Trump Tariff Announcements Live: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की योजना का ऐलान करने वाले हैं. वाइट हाउस ने इसे ‘Liberation Day‘ करार दिया है. ट्रंप इस नीति की घोषणा अमेरिकी समयानुसार 16:00 EST (भारतीय समयानुसार 2:30 AM) पर करेंगे. ट्रंप का दावा है कि टैरिफ ‘अनफेयर ट्रेड’ को रोकने के लिए जरूरी है. इस फैसले से अमेरिकी उद्योगों को फायदा हो सकता है, खासकर स्ट्रीमिंग कंपनियों और जैम बनाने वालों को. हालांकि, यह साफ नहीं है कि ट्रंप सभी देशों पर समान टैरिफ लगाएंगे या चुनिंदा देशों को टारगेट करेंगे. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह 20% तक हो सकता है. आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि टैरिफ बढ़ने से अमेरिका और दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है. यह एक बड़े ‘ट्रेड वॉर’ को जन्म दे सकता है. हालांकि, वेटरन इन्वेस्टर प्रशांत जैन का कहना है कि भारत पर इन टैरिफ का सीधा असर (US tariff impact on India) नहीं होगा. हालांकि, कुछ सेक्टर्स और स्टॉक्स प्रभावित हो सकते हैं. ट्रंप के टैरिफ ऐलान से जुड़े सभी अपडेट्स के लिए बने रहें हमारे साथ.
Trump Tariff News LIVE: 'यह आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा का दिन'
ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही एक एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन करेंगे, जिससे ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लागू होंगे. ट्रंप के अनुसार, इसका मतलब है: ‘अगर वे हमारे साथ ऐसा करते हैं, तो हम भी उनके साथ वही करेंगे.’ उन्होंने कहा कि आज अमेरिका की ‘आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा’ का दिन है. ट्रंप ने कहा, ‘अब हमारी बारी है समृद्ध होने की’.
Donald Trump Live: वाइट हाउस के बाहर बोल रहे डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्र्रंप ने वाइट हाउस के रोज़ गार्डन में बोलना शुरू कर दिया है. ट्र्रंप का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया गया और उन्होंने उपस्थित लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज “बहुत अच्छी खबर” होगी. उन्होंने आगे कहा कि आज “मुक्ति दिवस” है, उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से इसका इंतजार कर रहा था. उन्होंने कहा कि आज का दिन अमेरिकी उद्योग के “पुनर्जन्म” और अमेरिका के “फिर से अमीर बनने” के दिन के रूप में याद किया जाएगा. ट्र्रंप ने कहा कि अमेरिका का “धोखेबाजों” ने फायदा उठाया है और विदेशियों ने उसे “लूटा” है. उन्होंने कहा, “हमारे करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है.”
Trump Tariff Live News: बस थोड़ी देर में ट्रंप का भाषण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नए आयात शुल्कों (टैरिफ) की घोषणा करने वाले हैं. व्हाइट हाउस में स्टील और ऑटो वर्कर्स, कैबिनेट सदस्यों और कांग्रेस के प्रतिनिधियों के सामने वह अगले 30 मिनट में यह बड़ा ऐलान करेंगे.
Trump Tariff News Live: वरमोंट के डेमोक्रेटिक सीनेटर पीटर वेल्च ने किया ट्रंप के टैरिफ प्लान का विरोध
सीनेटर पीटर वेल्च ने ट्रंप के टैरिफ की आलोचना की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे वरमोंट के परिवारों, किसानों और मेपल चीनी उत्पादकों को ‘प्रत्यक्ष और तत्काल आर्थिक नुकसान’ होगा. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि टैरिफ समय के साथ अमेरिका और उसके व्यापार भागीदारों के बीच ‘विश्वास को खत्म’ कर सकते हैं. वेल्च ने कहा, ‘वह यही कर रहे हैं, पूरी तरह से बुरा, पूरी तरह से गलत, बर्बाद करने वाला. और एकमात्र सवाल यह है कि वह अपने होश में आने और इस टैरिफ नीति को वापस लेने से पहले वरमोंट के आम लोगों को कितना दर्द देंगे.‘
Goldman Sachs की चेतावनी: अमेरिकी मंदी का खतरा बढ़ा
अमेरिकी इकॉनमी को लेकर Goldman Sachs ने चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है. बैंक ने अगले 12 महीनों में मंदी (recession) की आशंका को 20% से बढ़ाकर 35% कर दिया है और 2025 के GDP ग्रोथ एस्टिमेट को घटाकर महज 1% कर दिया है. नए आयात शुल्कों (tariffs) से व्यापार प्रभावित होगा, जिससे कंज्यूमर स्पेंडिंग और बिजनेस इन्वेस्टमेंट पर दबाव पड़ेगा. Goldman ने अपना इन्फ्लेशन एस्टिमेट भी बढ़ा दिया है, जिससे फेड की ब्याज दरें कम होने की उम्मीदें धुंधली हुई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के अंत तक अमेरिकी बेरोजगारी दर 4.5% तक पहुंच सकती है (अभी ~4%).
