लाल किला ब्लास्ट में बड़ा खुलासा, गिरफ्तार डॉक्टर्स क्या स्लीपर सेल थे?

42 minutes ago

Last Updated:November 29, 2025, 15:42 IST

Delhi Lal Qila Car Blast: दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. गिरफ्तार हुए डॉक्टरों की टीम पर अब स्लीपर सेल होने का शक गहरा गया है. एजेंसियां मान रही हैं कि ये आरोपी समय आने पर एक्टिव होने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे. धमाके के बाद मिले सुराग इसी एंगल को मजबूत कर रहे हैं.

लाल किला ब्लास्ट में बड़ा खुलासा, गिरफ्तार डॉक्टर्स क्या स्लीपर सेल थे?खुफिया एजेंसियां मान रही हैं कि ये पूरा मॉड्यूल स्लीपर सेल की तरह एक्टिव होने वाला था. (फोटो PTI)

Delhi Lal Qila Car Blast: देश की राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए भीषण ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या धमाके के बाद गिरफ्तार हुए डॉक्टरों की पूरी टीम एक स्लीपर सेल की तरह काम कर रही थी? एजेंसियां अब इसी एंगल को बेहद गंभीरता से खंगाल रही हैं. शुरुआती इनपुट बताते हैं कि इनकी गतिविधियां बिल्कुल उसी पैटर्न पर थीं जैसा किसी प्रोफेशनल स्लीपर मॉड्यूल का होता है.

जांच सूत्रों का दावा है कि ये सभी आरोपी डॉक्टर अपने-अपने शहरों में पढ़ाई, नौकरी और इंटर्नशिप करते हुए बेहद सामान्य जिंदगी जी रहे थे. लेकिन अब शक गहरा गया है कि इन सबको समय आने पर एक्टिवेट किया जाना था. यही वजह है कि धमाके से पहले तक इन पर किसी जांच एजेंसी को रत्तीभर भी शक नहीं हुआ. एजेंसियां मान रही हैं कि ये सिर्फ डॉक्टर नहीं, बल्कि देश में बड़े हमले की तैयारी कर रही एक शांत-छिपी हुई टीम भी हो सकती है.

डॉक्टर्स का पैटर्न क्यों बढ़ा रहा है शक?

सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार डॉक्टरों के व्यवहार और लोकेशन पैटर्न ने खुफिया एजेंसियों को चौंका दिया है. कई राज्यों में फैले इस नेटवर्क का काम देखने में सामान्य था. लेकिन अब हर कड़ी एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है.

इनपुट बताते हैं कि:

सभी डॉक्टर जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों में एक-दूसरे से जुड़े थे. धमाके से पहले तक किसी में भी संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी. नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से बिखरा हुआ था. आदेश मिलने के बाद ही इन्हें एक्टिव होना था. दिल्ली ब्लास्ट ने इस पूरे स्लीपर पैटर्न को सामने ला दिया.
एजेंसियां इस पूरी कहानी को जोड़कर पता लगाने में लगी हैं कि इनके पीछे कौन-सा बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था. (फोटो PTI)

कैसे चल रही थी तैयारी?

जांच टीम को जो शुरुआती ट्रेल मिला है, वह बिल्कुल किसी प्रोफेशनल स्लीपर मॉड्यूल जैसा दिखता है.

यह पूरी टीम किस तरह काम कर रही थी:

सभी अपने कॉलेज, हॉस्पिटल और क्लीनिक में नियमित दिनचर्या निभा रहे थे. एक-दूसरे से दूर रहकर नेटवर्क को छिपाया गया था. डिजिटल संपर्क बेहद सीमित रखे गए. किसी भी एजेंसी को शक न हो, इसलिए कोई असामान्य मूवमेंट नहीं. आदेश मिलते ही तय जगहों पर सक्रिय होने की तैयारी.

धमाके के बाद खुला ‘डॉक्टर मॉड्यूल’: सबसे ज्यादा आरोपी इसी प्रोफेशन से

दिल्ली धमाके के बाद जब पहला कनेक्शन निकला तो जांच टीम भी दंग रह गई. नेटवर्क में जितने लोग पकड़े गए उनमें सबसे ज्यादा डॉक्टर ही पाए गए. गौरतलब है कि धमाके में 15 लोगों की मौत हुई थी और 20 से ज्यादा घायल हुए थे. कार चला रहा डॉ. उमर नबी भी मारा गया था. इस केस में अब तक 8 लोग गिरफ्तार हैं, जिनमें 6 डॉक्टर हैं.

राज्यों में फैले नेटवर्क- एक नजर में

राज्य आरोपी डॉक्टरों की संख्याभूमिका (शक के दायरे में)
जम्मू कश्मीरकईनेटवर्क को जोड़ना
उत्तर प्रदेशकईअसाइनमेंट का इंतजार
हरियाणाकुछडॉक्यूमेंटेशन व कनेक्टिविटी
गुजरातकुछलॉजिस्टिक सपोर्ट की आशंका

पूरा मॉड्यूल देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह फैला था कि किसी को भी एक साथ पकड़ना लगभग असंभव था.

खुफिया इनपुट बताते हैं कि ये आरोपी जिस तरह चुपचाप अपनी-अपनी जगहों पर रह रहे थे. (फोटो PTI)

क्यों अब ‘स्लीपर सेल’ एंगल सबसे मजबूत माना जा रहा है?

खुफिया इनपुट बताते हैं कि ये आरोपी जिस तरह चुपचाप अपनी-अपनी जगहों पर रह रहे थे. वह किसी नॉर्मल प्रोफेशनल की तरह नहीं बल्कि एक साइलेंट सेल को दर्शाता है.

जांच एजेंसियां अब इस संभावना पर जोर दे रही हैं कि:

धमाके से पहले यह टीम पूरी तरह डॉर्मेंट थी. इन्हें सिर्फ आदेश का इंतजार था. ब्लास्ट होते ही कई लोग सक्रिय दिखने लगे. इनकी मूवमेंट और डिजिटल ट्रेस स्लीपर सेल जैसी है.

अब एजेंसियां इस पूरी कहानी को जोड़कर पता लगाने में लगी हैं कि इनके पीछे कौन-सा बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था और भारत में इनके अगले कदम क्या हो सकते थे.

About the Author

Sumit Kumar

Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master's degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, ...और पढ़ें

First Published :

November 29, 2025, 15:42 IST

homenation

लाल किला ब्लास्ट में बड़ा खुलासा, गिरफ्तार डॉक्टर्स क्या स्लीपर सेल थे?

Read Full Article at Source