स्पीड, वजन से डिजाइन तक...वंदेभारत चेयरकार और स्लीपर में क्या फर्क? जानें

1 day ago

Last Updated:January 06, 2026, 11:37 IST

Vande Bharat Sleeper design change- वंदेभारत चेयरकार से स्‍लीपर काफी अलग है. इसमें कई परिवर्तन किए गए हैं. सबसे खास इसका अगला हिस्‍सा ( नोज) है, क्‍योंकि स तरह डिजाइन किया गया, जिससे जानवर टकराने के बाद भी ट्रेन की एनर्जी बिल्‍कुल खराब न हो. स्‍लीपर का वजह करीब एक टन अधिक है. क्‍योंकि इसमें बर्थ लगी हैं. बर्थ के साथ चढ़ने के लिए सीढि़यां भी हैं.

स्पीड, वजन से डिजाइन तक...वंदेभारत चेयरकार और स्लीपर में क्या फर्क? जानेंस्‍लीपर वंदेभारत में कई बदलाव किए गए हैं.

नई दिल्‍ली. वंदेभारत स्‍लीपर ट्रेन से सफर का सपना इसी महीने पूरा होने वाला है. 17 या 18 जनवरी को ट्रेन का ऑपरेशन शुरू हो जाएगा. गुहावाटी से कोलकाता तक चल चलने वाली ट्रेन मौजूदा वंदेभारत से काफी अलग है. इसमें कई परिवर्तन किए गए हैं. सबसे खास इसका अगला हिस्‍सा ( नोज) है, इसको इस तरह डिजाइन किया गया, जिससे जानवर टकराने के बाद भी ट्रेन की एनर्जी बिल्‍कुल खराब न हो. आइए जानें इस ट्रेन के अन्‍य बदलाव-

मौजूदा समय वंदेभारत चेयरकार की 82 सर्विस चल रही हैं, चूंकि ये सभी चेयरकार हैं लेकिन नई वाली स्‍लीपर है. स्‍लीपर की वजह से इसमें कई बदलाव किए गए हैं. सबसे पहला बदलाव का मौजूदा वंदेभारत से स्‍लीपर का वजह करीब एक टन अधिक है. क्‍योंकि इसमें बर्थ लगी है. बर्थ के साथ चढ़ने के लिए सीढि़यां अलग तरह की लगाई गयी हैं. इस वजह वजन अधिक हुआ है. वजन अधिक होने का लोड स्प्रिंग पर पड़ेगा, इस वजह से प्रत्‍येक कोच में लगे स्प्रिंग को और मोटा और मजबूत किया गया है, जिससे सफर सुविधाजनक हो सके.

नोज में क्‍या हुआ बदलाव

चूंकि ट्रेन सेमी हाईस्‍पीड है, इस वजह से सामान्‍य ट्रेनों के मुकाबले स्‍पीड तेज है. इसकी स्‍पीड 180 किमी. प्रति घंटे की है. इस वजह से मौजूदा वंदेभारत के सामने कई बार जानवर आ जाते हैं और इंजन वाले हिस्‍से को नुकसान पहुंचता है. कई बार ट्रेन को रोकना पड़ता है. इस वजह से स्‍लीपर की नोज को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है, जिससे जानवर के टकराने से नुकसान कम से कम या न हो. इसके अलावा नोज को डिजाइन करते समय इस बात का ध्‍यान रखा गया है कि जानवर के टकराने के बाद ट्रेन की एनर्जी पर कोई फर्क न पड़े, जिससे स्‍पीड प्रभावित न हो. अगर जानवर टकराता है वो उसका प्रभाव कम से कम पड़े.

क्‍या स्‍पीड में कोई बदलाव हुआ है

वंदेभारत चेयरकार और स्‍लीपर की स्‍पीड में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. दोनों श्रेणियों की ट्रेनें 180 किमी. प्रति घंटे की स्‍पीड के लिए डिजाइन की गयी हैं और अधिकतम स्‍पीड 160 किमी. प्रति घंटे है. यानी दोनों ट्रेनें एक ही स्‍पीड से सेक्‍शन के अनुसार दौड़ने में सक्षम हैं.

बर्थ लगने की वजह से वजन अधिक है स्‍लीपर वंदेभारत का.

कोच की संख्‍या में फर्क

वंदेभारत चेयरकार 8,16 और 20 कोचों की है. लेकिन चलने वाली स्‍लीपर वंदेभारत में 16 कोच हैं. इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं. ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे.

सफर बेहतर करने के लिए ये सुविधाएं

यात्रियों के लिए इसमें आरामदायक और मुलायम बर्थ, कोचों के बीच ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टीब्यूल, बेहतर सस्पेंशन और कम शोर की सुविधा दी गई है, जिससे सफर ज्यादा आरामदायक होगा.

किराए पर एक नजर

गुवाहाटी–कोलकाता थर्ड एसी: 2300 रुपये, सेकंड एसी 3000 रुपये, फर्स्ट एसी 3600 रुपये रखा गय है. अगले 6 महीनों में 8 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें और साल के अंत तक कुल 12 ट्रेनें शुरू की जाएंगी. इस तरह 2016 में 10 और वंदेभारत स्‍लीपर ट्रेनें आएंगी. जो 10 विभिन्‍न रूटों पर चलेंगी. इनके रूट बाद में तय किए जाएंगे.

Location :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

January 06, 2026, 11:34 IST

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