इंदौर वाला ई-कोलाई बैक्टीरिया कितना खतरनाक? कैसे पानी को बना दिया जहर, समझिए

1 day ago

Last Updated:January 06, 2026, 11:19 IST

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत हो गई है, जबक‍ि सैकड़ों लोग उल्‍टी-दस्‍त की श‍िकायत के साथ अस्‍पतालों में भर्ती हैं.भागीरथपुरा संक्रम‍ित पानी कांड में करीब 3 हजार लोग प्रभावित हैं. हालांक‍ि सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है क‍ि बोरवेल में ई-कोलाई, साल्मोनेला समेत कई बैक्टीरिया मिले हैं. एम्‍स के डॉक्‍टर से जानते हैं ये बैक्‍टीरिया क‍ितने खतरनाक हैं?

कितना खतरनाक होता है ई-कोलाई बैक्टीरिया? जो भागीरथपुरा के 50% से ज्यादा भूजल..इंदौर के भागीरथपुरा में संक्रम‍ित पानी पीने से 16 की मौत हो गई है. अब जांच में पाया गया है क‍ि 50 फीसदी से ज्‍यादा भूजल में ई कोलाई बैक्‍टीर‍िया म‍िला है.

Bhagirathpura contaminated water Scandal: इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा. यहां अभी तक लगभग 16 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं. भागीरथपुरा कांड से करीब 3 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. हालांकि अब भागीरपुरा के पानी को लेकर एक और खुलासा हुआ है. भोपाल के ही एक अधिकारी ने बताया कि भागीरथपुरा के कई बोरवेल में से लिए गए भूजल के आधे से ज्यादा नमूनों में ई-कोलाई बैक्टीरिया मौजूद मिला है.

जानकारी के मुताबिक इलाके के बोरवेल से लिए गए 69 भूजल नमूनों में से 35 में फीकल कोलिफॉर्म (मलजनित जीवाणु) संदूषण पाया गया है. सिर्फ ई-कोलाई ही नहीं इस पानी में साल्मोनेला और विब्रियो कॉलरा बैक्टीरिया के साथ-साथ वायरस, फंगस और प्रोटोजोआ के भी मिलने की पुष्टि हुई है. इन्हीं की वजहों से लोगों को बहु-जीवाणु संक्रमण हुआ और उनकी जान चली गई.

कितना खतरनाक है ई-कोलाई, एम्स के डॉक्टर ने दिया जवाब ?
ई-कोलाई बैक्टीरिया को लेकर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉक्टर शालीमार ने बताया कि साल्मोनेला और ई. कोलाई दोनों ही हानिकारक बैक्टीरिया हैं. पीने के पानी में ये नहीं होने चाहिए. ई. कोलाई मानव मल (पाखाना) में पाया जाता है. पीने के पानी में इस बैक्टीरिया की मौजूदगी यह दिखाती है कि पानी मलजनित पदार्थ (सीवर) से दूषित है. जबकि घरों तक पीने के पानी की सप्लाई से पहले उसमें किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया की उपस्थिति की जांच की जाती है.

डॉ. बताते हैं कि साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया पानी के माध्यम से शरीर के अंदर पहुंचकर गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं, विशेषकर शिशुओं, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और उन लोगों में जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. जो लोग स्टेरॉयड जैसी इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं ले रहे हैं या जिनको कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हैं, उनके लिए ये दोनों काफी खतरनाक हैं. साल्मोनेला और ई. कोलाई से संक्रमण होने पर बुखार, पेट दर्द, दस्त, टाइफाइड और शरीर के अन्य अंगों पर असर पड़ सकता है. मल्टी-ऑर्गन फेल्योर तक हो सकते हैं, गंभीर मामलों में यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है.

इंदौर में महामारी के बाद उठाया गया ये कदम
भागीरथपुरा में हुई मौतों के बाद इस आपदा को महामारी घोषित कर दिया गया है. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडरों के खाद्य पदार्थ बेचने पर भी रोक लगा दी है. स्थानीय लोगों से नर्मदा पाइपलाइन का पानी और बोरवेल का पानी न पीने के लिए कहा गया है. वहीं टैंकर से भेजे जा रहे पानी को उबाल कर पीने की सलाह दी गई है.

हालांकि इस संबंध में अधिकारियों ने यह भी कहा कि संदूषण क्षतिग्रस्त बोरवेल में है, भूजल में नहीं है, क्योंकि अलग-अलग बोरवेल से अलग-अलग परिणाम सामने आए हैं. हालांकि अब वहां टूटे हुए जलाशयों की मरम्मत की जा रही है और बाकी में क्लोरीन डाला जा रहा है.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्...और पढ़ें

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Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh

First Published :

January 06, 2026, 11:19 IST

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