Last Updated:February 12, 2026, 10:21 IST
General Mukund Naravane Book Leak: पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की किताब को लेकर विवाद और गहरा गया है. नरवणे की किताब के कथित लीक का मामला अब गंभीर साजिश की दिशा में बढ़ता दिख रहा है. इस जांच की आंच अब विदेशों तक पहुंचती दिख रही है. सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि किताब को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की अनिवार्य मंजूरी के बिना सुनियोजित तरीके से लीक किया गया.

General Mukund Naravane Book Leak: भारतीय सेना के पूर्व आर्मी चीफ जनरल मुकुंद नरणवे की किताब पर विवाद गहराता जा रहा है. आखिर पूर्व आर्मी चीफ की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ कैसे लीक हुई? किताब को किसने लीक किया? क्या साजिश के तहत इसे लीक किया गया? आखिर विदेश तक यह किताब कैसे पहुंची? इन सवालों के बीच एक नई थ्योरी सामने आई है. बुक लीक कांड में जो नया खुलासा हुआ है, इससे जनरल नरवने की बूक लीक की जांच की सुई ही घूम गई है. जी हां, सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि किताब को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की अनिवार्य मंजूरी के बिना सुनियोजित तरीके से लीक किया गया.
सूत्रों ने बताया कि इस किताब का पब्लिकेशन कथित तौर पर मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (MoD) से जरूरी मंजूरी के बिना रिलीज किया गया था और सबसे पहले कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और यूनाइटेड स्टेट्स में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचा गया था. सूत्रों के मुताबिक, केस दर्ज होने के बाद शुरुआती जांच एक सोची-समझी साज़िश की ओर इशारा करती है.
क्या खुलासा हुआ?
शुरुआती जांच से पता चला है कि किताब को एक सुनियोजित तरीके से लीक किया गया था, जिसमें MoD के मौजूदा या पूर्व डिफेंस कर्मियों से जुड़े पब्लिकेशन के लिए जरूरी मंज़ूरी प्रोसेस को दरकिनार किया गया था. जांच करने वालों ने पाया है कि किताब की कॉपी सबसे पहले कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अमेरिका में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सर्कुलेट होने लगीं, फिर कहीं और सामने आईं. कहा जाता है कि इस किताब की बिक्री भी सबसे पहले इन्हीं देशों में शुरू हुई, जिससे पब्लिशिंग और डिस्ट्रीब्यूशन चेन पर सवाल उठ रहे हैं.
दिल्ली पुलिस ने जांच का दायरा विदेश तक बढ़ाया
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने क्रिमिनल साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है. इसके बाद जांच का दायरा अब इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ा दिया गया है, जिसमें US, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. डिजिटल ट्रेल, पब्लिशिंग नेटवर्क और संभावित इंटरनेशनल लिंक की पूरी जांच अभी चल रही है. सूत्रों ने कहा कि जांच तेज हो रही है. एजेंसियां किताब के कथित लीक और डिस्ट्रीब्यूशन में विदेशी कनेक्शन और तालमेल की जांच कर रही हैं.
पेंगुइन ने क्या सफाई दी है?
इस विवाद के बीच पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने एक सफाई जारी की जिसमें कहा गया कि किताब किसी भी फॉर्मेट में पब्लिश नहीं हुई है. पेंगुइन के पास ही फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी के पब्लिशिंग राइट्स हैं. पब्लिशर ने कहा कि एक अनाउंस किया गया टाइटल, एक प्री-ऑर्डर लिस्टिंग और एक पब्लिश हुई किताब अलग-अलग स्टेज हैं, और एक किताब तभी पब्लिश मानी जाती है जब वह रिटेल चैनलों पर खरीदने के लिए उपलब्ध हो. इसमें आगे कहा गया कि कोई भी कॉपी- प्रिंट या डिजिटल फॉर्म में- ऑफिशियली रिलीज नहीं की गई है और चेतावनी दी कि अभी सर्कुलेशन में कोई भी मटीरियल कॉपीराइट का उल्लंघन माना जाएगा.
क्यों विवाद में ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ किताब
जनरल नरवणे की किताब पर पूरा विवाद पार्लियामेंट से शुरू हुआ है. यह तब हुआ जब राहुल गांधी ने जनरल (रिटायर्ड) एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड मेमॉयर ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के कथित कंटेंट का जिक्र किया और लोकसभा में किताब की एक कॉपी दिखाई. उनकी बातों पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई. भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि एक अनपब्लिश्ड मैन्युस्क्रिप्ट को हाउस में कैसे एक्सेस और कोट किया जा सकता है. इस घटना के बाद तीखी बहस हुई, वॉकआउट हुए और सफाई की मांग हुई. इससे किताब के पब्लिकेशन का स्टेटस और उसके कथित लीक का मामला पॉलिटिकल फोकस में आ गया.
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First Published :
February 12, 2026, 10:12 IST

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