उत्तराधिकार को लेकर पूरी दुनिया में हलचल मची है. आज हम आपको एक ऐसे तानाशाह के उत्तराधिकार को लेकर मचे घमासान के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आप भी हैरत में पड़ जाएंगे. ये ड्रामा किसी स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर नहीं बल्कि नॉर्थ कोरिया में हो रहा है. ये जंग नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम-जोंग-उन की 13 वर्षीय बेटी किम जू ए और तानाशाह की बेरहम बहन किम यो-जोंग के बीच छिड़ी हुई है. अब हमें ये देखना है कि इस पारिवारिक घमासान में कौन विजयी होता है. बुआ और भतीजी की इस जंग में जो भी जीतेगा उसी को आने वाले समय में किम-जोंग-उन की सत्ता विरासत में मिलेगी.
ये बात साल 1948 की बात है जब नॉर्थ कोरिया पर किम परिवार के पुरुष सदस्यों का राज रहा है, जिसकी शुरुआत देश के फाउंडर किम इल सुंग से हुई और उसके बाद उनके बेटे, किम जोंग इल ने की. किम जोंग उन साल 2010 में सिर्फ़ 26 साल के थे जब उनके पिता किम जोंग इल को एक गंभीर स्ट्रोक आया और उसके बाद उन्हें अपने पिता का कानून वारिस घोषित कर दिया गया था. दिसंबर 2011 में अपने पिता की मौत के बाद किम-जोंग-उन बहुत सीमित तैयारियों के साथ नॉर्थ कोरिया की गद्दी पर बैठे और विरासत में मिला अपना तानाशाह का पद संभाला. कुछ विशेषज्ञों की मानें तो किम अपने अनुभव के आधार पर अपनी बेटी को जल्दी सत्ता सौंपना चाहते हैं.
पहले से तय है किम का उत्तराधिकारी कौन बनेगा?
साउथ कोरिया की जासूसी एजेंसी ने गुरुवार को सांसदों को बताया कि उनका मानना है कि नॉर्थ कोरिया के लीडर किम जोंग उन की टीनएज बेटी को देश का होने वाला लीडर बनाया जा सकता है, क्योंकि वह अपने खानदान को चौथी पीढ़ी तक बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस का यह अंदाज़ा ऐसे समय में आया है जब नॉर्थ कोरिया इस महीने के आखिर में अपनी सबसे बड़ी पॉलिटिकल कॉन्फ्रेंस करने की तैयारी कर रहा है, जहां किम अगले पांच सालों के लिए अपने बड़े पॉलिसी लक्ष्यों को बताएंगे और अपनी तानाशाही पकड़ को और मज़बूत करने के लिए कदम उठाएंगे.
वर्कर्स कांग्रेस पार्टी में शामिल होगी किम की बेटी?
एक बंद कमरे में हुई ब्रीफिंग में, NIS अधिकारियों ने कहा कि वे इस बात पर करीब से नज़र रख रहे हैं कि किम की बेटी आने वाली वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में हज़ारों डेलीगेट्स के सामने उनके साथ आती है या नहीं, यह बात मीटिंग में शामिल सांसद ली सियोंग क्वेउन ने कही. साउथ कोरिया के अधिकारियों को पहले इस बात का शक था कि उन्हें नॉर्थ कोरिया का लीडर चुना जा सकता है, उन्होंने देश के बहुत ज़्यादा कंज़र्वेटिव कल्चर और पुरुषों के दबदबे वाले लीडरशिप के ट्रेडिशन का हवाला दिया था. लेकिन सरकारी मीडिया में उनकी बढ़ती अहमियत ने फिर से अंदाज़ा लगाने पर मजबूर कर दिया है.
कौन है किम जू ए?
नवंबर 2022 में एक लंबी दूरी के मिसाइल टेस्ट में पहली बार पब्लिक में दिखने के बाद, किम जू ए तब से अपने पिता के साथ कई इवेंट्स में गई हैं, जिनमें हथियारों के टेस्ट, मिलिट्री परेड और फैक्ट्री की ओपनिंग शामिल हैं. वह पिछले सितंबर में अपने पिता के साथ बीजिंग गई थीं, जहां दूसरे विश्व युद्ध के एक इवेंट के दौरान चीनी लीडर शी जिनपिंग के साथ किम की छह साल में पहली समिट हुई थी. पिछले महीने उनके पॉलिटिकल भविष्य को लेकर अटकलें तब और तेज़ हो गईं जब वह नए साल के दिन अपने माता-पिता के साथ प्योंगयांग के कुमसुसान पैलेस ऑफ़ द सन गईं. यह एक पवित्र पारिवारिक मकबरा है जहां उनके गुज़र चुके दादा और परदादा के शव संरक्षित किए गए हैं, जो देश के पहले और दूसरे पीढ़ी के लीडर थे. कुछ एक्सपर्ट्स ने इस विज़िट को अब तक का सबसे साफ़ संकेत माना कि वह अपने 42 साल के पिता की वारिस बनने की स्थिति में हैं.
कौन हैं किम यो-जोंग?
