Last Updated:January 30, 2026, 21:34 IST
बेंगलुरु में एंटी करप्शन की टीम ने एक इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है. उसपर 5 लाख घूस मांगने का आरोप है. दरअसल, केपी अग्राहारा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर गोविंदराजू को लोकायुक्त पुलिस ने बिल्डर मोहम्मद अरकम से 5 लाख की रिश्वत मांगने पर रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.
रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुआ दरोगा. (सांकेतिक)Karnataka News: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में लोगों का रक्षक ही पैसों की लालच में हैवान बन बैठा था. कानून के रखवाला ही कानून की धज्जियां उड़ा रहा था. बेंगलुरु के के.पी. अग्रहारा (K.P. Agrahara) पुलिस स्टेशन में तैनात इंस्पेक्टर गोविंदराजू को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. भ्रष्टाचार के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है.
दरअसल, पूरा मामला एक चिट फंड धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, बिल्डर मोहम्मद अरकम ने इस संबंध में एक शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप है कि इंस्पेक्टर गोविंदराजू ने इस केस में मदद करने या फिर बिल्डर को झूठे केस में न फंसाने के बदले 5 लाख रुपये की भारी-भरकम डिमांड रखी थी. भ्रष्ट अधिकारी ने डील के तहत 1 लाख रुपये पहले ही वसूल लिए थे.
लालच ने फंसाया
1 लाख पहले लेने के बाद भी पुलिस वाले की लालच खत्म नहीं हो रही थी. उसने वह बाकी बचे 4 लाख रुपये के लिए लगातार दबाव बना रहा था. परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी लोकायुक्त को दी. लोकायुक्त ने ठेकेदार से पुलिस वाले के हिसाब से फॉलो करने को कहा. साथ ही उसे रंगे हाथों गिरफ्तार करने के लिए पूरी जाल बिछा दी थी.
फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी
शिकायत मिलते ही लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया. बुधवार को जैसे ही इंस्पेक्टर गोविंदराजू ने रिश्वत की अगली किस्त यानी 4 लाख रुपये लेने के लिए बिल्डर को सिरसी सर्कल (Sirsi Circle) के पास स्थित CAR ग्राउंड के पास बुलाया, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे घेर लिया. जैसे ही नोटों के बंडल इंस्पेक्टर के हाथ में पहुंचे, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया. मौके पर ही केमिकल टेस्ट और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं, जिसमें रिश्वत लेने की पुष्टि हुई.
पेट्रोलिंग वाले गाड़ी हुआ इस्तेमाल?
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि आरोपी इंस्पेक्टर ने पहले शिकायतकर्ता को डराने के लिए ‘होयसला’ (बेंगलुरु पुलिस की गश्ती गाड़ी) को मौके पर बुलाया था. उसे थाने ले गया था. वहीं पर केस को रफा-दफा करने के लिए 5 लाख रुपये की डील पक्की की गई थी. वर्दी की धौंस दिखाकर उगाही करने का यह तरीका अब इंस्पेक्टर के लिए गले की फांस बन गया है.
केस दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने गोविंदराजू को हिरासत में ले लिया है. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस ‘उगाही रैकेट’ में थाने के कुछ और पुलिसकर्मी या बड़े अधिकारी भी शामिल थे.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
Location :
Bangalore,Karnataka
First Published :
January 30, 2026, 21:34 IST

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