Last Updated:February 16, 2026, 12:06 IST
JEE Main 2026 Fake Website Alert: जेईई मेन 2026 रिजल्ट के नाम पर कई फर्जी वेबसाइट्स एक्टिव हैं. एनटीए ने धोखाधड़ी से बचने के लिए चेतावनी दी है. अपना स्कोरकार्ड केवल आधिकारिक पोर्टल jeemain.nta.nic.in पर ही चेक करें.

नई दिल्ली (JEE Main 2026 Fake Website Alert): जेईई मेन 2026 सेशन 1 के नतीजों का इंतजार अब चरम पर है. इसी उत्सुकता के बीच साइबर ठगों और जालसाजों ने भी अपना जाल बिछा लिया है. जैसे ही गूगल पर JEE Main Result 2026 सर्च किया जाता है, कई ऐसी वेबसाइट सामने आ रही हैं जो दिखने में बिल्कुल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आधिकारिक साइट jeemain.nta.nic.in जैसी लगती हैं. ये फर्जी पोर्टल न केवल छात्रों को गलत जानकारी दे रहे हैं, बल्कि उनकी पर्सनल डिटेल्स भी चोरी कर सकते हैं.
जेईई मेन रिजल्ट के तनाव में अक्सर उम्मीदवार जल्दबाजी में किसी भी ‘रिजल्ट लिंक’ पर क्लिक कर देते हैं. फर्जी वेबसाइट अक्सर Result Out या Check Scorecard Now जैसी हेडलाइंस का इस्तेमाल करती हैं. याद रखें, आपकी एक छोटी सी चूक आपकी गोपनीयता को खतरे में डाल सकती है. एनटीए ने स्पष्ट किया है कि जेईई मेन परिणाम केवल उनके आधिकारिक सर्वर पर ही होस्ट किए जाते हैं. जानिए असली और नकली वेबसाइट के बीच फर्क कैसे करें.
जेईई मेन रिजल्ट की असली वेबसाइट कौन सी है?
एनटीए जेईई मेन रिजल्ट 2026 चेक करने के लिए केवल इन 3 ऑफिशियल यूआरएल (URL) पर ही भरोसा करें:
jeemain.nta.nic.in nta.ac.in ntaresults.nic.inअगर वेबसाइट के आखिर में .nic.in या .ac.in नहीं है तो वह फर्जी हो सकती है.
एनटीए की फर्जी वेबसाइट कैसे पहचानें?
जालसाज फर्जी वेबसाइट बनाने के लिए अक्सर jeemain-result-2026.com या nta-scorecard-live.org जैसे मिलते-जुलते नामों का इस्तेमाल करते हैं. इन साइट्स पर बहुत सारे विज्ञापनों की भरमार होती है और ग्राफिक्स की क्वॉलिटी बेहद खराब होती है. आधिकारिक वेबसाइट हमेशा सुरक्षित (HTTPS) होती है और उस पर विज्ञापनों का कोई काम नहीं होता.
फर्जी वेबसाइट से डेटा चोरी का खतरा
जब आप किसी फर्जी साइट पर अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि डालते हैं तो यह डेटा हैकर्स के पास चला जाता है. इसका इस्तेमाल आपके भविष्य के लॉगिन को ब्लॉक करने या आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल करने के लिए किया जा सकता है. एनटीए कभी भी आपसे एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए रिजल्ट देखने के लिए कोई निजी जानकारी नहीं मांगता.
सोशल मीडिया के ‘फर्जी’ लिंक से बचें
WhatsApp ग्रुप्स और टेलीग्राम चैनल्स पर आजकल डायरेक्ट लिंक के नाम पर ‘फिशिंग लिंक’ शेयर किए जा रहे हैं, इन लिंक्स पर क्लिक करने से आपके फोन में वायरस या मैलवेयर भी आ सकता है. हमेशा ब्राउज़र में जाकर आधिकारिक वेबसाइट खुद टाइप करें. जो भी संस्था या वेबसाइट एनटीए के लोगो (Logo) और नाम का गलत इस्तेमाल कर रही है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक नोटिस (Public Notice) पर ही भरोसा करें, जो एनटीए की वेबसाइट पर पीडीएफ के रूप में उपलब्ध होता है.
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With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें
First Published :
February 16, 2026, 12:06 IST

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