर रूसी तेल आयात पर लगाए गए दंडात्मक अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को हटा दिया गया. अब भारत पर केवल 18 फीसदी टैरिफ लगेगा.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पोस्ट कर क्या लिखा है?
पीयूष गोयल ने लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया है. इससे भारतीय निर्यातकों, खासकर MSMEs, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाज़ार खुलेगा. निर्यात में बढ़ोतरी से हमारी महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे. इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ को घटाकर 18% कर देगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में टेक्सटाइल और कपड़ों, चमड़े और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पादों, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प उत्पादों और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एक बड़ा बाज़ार अवसर मिलेगा.
मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
पीयूष गोयल के मुताबिक, इसके अलावा जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जों सहित कई तरह के सामानों पर टैरिफ शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा और मेक इन इंडिया को और बढ़ावा मिलेगा.
भारत और अमेरिका ने संयुक्त बयान जारी किया है.
डेयरी और कृषि सेक्टर प्रोटेक्टेड
पीयूष गोयल ने कहा, ‘भारत को विमान के पुर्जों पर सेक्शन 232 के तहत छूट, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा और जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स पर बातचीत के नतीजे भी मिलेंगे, जिससे इन क्षेत्रों में ठोस निर्यात लाभ होगा. साथ ही, यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा करने और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां, मांस आदि जैसे संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से संरक्षित किया गया है.’
यह समझौता भारत और अमेरिका को आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा, जो हमारे लोगों और व्यवसायों के लिए स्थायी विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है. विकसित भारत को साकार करने की दिशा में!’
सरकार ने क्या कहा?
अमेरिका और भारत को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वे आपसी और आपसी फ़ायदे वाले व्यापार (इंटरिम एग्रीमेंट) के बारे में एक अंतरिम एग्रीमेंट के लिए एक फ्रेमवर्क पर पहुंच गए हैं. आज का फ्रेमवर्क डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की ओर से 13 फरवरी, 2025 को शुरू की गई बड़ी U.S.-इंडिया बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) बातचीत के लिए देशों के कमिटमेंट को फिर से पक्का करता है, जिसमें एक्स्ट्रा मार्केट एक्सेस कमिटमेंट शामिल होंगे और ज़्यादा मज़बूत सप्लाई चेन को सपोर्ट मिलेगा. अमेरिका और भारत के के बीच अंतरिम एग्रीमेंट हमारे देशों की पार्टनरशिप में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा, जो आपसी हितों और ठोस नतीजों के आधार पर आपसी और संतुलित व्यापार के लिए एक कॉमन कमिटमेंट दिखाएगा.
भारत-अमेरिका अंतरिम समझौते की प्रमुख शर्तें:
▪️ भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों पर शुल्क खत्म करेगा या घटाएगा. इनमें डीडीजी (ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स), पशु आहार के लिए रेड सोरघम, ड्राय फ्रूट्स, ताजे व प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन, स्पिरिट्स और अन्य उत्पाद शामिल हैं.
▪️ अमेरिका 2 अप्रैल 2025 के कार्यकारी आदेश 14257 के तहत भारतीय उत्पादों पर 18% पारस्परिक टैरिफ लागू करेगा। इसमें टेक्सटाइल, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, प्लास्टिक-रबर, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी शामिल हैं। अंतरिम समझौता सफल होने पर अमेरिका जेनेरिक दवाओं, हीरे-जवाहरात और विमान कलपुर्जों सहित कई वस्तुओं पर यह शुल्क हटाएगा.
▪️ अमेरिका भारत से आने वाले कुछ विमानों और विमान कलपुर्जों पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा आधारित शुल्क हटाएगा। इसी तरह ऑटोमोबाइल पार्ट्स के लिए भारत को तरजीही टैरिफ कोटा मिलेगा. फार्मास्यूटिकल्स पर अमेरिकी जांच के आधार पर भारत को जेनेरिक दवाओं में विशेष रियायतें दी जाएंगी.
▪️ दोनों देश एक-दूसरे को प्रमुख क्षेत्रों में तरजीही बाजार पहुंच देंगे.
▪️ समझौते का लाभ मुख्य रूप से भारत और अमेरिका को मिलें, इसके लिए ‘रूल्स ऑफ ओरिजिन’ तय किए जाएंगे.
▪️ दोनों देश व्यापार में बाधा बनने वाले नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करेंगे. भारत अमेरिकी मेडिकल डिवाइस, आईटी और कम्युनिकेशन उत्पादों पर लंबे समय से चली आ रही पाबंदियां हटाएगा और अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भी रास्ता आसान करेगा.
▪️ तकनीकी मानकों और टेस्टिंग प्रक्रियाओं पर आपसी चर्चा होगी ताकि नियमों का पालन आसान बने.
▪️ यदि किसी भी देश ने टैरिफ में बदलाव किया तो दूसरा देश भी अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन कर सकेगा.
▪️ बीटीए वार्ताओं के जरिए बाजार पहुंच को और बढ़ाया जाएगा. अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह भारतीय उत्पादों पर शुल्क घटाने के अनुरोध पर विचार करेगा.
▪️ दोनों देश आर्थिक सुरक्षा, सप्लाई चेन मजबूती, निवेश समीक्षा और एक्सपोर्ट कंट्रोल में सहयोग बढ़ाएंगे।
▪️ भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान व कलपुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी उत्पाद और कोकिंग कोल खरीदेगा. दोनों देश जीपीयू समेत डेटा सेंटर से जुड़े तकनीकी उत्पादों के व्यापार को भी तेजी से बढ़ाएंगे.
▪️ डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण नीतियों को खत्म करने और मजबूत डिजिटल ट्रेड नियम बनाने पर सहमति बनी है.
दोनों देश इस रूपरेखा को जल्द लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, ताकि तय रोडमैप के अनुसार एक व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौता पूरा किया जा सके.

1 hour ago
