Last Updated:April 03, 2025, 20:40 IST
ARMY COMMANDERS CONFRENCE: साल में दो बार सेना के कमांडर मंथन करते है. मौजूदा खतरों, तैयारियों और चुनौतियों पर चर्चा करते है और आगे की रणनीति बनाते है. 1 अप्रैल से 4 अप्रैल तक जारी कमांडर्स कांफ्रेंस में सेना स...और पढ़ें

सेना के टॉप कमांडर जुटे दिल्ली में
हाइलाइट्स
रक्षामंत्री ने सेना को LAC पर डटे रहने का निर्देश दिया.जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर प्रहार जारी रखने की सराहना की.भविष्य की तकनीकी जंग के लिए सेना को तैयार रहने का आह्वान किया.ARMY COMMANDERS CONFRENCE: इस गर्मियों में जम्मू कश्मीर का मॉहोल गर्म करने की पाकिस्तानी कोशिश दिखाई देने लगी है. 4 साल पुराने सीज फायर को तोड़ फिर से LOC को एक्टीवेट करने की कोशिश की है. जम्मू के इलाके में आतंकि गतिविधियों और आतंकियों की घुसबैठ की कोशिशों को पाक फौज ने फिर से तेज कर दिया है. भारतीय सेना ने पाक फौज और और उनके भेजे जाने वाले आतंकियों से निपटने के पूरी तरह से तैयार है. गर्मियों के लिए खास रणनीति बनाने के लिए दिल्ली में सेना के टॉप कमांडरों ने मंथन किया. आर्मी कमांडर कॉन्फ्रैंस में सुरक्षा हालातों की समीक्षा और आगे की रणनीति पर चर्चा की. कॉन्फ्रैंस के तीसरे दिन खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसका हिस्सा बने और कमांडरों को संबोधित किया. अपने संबोधन में रक्षामंत्री ने भारतीय सेना की सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की सराहना की. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मन की तरफ से प्रॉक्सी वॉर अभी भी जारी है. इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद से निपटने के लिए CAPF और पुलिस फोर्स के साथ भारतीय सेना की समन्वय की सराहना की. उन्होंने कहा “जम्मू और कश्मीर में संयुक्त ऑपरेशनों ने क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा दिया है. यह स्थिति ऐसे ही बनी रहनी चाहिए.
चीन सीमा पर डटे रहों सैनिकों
भारत और चीन के बीच 2020 में हुआ तनाव अब शांत है. बातचीत का दौर लगातार जारी है. हालात को दुरुस्त बनाए रखने और सीमा विवाद का माकूल हल निकालने के लिए स्पेशल रिप्रजेंटेटिव की एक बैठक हो चुकी है, दूसरी इसी साल प्रस्तावित है. पूर्वी लद्दाख में भले ही शांति है लेकिन सैनिकों का जमवड़ा अब भी पहले जैसा बना हुआ है. सिर्फ पूर्वी लद्दाख ही नही बल्कि पूरे LAC पर अब भी मिरर डिप्लायमेंट जारी है. नॉर्दर्न बॉर्डर की स्थिति पर रक्षा मंत्री ने सैनिकों के प्रति अपनी पूरा भरोसा जताया. उन्होंने सीमा पर पूरी दृढ़ता और सतर्कता के साथ खड़े पर आर्मड फोर्स की सराहना की. साथ में यह भी कहा कि यह स्थिति आगे भी ऐसे ही बनी रहनी चाहिए. बॉर्डर पर सड़कों जाल बिछाने वाले बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की तारीफ करते हुए कहा की, BRO ने कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर सड़क संचार में भारी सुधार लाने में सफल रहा है.
भविष्य की तकनीकी जंग के लिए रहे तैयार
दुनिया में मौजूदा जंग पारंपरिक से काफी अलग रूप ले चुका है. तकनीक के इस्तेमाल ने लड़ने का पूरी तरीका ही बदल दिया. अब हाईब्रिड, नॉन कॉन्टेक्ट और एसिमेट्रिक वॉरफेयर का जमाना है. भारतीय सेना ने भी खुद को आज और भविष्य की जंग के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है. कमॉंडर कान्फ्रैंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ओर खास ध्यान देने का आह्वान किया. उन्होंने मौजूदा वैश्विक सुरक्षा और जियो पॉलेटिकल अस्थिरताओं पर रौशनी डालते हुए कहा कि आज का विश्व एक दूसरे से आपस में जुड़ा हुआ है. इस तरह के घटनाक्रम, चाहे वह हमारे पड़ोस में हो या दूर देशों में वह सभी को प्रभावित करेंगे. रक्षा मंत्री ने यह साफ किया कि आने वाले समय में असामान्य और एसिमेट्रिक वॉरफेयर जिसमें हाइब्रिड युद्ध भी शामिल है वह पारंपरिक युद्ध का ही हिस्सा हो जाएंगे. साइबर, इंफॉर्मेशन वॉरफेयर, कम्यूनिकेशन, ट्रेड और फाइनेंस अब भविष्य के जंग का जरूरी हिस्सा बन गए हैं. इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आर्मड फोर्स को अपनी रणनीतियां तैयार करने की जरूरत होगी.
First Published :
April 03, 2025, 20:40 IST