Naravane Book Leak: कनाडा, UK और... जनरल नरवणे की बुक लीक कांड में घूम गई जांच की सुई, विदेश वाला क्या कनेक्शन

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जनरल नरवणे की बुक लीक कांड में घूम गई जांच की सुई, विदेश वाला क्या कनेक्शन

Last Updated:February 12, 2026, 10:12 IST

General Mukund Naravane Book Leak: पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की किताब को लेकर विवाद और गहरा गया है. नरवणे की किताब के कथित लीक का मामला अब गंभीर साजिश की दिशा में बढ़ता दिख रहा है. इस जांच की आंच अब विदेशों तक पहुंचती दिख रही है. सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि किताब को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की अनिवार्य मंजूरी के बिना सुनियोजित तरीके से लीक किया गया.

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पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की किताब को लेकर विवाद और गहरा गया है

General Mukund Naravane Book Leak: भारतीय सेना के पूर्व आर्मी चीफ जनरल मुकुंद नरणवे की किताब पर विवाद गहराता जा रहा है. आखिर पूर्व आर्मी चीफ की किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी कैसे लीक हुई? किसने लीक किया? क्या साजिश के तहत इसे लीक किया गया? इन सवालों के बीच एक नई थ्योरी सामने आई है. जो नया खुलासा हुआ है, इससे जनरल नरवने की बूक लीक की जांच की सुई ही घूम गई है. जी हां, सूत्रों ने बताया है कि इस किताब का पब्लिकेशन कथित तौर पर मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (MoD) से जरूरी मंज़ूरी के बिना रिलीज़ किया गया था और पहले कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और यूनाइटेड स्टेट्स में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचा गया था.

सूत्रों के मुताबिक, केस दर्ज होने के बाद शुरुआती जांच एक सोची-समझी साज़िश की ओर इशारा करती है. पता चला है कि किताब को एक सुनियोजित तरीके से लीक किया गया था, जिसमें MoD के मौजूदा या पूर्व डिफेंस कर्मियों से जुड़े पब्लिकेशन के लिए ज़रूरी मंज़ूरी प्रोसेस को दरकिनार किया गया था.

जांच करने वालों ने पाया है कि किताब की कॉपी कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और US में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सर्कुलेट होने लगीं, फिर कहीं और सामने आईं. कहा जाता है कि बिक्री सबसे पहले इन्हीं देशों में शुरू हुई, जिससे पब्लिशिंग और डिस्ट्रीब्यूशन चेन पर सवाल उठ रहे हैं.

स्पेशल सेल ने क्रिमिनल साज़िश से जुड़ी धाराओं के तहत FIR दर्ज की है. जांच का दायरा अब इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ा दिया गया है, जिसमें US, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं.

डिजिटल ट्रेल, पब्लिशिंग नेटवर्क और संभावित इंटरनेशनल लिंक की पूरी जांच अभी चल रही है. सूत्रों ने कहा कि जांच तेज़ हो रही है, एजेंसियां ​​किताब के कथित लीक और डिस्ट्रीब्यूशन में विदेशी कनेक्शन और तालमेल की जांच कर रही हैं.

इस विवाद के बीच, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया, जिसके पास फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी के पब्लिशिंग राइट्स हैं, ने एक सफाई जारी की जिसमें कहा गया कि किताब किसी भी फॉर्मेट में पब्लिश नहीं हुई है.

पब्लिशर ने कहा कि एक अनाउंस किया गया टाइटल, एक प्री-ऑर्डर लिस्टिंग और एक पब्लिश हुई किताब अलग-अलग स्टेज हैं, और एक किताब तभी पब्लिश मानी जाती है जब वह रिटेल चैनलों पर खरीदने के लिए उपलब्ध हो.

इसमें आगे कहा गया कि कोई भी कॉपी – प्रिंट या डिजिटल फॉर्म में – ऑफिशियली रिलीज़ नहीं की गई है, और चेतावनी दी कि अभी सर्कुलेशन में कोई भी मटीरियल कॉपीराइट का उल्लंघन माना जाएगा.

किताब पर पूरा विवाद पार्लियामेंट में तब शुरू हुआ जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जनरल (रिटायर्ड) एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड मेमॉयर के कथित कंटेंट का ज़िक्र किया और लोकसभा में किताब की एक कॉपी दिखाई. उनकी बातों पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, BJP नेताओं ने सवाल उठाया कि एक अनपब्लिश्ड मैन्युस्क्रिप्ट को हाउस में कैसे एक्सेस और कोट किया गया. इस घटना के बाद तीखी बहस हुई, वॉकआउट हुए और सफाई की मांग हुई, जिससे किताब के पब्लिकेशन का स्टेटस और उसके कथित लीक का मामला पॉलिटिकल फोकस में आ गया.

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Shankar Pandit

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho...और पढ़ें

First Published :

February 12, 2026, 10:12 IST

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