Last Updated:April 03, 2025, 15:19 IST
दिल्ली विधानसभा के 8वें सत्र में 40 दिनों में दो सत्र आयोजित हुए, जिसमें बजट पर 7 घंटे 13 मिनट चर्चा हुई. विपक्ष ने बिजली मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया, लेकिन चर्चा में भाग नहीं लिया. सदन के महीने के ...और पढ़ें

सदन का बिजली खत्म करने की प्लानिंग चल रही है.
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के 8वें सत्र की कार्यवाही संपन्न हो गई. इस दौरान दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता सदन खत्म होने के बाद विपक्ष के रवैया, सदन के बिजली बिल और दिल्ली को राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा दिलाने को लेकर बात की. 40 दिनों की अवधि में दो सत्र आयोजित किए गए. पिछले 5 सालों में हुए 4 सत्रों की तुलना में उल्लेखनीय है. विधानसभा की कार्यवाही एक दिन भी नहीं रुकी और लगातार जारी रही.
स्पीकर ने बताया कि 25 मार्च को बजट पारित किया गया, जिसमें सत्र 8 घंटे तक चला, जो दिल्ली विधानसभा के इतिहास में एक रिकॉर्ड है. इस बार सदन की कार्यवाही दो दिन बढ़ाई गई. बजट पर 7 घंटे 13 मिनट तक चर्चा हुई, जिसमें 36 सदस्यों ने हिस्सा लिया. विपक्ष को चर्चा में ज्यादा मौका दिया गया। सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाए गए, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों के प्रस्ताव आए, लेकिन स्पीकर ने विपक्ष के प्रस्ताव को प्राथमिकता दी.
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बिजली के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया, लेकिन सदन में उपस्थित न होकर परिसर के बाहर चले गए. इस पर स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विपक्ष के प्रस्ताव पर मंत्री ने 30 मिनट तक जवाब दिया, लेकिन विपक्ष ने बाहर जाकर झूठे बयान दिए. उन्होंने कहा, ‘आने वाले सत्र में हम विपक्ष से इसका जवाब लेंगे.’
सत्र में प्राइवेट मेंबर बिल की शुरुआत की गई, लेकिन विपक्ष ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई. प्रश्नकाल में 384 नोटिस आए और इसे गंभीरता से चलाया गया. सरकार ने कैग की 6 रिपोर्ट सदन में पेश कीं, अब तक कुल 8 रिपोर्ट सदन में आ चुकी हैं. विपक्ष ने किसी भी कैग रिपोर्ट पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया. स्पीकर ने विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया.
दिल्ली विधानसभा का एक महीने का बिजली बिल 15 लाख रुपये आता है. स्पीकर ने बताया कि मानसून सत्र तक विधानसभा को सोलर एनर्जी से चलाने की कोशिश की जा रही है. इसके अलावा, दिल्ली विधानसभा को नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन से जोड़ा जा रहा है, जो एक महीने में केंद्र के सहयोग से पूरा हो जाएगा. स्पीकर ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने इसे लागू नहीं होने दिया, लेकिन अब दिल्ली विधानसभा को आदर्श बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं.
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
April 03, 2025, 15:19 IST