Last Updated:January 04, 2026, 10:43 IST
Kishanganj New Railway Station: सीमांचल को प्राय: विकास की मुख्यधारा से दूर माना जाता रहा है, लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है. रेल की पटरियों पर दौड़ते बदलाव की रफ्तार किशनगंज तक पहुंच चुकी है. एक नया रेलवे स्टेशन, अतिरिक्त रेल लाइनें और जंक्शन बनने की तैयारी है.
किशनगंज में ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेललाइन दोहरीकरण, न्यू किशनगंज स्टेशन और कुमेदपुर-अलुवाबाड़ी परियोजना से सीमांचल को मिलेगी नई रेल कनेक्टिविटी. (AI जेनरेटेड)किशनगंज. बिहार के किशनगंज जिले में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है इस दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. ठाकुरगंज–सिलीगुड़ी रेललाइन के दोहरीकरण और कुमेदपुर-अलुवाबाड़ी तीसरी एवं चौथी रेललाइन परियोजना को लेकर समाहरणालय में जिलाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में रेलवे अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई. इस दौरान न्यू किशनगंज रेलवे स्टेशन के निर्माण प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ क्षेत्रीय आवागमन को नई गति मिलने की उम्मीद है.ये सिर्फ निर्माण परियोजनाएं नहीं, बल्कि सीमांचल के भविष्य की नई दिशा कही जा रही है.
सीमांचल को मिलेगा नया रेलवे स्टेशन
ठाकुरगंज सिलीगुड़ी रेललाइन के दोहरीकरण तथा कुमेदपुर अलुवाबाड़ी तीसरी और चौथी रेललाइन परियोजना को लेकर समाहरणालय में जिलाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई. नए स्टेशन के निर्माण से यात्रियों को बेहतर और अधिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी. बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि भविष्य में ठाकुरगंज को एक प्रमुख रेलवे जंक्शन के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसे अररिया से जोड़ा जाएगा. इससे क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आवागमन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
नया स्टेशन और अतिरिक्त लाइनें तय
बैठक में एनएफ रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर जितेंद्र कुमार और संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधियों ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि किशनगंज रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर न्यू किशनगंज रेलवे स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही यहां रेल शेड निर्माण की योजना पर भी विचार किया जा रहा है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यू किशनगंज स्टेशन के आसपास फिलहाल किसी भी प्रकार के फ्लाइओवर निर्माण का कोई प्रस्ताव नहीं है. दोहरीकरण कार्य पूरा होने से रेल परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन भी अधिक सुगम और तेज होगा.
किशनगंज समाहरणालय में जिलाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में रेलवे अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई
रेल परियोजनाओं से बदलेगा सीमांचल का भविष्य
बैठक में भूमि अधिग्रहण की स्थिति, प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर भी चर्चा की गई. जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं को समय पर और सही तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पथ निर्माण एवं भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, संबंधित अंचल अधिकारी, रेलवे विभाग के अधिकारी-कर्मी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.बता दें कि ठाकुरगंज के गलतलिया में डंपिंग यार्ड बनने से नेपाल के उद्यमियों को विदेशी इंपोर्ट बस्तु को कलकत्ता से सीधे अपने पास मंगाने में काफी सुविधा मिलने की बात बताई जा रही है, जिसका लाभ क्षेत्र को मिलेगा.
किशनगंज बनेगा रेल कनेक्टिविटी का नया केंद्र
नई रेललाइन और न्यू किशनगंज स्टेशन सिर्फ यात्रा को आसान नहीं बनाएंगे, बल्कि सीमांचल के आर्थिक नक्शे को भी नया आकार देंगे. ठाकुरगंज को भविष्य में रेलवे जंक्शन के रूप में विकसित करने और नेपाल सीमा से जुड़े व्यापार को गति देने की योजना इस बात का संकेत है कि किशनगंज अब सिर्फ आखिरी छोर पर बसा जिला नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत का उभरता रेल द्वार बनने की ओर बढ़ रहा है.
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Location :
Kishanganj,Bihar
First Published :
January 04, 2026, 10:43 IST

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