Donald Trump: GDP में 7.8% की बढ़ोतरी भारत को हुई है अप्रैल-जून तिमाही में जो उम्मीद से काफी ज्यादा थी, और पिछली 5 तिमाहियों में सबसे तेज वृद्धि रही है. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कृषि उत्पादन, लोगों के खर्च और सेवा के क्षेत्र में तेजी के कारण हुई है. हालांकि अमेरिका ने भारत के निर्यात पर कुछ टैक्स(Tarrif)लगा दिए हैं. इससे भारत की आर्थिक बढ़ोतरी को खतरा हो सकता है जिससे रोजगार निजी निवेश पर असर पड़ने की संभावना है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय(NSO)ने शुक्रवार को भारत के GDP विकास के ये आंकड़े जारी किए.
झूठे साबित हुए ट्रंप
ट्रंप के "मृत अर्थव्यवस्था" वाले कटाक्ष को झुठलाते हुए, अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी पिछले साल के मुकाबले 7.8% बढ़ी जो पिछली 5 तिमाहियों में सबसे तेज है. यह वृद्धि बाज़ार के 6.7% के अनुमान से बहुत ज्यादा थी और पिछली तिमाही के 7.4 प्रतिशत से भी बेहतर रही. इन आंकड़ों से साफ होता है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है.
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इन आंकड़ो से क्या साबित होता है?
ये आंकड़े दिखाते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था बहुत ही मजबूत है. यह मजबूती सेवाओं, कारखानों में उत्पादन और खेती-बाड़ी की वजह से आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार भारत को दुनिया का एक बड़ा उत्पादन केंद्र(Manufacturing Hub) बनाना चाहती है. यह ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भर के निवेशक चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने के बारे में सोच रहे हैं. ट्रंप ने जो नए टैक्स लगाए हैं उनसे भारत के निर्यात पर बुरा असर पड़ सकता है जो भारत की आर्थिक तरक्की का अहम हिस्सा है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इन अमेरिकी टैक्स की वजह से अगले साल भारत की विकास दर 0.6% से 0.8% तक कम हो सकती है.
विश्लेषकों का क्या कहना है?
विश्लेषकों का कहना है कि, पहली तिमाही में हुई तेजी का एक बड़ा कारण यह था कि ट्रंप द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स से पहले, निर्यातकों ने अमेरिका को बहुत तेजी से अपना सामान भेजा था. ब्लूमबर्ग के मुताबिक इस फ्रंट-लोडिंग प्रभाव ने कुछ समय के लिए विकास को बढ़ा दिया था लेकिन वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में जब इन टैक्स का पूरा असर होगा तो यह तेजी से धीमी हो जाएगी.
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