Last Updated:August 04, 2025, 09:46 IST
दिल्ली पुलिस के बंग भवन को लिखे पत्र पर बवाल मचा हुआ है. बंगाली को बांग्लादेशी भाषा बताए जाने पर ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस और गृहमंत्रालय पर पलटवार किया है.

बंगाली और बंग्लादेशी भाषा को लेकर फिर से राजनीति गहरा गया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस द्वारा लिखे गए पत्र पर हंगामा खड़ा कर दिया है. दिल्ली पुलिस द्वारा 3 अगस्त को लिखे गए पत्र को ‘निंदनीय, अपमानजनक, राष्ट्रविरोधी और असंवैधानिक‘ बताया है. दरअसल, दिल्ली पुलिस द्वारा लिखे पत्र में बंगाली या बांग्ला भाषा को “बांग्लादेशी भाषा” कहा गया था. बंगाली कलाकारों, ममता बनर्जी के साथ-साथ उनकी कट्टर प्रतिद्वंद्वी पार्टी सीपीएम (CPM) सहित अन्य दलों ने भी इसका विरोध किया है. साथ ही उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर कर देशभर के लोगों से इसका विरोध करने की अपील की.
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अब देखिए कैसे भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में दिल्ली पुलिस बंगाली को ‘बांग्लादेशी‘ भाषा बता रही है. बंगाली हमारी मातृभाषा है, रवींद्रनाथ टैगोर और स्वामी विवेकानंद की भाषा है, वह भाषा जिसमें हमारा राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत (बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित) लिखे गए हैं, वह भाषा जिसे करोड़ों भारतीय बोलते और लिखते हैं, और वह भाषा जो भारत के संविधान द्वारा पवित्र और मान्यता प्राप्त है, उसे अब बांग्लादेशी भाषा बताया जा रहा है. यह निंदनीय, अपमानजनक, राष्ट्र-विरोधी और असंवैधानिक है.’
See now how Delhi police under the direct control of Ministry of Home, Government of India is describing Bengali as ” Bangladeshi” language!
Bengali, our mother tongue, the language of Rabindranath Tagore and Swami Vivekananda, the language in which our Anthem and the… pic.twitter.com/2ACUyehSx8
बनर्जी ने आगे लिखा, ‘यह भारत के सभी बंगाली भाषी लोगों का अपमान है. वे ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं कर सकते जो हम सभी को नीचा और अपमानित करे. हम भारत की बंगाली-विरोधी सरकार के खिलाफ सभी से तत्काल और कड़े विरोध का आग्रह करते हैं, जो भारत के बंगाली-भाषी लोगों का अपमान करने के लिए ऐसी संविधान-विरोधी भाषा का प्रयोग कर रही है.’
मामला क्या है?
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर नई दिल्ली स्थित पश्चिम बंगाल के राजकीय अतिथिगृह, बंगा भवन को पत्र लिखकर बांग्लादेश से अवैध रूप से आए आठ संदिग्ध व्यक्तियों के ‘बांग्लादेशी भाषा‘ में लिखे दस्तावेज़ों के अनुवाद में सहायता मांगी थी. पुलिस ने इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, इस वजह से इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं की जा सकती है. टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह से माफी की मांग की, जिनके मंत्रालय के अंतर्गत दिल्ली पुलिस आती है.
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ममता बनर्जी पर ‘वोट बैंक की राजनीति‘ के लिए गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाते हुए प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने उनके एक्स पोस्ट को ‘एक बुरी तरह से रची गई राजनीतिक चाल‘ बताया है. पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी पर भारतीय बंगालियों के लिए ‘भय फैलाने की रणनीति‘ अपनाने और अवैध प्रवासियों को “बचाने” का आरोप लगाया.
बंगाली कलाकारों ने भी किया विरोध
फिल्म डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘यह बांग्लादेशी भाषा नहीं है… यह बांग्ला या बंगाली है, वही भाषा जिसमें आपका राष्ट्रगान मूल रूप से लिखा गया था और यह भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक है.’ गायक सुरोजित चटर्जी ने लिखा, ‘बांग्ला को बांग्लादेशी भाषा कहा गया है… ठीक इसी तरह की अज्ञानता की मैं जिम्मेदार लोगों से अपेक्षा करता हूं… बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं हुआ.’
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...
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Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
August 04, 2025, 09:45 IST