Mann Ki Baat LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में देश को संबोधित कर रहे हैं. यह प्रोग्राम एयर न्यूज वेबसाइट, न्यूजऑनएयर मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध होगा. इसके अलावा एयर न्यूज, डीडी न्यूज, प्रधानमंत्री कार्यालय और सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यूट्यूब चैनलों पर लाइव-स्ट्रीम किया जा रहा है. आकाशवाणी पर हिंदी के तुरंत बाद क्षेत्रीय भाषाओं में ब्रॉडकास्ट हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस एपिसोड में भारत के वर्तमान प्रगति से लेकर इतिहास की गौरव गाथा तक, साथ ही उन्होंने साइंस और एग्रिकल्चर में तरक्की की भी बात की.
भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भेजे जाने पर भूटानी लोग भारत का आभार जता रहे हैं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने मन की बात में अपने भूटान यात्रा का जिक्र किया. उन्होंने भूटान में सभी लोग वहां Buddhist Relics यानी भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भेजे जाने को लेकर भारतवासियों का आभार जता रहे थे। मैंने भी जब यह सुना, तो मेरा हृदय गर्व से भर उठा। पिछले महीने ही Museum से इन पवित्र अवशेषों को रूस के Kalmykia ले जाया गया था। यहां बौद्ध धर्म का विशेष महत्व है। मुझे बताया गया कि इनके दर्शन के लिए रूस के दूरदराज से भी बहुत बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे।
14,500 फुट पर आयोजित हो रहा मैराथन, बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं लोग- पीएम मोदी
इन दिनों उत्तराखंड का विंटर टूरिज्म लोगों को बहुत आकर्षित कर रहा है. सर्दियों के मौसम में औली, मुनस्यारी, चोपटा और डेयारा जैसी जगहें खूब पॉपुरल हो रही हैं. पिथौरागढ़ जिले में 14,500 फुट से अधिक की ऊंचाई पर आदि कैलाश में राज्य की पहली High Altitude Ultra Run Marathon का आयोजन किया गया था. इसमें देश भर के 18 राज्यों से 750 से ज्यादा एथलिट्स ने हिस्सा लिया था.
आईएनएस माहे के स्वदेशी लुक की हो रही है चर्चा- पीएम मोदी
मुंबई में INS ‘माहे’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया. कुछ लोगों के बीच इसके स्वदेशी design को लेकर खूब चर्चा रही. वहीं, पुडुचेरी और मालाबार coast के लोग इसके नाम से ही खुश हो गए. दरअसल इसका ‘माहे’ नाम उस स्थान माहे के नाम पर रखा गया है, जिसकी एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत रही है.
काशी-तामिल समागम में भाग लें- पीएम मोदी की अपील
पीएम मोदी ने 2 दिसंबर से काशी के नमो घाट पर चौथा काशी-तमिल समागम की बात की. उन्होंने काशी तामिल समागम में भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा- इस बार के काशी-तमिल संगमम की थीम बहुत ही रोचक है. Learn Tamil– तमिल करकलम्. काशी-तमिल संगमम उन सभी लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है, जिन्हें तमिल भाषा से लगाव है.
दूसरे विश्व युद्ध में गुजरात के राजा ने कैसे यहूदियों की बचाई जान
पीएम मोदी ने मन की बात में बताया, ‘दूसरे विश्व युद्ध की कल्पना कीजिए. जब चारों ओर विनाश का भयावह माहौल बना हुआ था. ऐसे मुश्किल समय में गुजरात के नवानगर के जाम साहब, महाराजा दिग्विजय सिंह जी ने जो महान कार्य किया, वो आज भी हमें प्रेरणा देता है. जाम साहब किसी सामरिक गठबंधन या युद्ध की रणनीति को लेकर नहीं सोच रहे थे. बल्कि उनकी चिंता ये थी कि कैसे विश्व युद्ध के बीच पोलिश यहूदी बच्चों की रक्षा हो. उन्होंने गुजरात में तब हजारों बच्चों को शरण देकर उन्हें नया जीवन दिया, जो आज भी एक मिसाल है.