Trump Tariff Live: वॉल स्ट्रीट में उठापटक जारी
आगामी टैरिफ (आयात शुल्क) की आशंका से निवेशक सतर्क हैं. वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों ने आज सुबह गिरावट के साथ शुरुआत की, लेकिन व्यापारियों के बीच खरीदारी के दबाव ने बाजार को हरे निशान पर पहुंचा दिया. डॉव जोन्स और S&P 500 0.4% की बढ़त के साथ चल रहे हैं, जबकि टेक-हेवी नैस्डैक 0.5% ऊपर है.
Donald Trump Tariffs Announcement Live Updates: ऐलान से पहले ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट
डोनाल्ड ट्रंप ने आज सुबह सुबह 7 बजे (स्थानीय समय) अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक जोरदार बयान दिया. उन्होंने कैपिटल लेटर्स में लिखा – “IT’S LIBERATION DAY IN AMERICA” (आज अमेरिका का मुक्ति दिवस है). यह बयान उसी दिन आया है जब उनकी सरकार व्यापक टैरिफ (आयात शुल्क) की घोषणा करने वाली है.
अपनी ही लगाई आग में जलेगा अमेरिका! ट्रंप के ऐलान से पहले ही गिरा शेयर बाजार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जल्द घोषित किए जाने वाले नए आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर बाजारों में अनिश्चितता है. वॉल स्ट्रीट में आज सुबह के कारोबार के दौरान शेयरों में गिरावट देखी गई. Dow Jones 0.3% गिरकर 41,868.54 पर पहुंच गया. एसएंडपी 500 (S&P 500) 0.4% की गिरावट के साथ 5,611.83 पर कारोबार कर रहा. नैस्डैक (Nasdaq), जो टेक कंपनियों पर केंद्रित है, भी 0.4% गिरकर 17,378.70 पर पहुंच गया.
टेस्ला (Tesla) के शेयरों में 2.1% की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि कारोबार के दौरान यह 6% से अधिक भी गिर गए थे. यह गिरावट नए टैरिफ के डर के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मांग में कमी की आशंकाओं के कारण भी हो सकती है.
Trump Tariff News Live: मार्केट को लग रहा, टैरिफ का ज्यादा असर नहीं होगा
बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ की चिंताओं के बाद भी भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। इसका मतलब है कि बाजार को लग रहा है कि टैरिफ का घरेलू अर्थव्यवस्था पर न्यूनतम असर होगा। भारत की मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के आठ महीनों के उच्च स्तर पर पहुंचने के कारण भी बाजार सकारात्मक बंद हुआ है।
Trump Tariff Announcement Live: जर्मनी ने कहा- ट्रेड वॉर से अमेरिका को भी नुकसान होगा!
ट्रंप प्रशासन द्वारा नए टैरिफ की घोषणा से कुछ ही घंटे पहले, जर्मनी ने साफ किया कि ‘व्यापार युद्ध से दोनों तरफ के देशों को भारी नुकसान होता है’. जर्मन सरकार के प्रवक्ता स्टेफ़न हेबेस्ट्रेइट ने कहा, ‘ट्रेड वॉर का खामियाजा सिर्फ एक पक्ष को नहीं, बल्कि दोनों पक्षों को भुगतना पड़ता है.’ जर्मनी (यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था) अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है, ताकि व्यापार तनाव न बढ़े.
Trump Tariff News Live: फ्रांस ने यूरोपियन यूनियन की तरफ से भरी हुंकार
फ्रांस की सरकार ने कहा है कि यूरोपीय संघ (EU) अप्रैल के अंत तक अमेरिका के नए टैरिफ (आयात शुल्क) का जवाब देगा. फ्रांस की सरकारी प्रवक्ता सोफी प्राइमस ने बताया कि EU की प्रतिक्रिया दो चरणों में आएगी. मध्य अप्रैल तक स्टील और एल्युमिनियम पर लगे टैरिफ का जवाब दिया जाएगा. अप्रैल के अंत तक हर सेक्टर (उद्योग) को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत योजना बनाई जाएगी. प्राइमस ने कहा कि EU एकजुट होकर और मजबूती से अपना फैसला सुनाएगा.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 2 अप्रैल की दोपहर को EU प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन से बात करेंगे. यह वही दिन है जब ट्रंप के नए टैरिफ लागू होने वाले हैं. EU चाहता है कि इस मामले में सभी देश मिलकर एक साथ रणनीति बनाएं.
