Last Updated:August 31, 2025, 13:54 IST
Maratha Reservation News: राज ठाकरे ने मराठा आरक्षण मुद्दे पर एकनाथ शिंदे से सवाल किए हैं. वहीं, मनोज जरांगे आजाद मैदान में अनशन पर हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समाधान की बात कही है.

Maratha Reservation News: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने मराठा आरक्षण पर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पूछा जाना चाहिए कि मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझाये जाने के बावजूद ऐसा फिर से क्यों हुआ. मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे का दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर अनशन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा.
राज ठाकरे ने आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘केवल एकनाथ शिंदे ही मराठा आंदोलन और आरक्षण के मुद्दे के बारे में सब कुछ बता सकते हैं. अगर आप जानना चाहते हैं कि मनोज जरांगे क्यों वापस आए हैं, तो एकनाथ शिंदे से पूछें. पिछली बार जब वे मुख्यमंत्री के रूप में नवी मुंबई गए थे तो उन्होंने इस मुद्दे को सुलझा लिया था. यह मुद्दा फिर से क्यों उठा है? इन सभी सवालों के जवाब केवल शिंदे ही दे सकते हैं.’ इस बीच, 32 वर्षीय एक आंदोलनकारी की शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.
मराठा आरक्षण पर पल-पल का अपडेट
Maratha Reservation LIVE: मनोज जारंगे ने रविवार को कहा कि मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की उनकी मांग पूरी होने तक वह मुंबई नहीं छोड़ेंगे. उनकी भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी मांग संवैधानिक रूप से वैध है और सरकार के पास रिकॉर्ड हैं जो दर्शाते हैं कि कुनबी और मराठा एक ही जाति हैं. पुलिस के अनुसार, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे, जिससे इलाके और आस-पास के जंक्शनों पर यातायात प्रभावित हुआ. मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने अपने एक्स हैंडल पर कहा, ‘चूंकि आज़ाद मैदान में आंदोलन अभी भी जारी है, आंदोलनकारी सीएसएमटी जंक्शन पर मौजूद हैं, जिससे इलाके और आस-पास के जंक्शनों पर यातायात प्रभावित हो रहा है. वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे इन मार्गों से बचें और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाएं.’
Maratha Reservation LIVE: राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि आजाद मैदान में आंदोलन की अनुमति दी गई है, ऐसे में आम मुंबईकरों को परेशान करना गलत है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनी दृष्टि से जिनके पास प्रमाण नहीं है, उन्हें ओबीसी से आरक्षण मिलना असंभव है. आज समय निकालने के लिए कुछ मांगें मान ली जाएं, तो भी वे कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं होंगी. चंद्रकांत पाटील ने बताया कि सगे-संबंधियों के बारे में अध्यादेश भी जारी हो चुका है और हमारे पितृसत्तात्मक समाज के नियमों के अनुसार सगे-संबंधी केवल पिता की ओर से माने जाते हैं. ऐसे सभी संबंधियों को प्रमाण पत्र मिलने शुरू हो गए हैं. एक व्यक्ति को प्रमाण पत्र मिलने पर उसके परिवार के दस लोगों को इसका लाभ होता है. इस प्रकार लाखों समाज के लोगों को अब कुणबी प्रमाण पत्र का लाभ मिल रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि शरद पवार ने ऐसा क्यों नहीं किया? शरद पवार चार बार मुख्यमंत्री रहे, तब उन्होंने तमिलनाडु की तरह आरक्षण क्यों नहीं दिया? तमिलनाडु का आरक्षण अभी भी सर्वोच्च न्यायालय में है और वह सर्वोच्च न्यायालय में टिकने वाला नहीं है.
Maratha Reservation LIVE: मुंबई में चल रहे मराठा आरक्षण आंदोलन का आज तीसरा दिन है. अन्न-पानी और बारिश की परवाह किए बिना समुदाय के लाखों मुंबई में आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं. मनोज जरांगे पाटील का आंदोलन जारी है. वहीं शनिवार रात को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में बैठक हुई. इसलिए आज यानी रविवार 31 अगस्त 2025 को मराठा आरक्षण के मुद्दे पर समाधान निकलेगा या नहीं, इस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं. मराठा आरक्षण की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील और गिरीश महाजन के बीच शनिवार रात ‘वर्षा’ बंगले पर लगभग एक घंटे की बैठक हुई. मनोज जरांगे पाटील का आंदोलन जारी रहने के कारण राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है. आंदोलन के कारण मुंबई की यातायात व्यवस्था पर दबाव पड़ रहा है और नागरिकों को जाम का सामना करना पड़ रहा है.
क्या बोले सीएम फडणवीस
ओबीसी कोटे में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे मुंबई के आजाद मैदान में अनशन पर बैठे हुए हैं. इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सरकार संवैधानिक ढांचे के अंदर मराठा आरक्षण मुद्दे का समाधान खोजने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा, ‘पिछले साल मराठा समुदाय को (सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग श्रेणी के तहत) दिया गया 10 प्रतिशत आरक्षण अभी भी लागू है.’ CM ने ये भी कहा कि मराठा समुदाय को शिक्षा और रोजगार प्रदान करने के लिए सबसे अधिक फैसले 2014 और 2025 के बीच लिए गए.
कैबिनेट में चर्चा की बात
इससे पहले शुक्रवार को भी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि इस मुद्दे पर कैबिनेट सब-कमेटी उनकी मांगों पर चर्चा कर रही है और संवैधानिक ढांचे के भीतर समाधान ढूंढेगी. सीएम ने बताया था कि मनोज जरांगे को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में सिर्फ एक दिन के लिए विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है, उन्होंने विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए नई अनुमति मांगी है और पुलिस इस पर सकारात्मक विचार करेगी.
OBC के तहत 10 फीसदी आरक्षण की मांग
बता दें कि मराठा आंदोलन कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटील OBC कैटेगरी के तहत मराठों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि सभी मराठों को ओबीसी के तहत आने वाली कृषि प्रधान जाति कुनबी के तौर पर मान्यता मिले ताकि उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का फायदा मिल सके.
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...
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Location :
Mumbai,Maharashtra
First Published :
August 31, 2025, 06:22 IST
LIVE: 'मराठा को आरक्षण मिलने तक नहीं छोड़ेंगे मुंबई', मनोज जरांगे की हुंकार