Last Updated:February 12, 2026, 16:27 IST
Indian Techie Layoff Lessons: नौकरी जाने के बाद एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने करियर के 12 ऐसे सबक शेयर किए हैं, जो हर प्रोफेशनल की आंखें खोल देंगे. जानिए छंटनी के 12 कड़वे सच जो आपको भविष्य के लिए तैयार करेंगे.

नई दिल्ली (Indian Techie Layoff Lessons). आप सालों तक एक कंपनी में नौकरी करते हैं, उसे अपना ‘दूसरा घर’ मानते हैं और अचानक किसी सुबह इनबॉक्स में आया एक ईमेल आपकी पूरी दुनिया हिला देता है. यह किसी डरावनी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि उन हजारों आईटी प्रोफेशनल्स की कड़वी हकीकत है जो हालिया ‘ले-ऑफ’ की लहर की चपेट में आए हैं. इसी दर्द से गुजर रहे एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नौकरी खोने के बाद जो 12 सबक शेयर किए हैं, वे इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहे हैं.
इस इंजीनियर ने अपनी पोस्ट में उन कड़वे सच से पर्दा उठाया है, जिन्हें हम अक्सर अपनी डेस्क के पीछे बैठकर नजरअंदाज कर देते हैं. ‘कंपनी आपका परिवार नहीं है’ से लेकर ‘आपकी पहचान आपका जॉब टाइटल नहीं है’ तक, ये 12 सीखें उन लोगों के लिए मास्टरक्लास हैं, जो अनिश्चितता के दौर में अपना करियर सिक्योर करना चाहते हैं. इस इंजीनियर के 12 सबक सिखाते हैं कि करियर में स्किल्स, नेटवर्किंग और मानसिक मजबूती ही असली पूंजी है, न कि किसी कंपनी का ब्रांड नेम.
छंटनी का कड़वा सच, आंखें खोलने वाले 12 सबक
जानिए 12 ऐसे सबक, जो नौकरी छूट जाने के बाद ही पता चलते हैं:
कंपनी ‘परिवार’ नहीं है: सबसे कड़वा सच यही है. आप कंपनी के लिए एक ‘रिसोर्स’ हैं. जब बिजनेस की बात आती है तो भावनाएं पीछे छूट जाती हैं. आपकी पहचान सिर्फ आपकी जॉब नहीं है: हम अक्सर अपनी पहचान को अपनी कंपनी के नाम से जोड़ लेते हैं. नौकरी जाने पर पता चलता है कि आप उससे कहीं बढ़कर हैं. लॉयल्टी का फल हमेशा नहीं मिलता: सालों की वफादारी एक ईमेल से खत्म हो सकती है. कंपनी के प्रति अंधे होकर वफादार होने के बजाय अपने करियर के प्रति वफादार रहें. स्किल्स ही असली मुद्रा हैं: कंपनी जा सकती है, लेकिन आपकी स्किल नहीं. खुद को अपग्रेड करना कभी न छोड़ें. नेटवर्किंग तब करें जब नौकरी हो: जब आप बेरोजगार होते हैं, तब नेटवर्किंग मुश्किल होती है. रिश्ते तब बनाएं जब आप मजबूत स्थिति में हों. इमरजेंसी फंड ‘अनिवार्य’ है: कम से कम 6 महीने का खर्च बैंक में होना चाहिए. यह आपको जल्दबाजी में कोई भी गलत नौकरी चुनने से बचाता है. सबसे ऊपर है मेंटल हेल्थ: छंटनी आपको तोड़ सकती है. इस दौरान खुद को समय देना और परिवार के करीब रहना जरूरी है. हमेशा ‘एक्टिव’ रहें: मार्केट में क्या चल रहा है, कौन सी स्किल्स इन-डिमांड हैं, इसकी जानकारी हमेशा रखें, भले ही आपकी नौकरी सुरक्षित हो. इंटरव्यू देना न छोड़ें: साल में कम से कम 1-2 इंटरव्यू जरूर दें, जिससे आपको अपनी मार्केट वैल्यू और इंटरव्यू स्किल्स का अंदाजा रहे. ऑफिस की राजनीति से बचें: गपशप और राजनीति में समय बर्बाद करने के बजाय अपनी परफॉर्मेंस पर ध्यान दें, लेकिन यह भी याद रखें कि परफॉर्मेंस भी आपको छंटनी से नहीं बचा सकती. आपका मैनेजर सब कुछ नहीं है: कभी भी एक इंसान (बॉस) पर निर्भर न रहें. कंपनी के अन्य विभागों और लीडर्स से भी संपर्क रखें. जिंदगी छोटी है: नौकरी करियर का हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं. काम के चक्कर में परिवार और अपने शौक (Hobbies) को नजरअंदाज न करें.About the Author
With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें
First Published :
February 12, 2026, 16:27 IST

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