किम यो-जोंग नॉर्थ कोरिया की एक बड़ी पॉलिटिशियन और सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की छोटी बहन हैं. उन्हें अक्सर नॉर्थ कोरिया का दूसरा सबसे ताकतवर इंसान बताया जाता है, वह अपने भाई की एक खास सलाहकार और सरकार की पब्लिक इमेज और फॉरेन पॉलिसी की मुख्य आर्किटेक्ट हैं. वह वर्कर्स पार्टी ऑफ़ कोरिया (WPK) के प्रोपेगैंडा और एजिटेशन डिपार्टमेंट की डिप्टी डिपार्टमेंट डायरेक्टर हैं. इस रोल में, वह अपने भाई की पब्लिक पर्सनैलिटी और स्टेट के आइडलाइज़ेशन प्रोजेक्ट्स को मैनेज करती हैं.
नॉर्थ कोरिया की सबसे बड़ी एग्जीक्यूटिव बॉडी
सितंबर 2021 से, वह स्टेट अफेयर्स कमीशन (SAC) की मेंबर हैं जो नॉर्थ कोरिया की सबसे बड़ी एग्जीक्यूटिव बॉडी हैं. वह अक्सर अपने नाम से ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी करती हैं और अक्सर साउथ कोरिया और यूनाइटेड स्टेट्स की बुराई करने के लिए गुस्से वाली और तीखी बातों का इस्तेमाल करती हैं. 2023 में स्कॉलर सुंग-यून ली की बायोग्राफी में उन्हें दुनिया की सबसे खतरनाक महिला कहा गया था. 2018 के विंटर ओलंपिक्स में, उन्होंने साउथ कोरिया के प्योंगचांग का ऐतिहासिक दौरा किया और कोरियन वॉर के बाद बॉर्डर पार करने वाली रूलिंग किम खानदान की पहली मेंबर बनीं थीं.
फेक नाम से किम की बहन ने की थी पढ़ाई
वह किम जोंग उन के साथ बड़ी डिप्लोमैटिक मीटिंग्स में गईं, जिसमें U.S. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के साथ 2018 और 2019 की समिट और रशियन प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के साथ 2023 की समिट शामिल हैं. वह पूर्व लीडर किम जोंग इल और उनकी पत्नी को योंग-हुई की सबसे छोटी संतान हैं. अपने भाई की तरह, उन्होंने भी कथित तौर पर 1990 के दशक के आखिर में प्योंगयांग में किम इल सुंग यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस की डिग्री लेने से पहले अपनी पहचान छिपाते हुए एक फेक नाम (पाक मी-हयांग) से बर्न स्विट्जरलैंड के पब्लिक स्कूलों में पढ़ाई की थी.
अगर किम की मौत हो गई तो...
ऐसा माना जाता है कि उनकी शादी चोए सॉन्ग से हुई है, जो एक बड़े अधिकारी चोए रयोंग-हे के बेटे हैं, और उनके दो बच्चे होने का दावा किया जाता है. पैक्टू खानदान से सीधे आने की वजह से, अगर उनके भाई की मौत हो जाती है, तो उन्हें नॉर्थ कोरिया का अगला उत्तराधिकारी माना जा सकता है. हालांकि, हाल में ही सरकारी मीडिया का किम जोंग उन की छोटी बेटी, किम जू ए पर फोकस होने से आने वाले समय में उत्तराधिकार को लेकर कुछ अटकलें सत्ता संघर्ष को लेकर लगाई जा रही हैं.
उत्तराधिकार के लिए हत्या का भी खतरा
UK में दक्षिण कोरिया की पूर्व राजदूत और सियोल की इंटेलिजेंस सर्विस की डिप्टी डायरेक्टर, राह जोंग-यिल ने द टेलीग्राफ को बताया कि जू-ए को अपनी महत्वाकांक्षी और बेरहम चाची किम यो-जोंग के विरोध का सामना करना पड़ सकता है. कहा जाता है कि 38 साल की यो-जोंग, तानाशाह के मरने या उसकी मौत होने पर सत्ता हथियाने की योजना बना रही हैं. जोंग-यिल के अनुसार, यह जू-ए के लिए अच्छा संकेत नहीं है, क्योंकि एक ऐसे खानदान में जो अपने राजनीतिक दुश्मनों की हत्या करने से कभी नहीं हिचकिचाया.
किम ने सत्ता संभालने के बाद चाचा को करवा दिया था कैद
जोंग-यिल ने कहा, 'यह समय पर निर्भर करता है, लेकिन मेरा मानना है कि अगर किम यो-जोंग को लगता कि उनके पास टॉप लीडर बनने का मौका है, तो वह इसे ज़रूर लेंगी.' उन्होंने कहा, 'उनके लिए, अपने पॉलिटिकल प्रोजेक्ट को लागू करने से बचने का कोई कारण नहीं है और कहा कि पावर स्ट्रगल संभावना है.'
दिसंबर 2011 में किम के अपने पिता से सत्ता संभालने के दो साल बाद, उन्होंने अपने चाचा और मेंटर जांग सोंग-थाएक को एंटी-पार्टी, काउंटर-रेवोल्यूशनरी, गुटबाजी वाले काम करने के आरोप में गिरफ्तार करवाया था.
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2 hours ago
