Last Updated:February 07, 2026, 17:06 IST

नई दिल्ली. भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई ट्रेड डील पर सियासी घमासान छिड़ गया है. कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री को ‘सरेंडर मोदी’ करार दिया है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि अमेरिका की ब्लैकमेलिंग के आगे भारत का ‘आत्मसमर्पण’ है. उन्होंने दावा किया कि आज देश के सारे फैसले दिल्ली से नहीं, वॉशिंगटन से हो रहे हैं और केंद्र सरकार ‘अमेरिकी टाइम ज़ोन’ पर चल रही है.
पीएम पर तीखा तंज
पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर तंज कसते हुए एक नया नारा दिया. उन्होंने कहा, “ये नरेंद्र मोदी नहीं, बल्कि ‘नरन-डर और कम सरेंडर’ (Naran-dar and Come-surrender) हैं.” कांग्रेस का कहना है कि यह डील देश के आत्मसम्मान को गिरवी रखकर की गई है. खेड़ा ने सवाल उठाया कि क्या यह सब ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) का सच छिपाने के लिए किया जा रहा है? क्या पीएम मोदी को किसी बात का डर है?
भारत बनेगा अमेरिका का ‘डम्पिंग ग्राउंड’
कांग्रेस ने इस डील को भारतीय बाजार के लिए खतरनाक बताया है. खेड़ा ने कहा कि अमेरिकी किसान खुश हैं क्योंकि उन्हें भारत जैसा बड़ा बाजार मिल गया है, लेकिन भारतीय किसानों का क्या होगा? आने वाले हफ्तों में साफ हो जाएगा कि इस डील से हमारे किसानों की कमर कैसे टूटेगी. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मनमोहन सिंह के समय टैरिफ महज 2.93% था, जिसे मोदी सरकार ने 50% से घटाकर 18% कर दिया है. यह भारत को अमेरिकी सामान का ‘डम्पिंग ग्राउंड’ बनाने की साजिश है.
भारत सरकार अमेरिका के टाइम जोन के हिसाब से चल रही है, क्योंकि सारे निर्णय अमेरिका के हिसाब से हो रहे हैं।
हमारे लिए इससे ज्यादा खेद जनक बात और कुछ नहीं हो सकती।
डील सामने बैठकर Negotiate की जाती है, लेकिन कनपटी पर बंदूक रख, CD दिखाकर, ब्लैकमेल कर जो किया जाए- वो सरेंडर होता है।… pic.twitter.com/qYFVW5TzPN
रूस से तेल पर ‘चोर’ जैसा बर्ताव
कांग्रेस ने रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा. खेड़ा ने कहा कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत को खुली धमकी दी है और कहा है कि हम पर नजर रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत को ‘चोर’ की तरह ट्रीट किया जा रहा है. 50% टैरिफ लगाने की बात हो रही है. जब इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह अमेरिका से आंख में आंख डालकर बात करते थे, तो आज केंद्र सरकार ऐसा क्यों नहीं कर पा रही?
‘नेता हैं या डीलर?’
पवन खेड़ा ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की चुप्पी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि डील की घोषणा अमेरिका से हुई, भारत से नहीं. खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी ने सही कहा था कि पीएम ‘कम्प्रोमाइज्ड’ (Compromised) हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर भी लोग जानते हैं कि यह डील नहीं, सरेंडर है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
February 07, 2026, 17:05 IST

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