Last Updated:February 16, 2026, 12:45 IST
Asasam Congress News: असम में कांग्रेस संकट में है. पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष भूपेन बोराह के इस्तीफे के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने और इस्तीफे का दावा किया है. उन्होंने यह भी कहा है कि कि प्रद्युत बोर्दोलोई और देबब्रत सैकिया भी जल्द कांग्रेस छोड़ सकते हैं.

Asasam Congress News: असम में कांग्रेस पार्टी को लगातार झटके लग रहे हैं. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोराह के इस्तीफे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बड़ा दावा किया है कि पार्टी के और कई वरिष्ठ नेता जल्द ही कांग्रेस छोड़ देंगे. सरमा ने कहा कि कांग्रेस अब असम के हिंदुओं और आम असमिया लोगों के लिए प्रासंगिक नहीं रह गई है और पार्टी में गहरा संकट चल रहा है. मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में लोकसभा सांसद प्रद्युत बोर्दोलोई का नाम लेते हुए कहा- प्रद्युत बोर्दोलोई लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ देंगे. उन्होंने आगे भविष्यवाणी की कि वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा में शामिल हो जाएंगे.
सरमा ने कहा कि 2026 चुनावों के बाद देबब्रत सैकिया भाजपा में आएंगे. मैं व्यक्तिगत रूप से उनकी मां से बात करके उन्हें भाजपा लाऊंगा. भूपेन बोराह के इस्तीफे को संदर्भित करते हुए सीएम सरमा ने इसे कांग्रेस के भीतर गहरे संकट का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि बोराह का फैसला पार्टी की आंतरिक विफलताओं और नेतृत्व की कमजोरी को उजागर करता है. सरमा ने घोषणा की कि वे मंगलवार को भूपेन बोराह से मुलाकात करेंगे, हालांकि मुलाकात के उद्देश्य पर उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया.
हिंदू और आम असमिया अब कांग्रेस में नहीं रह सकता
सीएम ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक हिंदू और आम असमिया व्यक्ति अब कांग्रेस में नहीं रह सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की नीतियां और नेतृत्व की शैली ने उसके पारंपरिक समर्थक आधार को अलग-थलग कर दिया है. सरमा का दावा है कि कांग्रेस नेतृत्व जमीनी कार्यकर्ताओं से कटा हुआ है और संगठनात्मक फैसले लेने में असमर्थ है, जिससे वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है.
उन्होंने कहा कि भाजपा असम में लगातार मजबूत हो रही है, क्योंकि विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता समझ चुके हैं कि विकास और स्थिरता केवल भाजपा सरकारों के नेतृत्व में ही संभव है. बोराह के इस्तीफे ने असम की राजनीति में हलचल मचा दी है. बोराह ने 32 साल पार्टी की सेवा के बाद आत्मसम्मान और संगठनात्मक विफलताओं का हवाला देकर इस्तीफा दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरमा के बयान कांग्रेस पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा हैं, खासकर 2026 विधानसभा चुनावों से पहले.
कांग्रेस पहले से ही आंतरिक कलह, नेतृत्व पर सवाल और संगठनात्मक कमजोरियों से जूझ रही है. हाल के दिनों में पार्टी में टिकट वितरण, गठबंधन और नेतृत्व को लेकर असंतोष खुलकर सामने आया है. कांग्रेस की ओर से अभी तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व स्थिति पर नजर रख रहा है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
February 16, 2026, 12:45 IST

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