Plane Toilet toilets fail mid-flight: 30,000 फीट ऊंचाई पर थे 3 टॉयलेट और वहां थे सैकड़ों लोग, किसी भी फ्लाइट में इससे कुछ कम या ज्यादा टॉयलेट्स होना आम बात होता है. आराम से पैसेंजर्स का काम चल जाता है. लेकिन कहावत है कि किस्मत खराब हो तो ऊंट पर बैठे शख्स को भी कुत्ता काट लेता है. कुछ ऐसा ही अजीबोगरीब घटनाक्रम सामने आया वर्जिन ऑस्ट्रेलिया के पैसेंजर्स के साथ जिनका 6 घंटे लंबा हवाई सफर एक नर्क की यातना में बदल गया.
पैसेंजर फ्लाइट में बोतलों में पेशाब करने को मजबूर
जब उड़ान के बीच में ही सभी शौचालय खराब हो जाते हैं, तो अनुभव तुरंत ही असहज से अराजक हो सकता है. वर्जिन ऑस्ट्रेलिया की बाली से ब्रिस्बेन की छह घंटे की उड़ान VA50 में यात्रियों को ठीक इसी बुरे सपने का सामना करना पड़ा. दरअसल फ्लाइट के टेकऑफ के समय सबसे पीछे वाला टॉयलेट तकनीकि खराबी की वजह से बंद हो चुका था और बाकी दो शौचालय भी उड़ान के बीच में ही खराब हो गए, जिससे यात्रियों के पास कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं थी.
भयावह दृश्य
रिपोर्टों के मुताबिक फ्लाइट पर भयावह दृश्य था. केबिन के फर्श पर अप्रिय गंध और टॉयलेट दिख रही थी. यात्रियों को बोतलों का इस्तेमाल करने या आंशिक रूप से खराब शौचालयों में शौच करने का निर्देश दिया गया, जिससे एक सामान्य उड़ान एक बेहद तनावपूर्ण और अपमानजनक अनुभव में बदल गई. जिससे उड़ान के दौरान स्वच्छता और एयरलाइन के रखरखाव मानकों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गईं.
FAQ-
सवाल- क्या प्लेन में तीन टॉयलेट पर्याप्त थे?
जवाब-लंबी दूरी की उड़ान के लिए, यह सीमित संख्या पहले से ही आदर्श से कम थी. सफर के बीच सभी टॉयलेट्स ने काम करना बंद कर दिया.
सवाल- वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जवाब- वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने शौचालय की खराबी से प्रभावित यात्रियों से माफी मांगी और फौरन उस बुरे अनुभव के चलते पैसेंजर्स को मुआवज़े के तौर पर एक और फ्लाइट का क्रेडिट देने की पेशकश की. एयरलाइन ने अपने केबिन क्रू के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्हें कठिन परिस्थितियों में एक बेहद चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा.
सवाल- इस घटना से क्या सवाल खड़े हुए?
जवाब- इस घटना ने प्रोटोकॉल पर व्यापक सवाल खड़े कर दिए. पैसेंजर्स और एविएशन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स पूछ रहे हैं कि एक फ्लाइट खराब टॉयलेट के साथ कैसे उड़ान भर सकती है और बाकी टॉयलेट एक साथ कैसे खराब हो सकते हैं.