महाभारत की गाथा का कुरुक्षेत्र के मैदान से ले 3डी में लें आनंद- मोदी
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में महाभारत का युद्ध हुआ था. ये हम सभी जानते हैं. लेकिन युद्ध के इस अनुभव को अब आप वहां महाभारत अनुभव केंद्र में भी साक्षात महसूस कर सकते हैं. इस अनुभव केंद्र में महाभारत की गाथा को 3डी, लाइट & साउंड और डिजिटल टेक्निकल से दिखाया जा रहा है.
भारत अलग-अलग जगहों के खास शहद के बारे में जानते हैं आप? पीएम मोदी से सुनिए
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में वन तुलसी यानी सुलाई, सुलाई के फूलों से यहां की मधुमक्खियां बेहद अनोखा शहद बनाती हैं. ये सफेद रंग का शहद होता है, जिसे रामबन सुलाई शहद कहा जाता है. कुछ वर्षों पहले ही रामबन सुलाई शहद को GI Tag मिला है. दक्षिण कन्नड़ा जिले के पुत्तुर में वहां की वनस्पतियां शहद उत्पादन के लिए उत्कृष्ट मानी जाती हैं. यहां ‘ग्रामजन्य’ नाम की किसान संस्था इस प्राकृतिक उपहार को नई दिशा दे रही है. कर्नाटका के ही तुमकुरु जिले में ‘शिवगंगा कालंजिया’ नाम की संस्था का प्रयास भी बहुत सराहनीय है. इनके द्वारा यहां हर सदस्य को शुरुआत में दो मधुमक्खी बॉक्स दिए जाते हैं. ऐसा करके इस संस्था ने अनेकों किसानों को अपने अभियान से जोड़ दिया है. नागालैंड के चोकलांगन गांव में खियामनि-यांगन जनजाति सदियों से शहद निकालने का काम करती आई हैं. यहां मधुमक्खियों पेड़ों पर नहीं बल्कि ऊंची चट्टानों पर अपने घर बनाती हैं. इसलिए शहद निकालने का काम भी बहुत जोखिम भरा होता है. इसलिए यहांं के लोग मधुमक्खियों से पहले सौम्यता से बात करते हैं, उनसे अनुमति लेते हैं.साइंस में कैसे तरक्की कर रहा है भारत? पीएम मोदी से जानिए
पीएम मोदी ने मन की बात में पुणे के छात्रों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने मेरा ध्यान खींचा. ये वीडियो ISRO की एक अनोखी ड्रोन (Drone) प्रतियोगिता का था. इस वीडियो में हमारे देश के युवा और खासकर हमारे Gen-Z मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन उड़ाने की कोशिश कर रहे थे. इस प्रतियोगिता में पुणे के युवाओं की एक टीम ने कुछ हद तक सफलता पाई. उनका ड्रोन भी कई बार गिरा, क्रैश हुआ पर उन्होंने हार नहीं मानी. कई बार के प्रयास के बाद इस टीम का ड्रोन मंगल ग्रह की परिस्थिति में कुछ देर उड़ने में कामयाब रहा.
नवंबर का महीना भारत के लिए क्यों है खास? मन की बात में पीएम मोदी ने बताया
26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ पर Central Hall में विशेष कार्यक्रम. वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने पर पूरे देश में होने वाले कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत. अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण. कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पांचजन्य स्मारक का लोकार्पण.‘मन की बात’ भारत और विदेश में अपने नागरिकों से जुड़ने के लिए प्रधानमंत्री के खास प्लेटफॉर्म में से एक रहा है. पीएम मोदी कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार शेयर करते हैं, जमीनी स्तर की पहल पर जोर देते हैं और विकास और सामाजिक अभियानों में लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देते हैं.
26 अक्टूबर को एयर हुआ पिछला एपिसोड ‘मन की बात’ का 127वां एडिशन था. उस भाषण में प्रधानमंत्री ने छठ पर्व की शुभकामनाएं दी थीं और संस्कृत को फिर से शुरू करने में योगदान देने वाले युवा रचनाकारों की तारीफ की. उन्होंने भारत के कॉफी सेक्टर को दुनियाभर में ज्यादा पहचान मिलने का भी जश्न मनाया.

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