सोने की कीमतें आसमान पर, फिर भी मेवात की शादियों में नहीं टूटी सदियों पुरानी परंपरा

3 weeks ago

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हंसली-गुलिबंद बिना अधूरा निकाह, मेवात में आज भी सोना है शादी की पहचान

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राजस्थान के अलवर जिले के मेवात क्षेत्र में शादियां केवल सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं का प्रतीक हैं. यहां निकाह में सोने की हंसली और गुलिबंद देना अनिवार्य माना जाता है. बढ़ती महंगाई और सोने के आसमान छूते दामों के बावजूद लोग इस परंपरा से समझौता नहीं करते. मेहर में कम से कम एक तोला सोना लिखवाना जरूरी होता है, जिसे लड़की की वैवाहिक पहचान और सम्मान का प्रतीक माना जाता है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी इस रिवाज को निभाने का हर संभव प्रयास करते हैं.

Last Updated:January 16, 2026, 14:43 ISTअलवरदेश

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