Trump Tariffs Announcements LIVE: ब्रिटिश PM का ट्रंप टैरिफ पर रिएक्शन- हम तैयार हैं!
ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बुधवार को संसद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित किए जाने वाले नए टैरिफ (आयात शुल्क) पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘व्यापार युद्ध किसी के भी हित में नहीं है’, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि ब्रिटिश सरकार ‘हर संभावना के लिए तैयार’ है. स्टार्मर ने ‘प्रधानमंत्री प्रश्नकाल’ के दौरान कहा कि ब्रिटेन ‘जल्दबाज़ी में कोई प्रतिक्रिया नहीं देगा’ और इस मामले में ‘शांत दिमाग से काम लेगा’. उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रंप की टैरिफ नीति से वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है, लेकिन ब्रिटेन अपने आर्थिक हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है.
BREAKING: UK Prime Minister Keir Starmer moments ago to the UK Parliament, regarding Trump’s stupid trade war:
“We’ve been preparing for all eventualities ahead of US tariffs later today. Let me be clear with the House — A trade war is in nobody’s interest… Our decisions will… pic.twitter.com/4biHJKzBvy
— Ed Krassenstein (@EdKrassen) April 2, 2025
Trump Tariff News Live: ट्रंप के ऐलान से पहले जान लीजिए बड़ी बातें
ट्रंप कह चुके हैं कि टैरिफ रेसिप्रोकल/पारस्परिक होंगे. इसका मतलब है कि देशों पर वही शुल्क लगाया जाएगा जो वे अमेरिका पर लगाते हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि टैरिफ का प्रभाव किस देश पर पड़ेगा, या क्या वे सभी के लिए समान होंगे? लेकिन, एक बात स्पष्ट है कि अमेरिका में प्रवेश करने वाली कारों पर 25% का नया आयात कर 3 अप्रैल से लागू हो जाएगा, और अगले कुछ महीनों में कार के पुर्जों पर भी यही टैक्स लगेगा.
कुछ टैरिफ पहले ही लागू किए जा चुके हैं. मार्च में अमेरिका में प्रवेश करने वाले सभी स्टील और एल्युमीनियम पर फ्लैट ड्यूटी को बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया. ट्रंप ने पहले ही चीन से आयातित सभी वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 20% कर दिया. कनाडा और मैक्सिको से आने वाली कुछ वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ा दिया. कनाडा ने टैरिफ पर जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी स्टील और एल्युमीनियम पर 25% शुल्क लगाया, जबकि चीन ने भी कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर 10-15% टैक्स लगाया.
भारत US टैरिफ नीति के झटकों को सहने की स्थिति में : रिपोर्ट
भारत उन्नत और उभरते जी-20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा. हमारा घरेलू बाजार का बड़ा आकार देश को अमेरिकी टैरिफ नीति से पड़ने वाले संभावित झटकों के प्रति कम संवेदनशील बनाता है. एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 19 प्रतिशत मोडेस्ट एक्सटर्नल डेब्ट टू जीडीपी रेशो (जीडीपी अनुपात में अपेक्षाकृत मामूली बाह्य ऋण) और अमेरिकी बाजार पर निर्यात को लेकर कम निर्भरता (जीडीपी का मात्र 2 प्रतिशत) भारत को दुष्प्रभावों से मुकाबला करने में सक्षम बनाती हैं. रेटिंग एजेंसी ने भारत में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो 2024-25 में 6.7 प्रतिशत से कम है. उसने मुद्रास्फीति के औसतन 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया, जो गत वित्त वर्ष में 4.9 प्रतिशत थी. इससे आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कम ब्याज दरों और अर्थव्यवस्था में अधिक लिक्विडिटी के साथ सॉफ्ट मनी पॉलिसी का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है. (IANS)
US Tariff News Live: टैरिफ पर फैसले से पहले हरे निशान में बंद हुआ शेयर बाजार
ट्रंप की ओर से जवाबी टैरिफ लगाने के फैसले से पहले भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं. बाजार के ज्यादातर सूचकांकों में खरीदारी हुई. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 592.93 अंक या 0.78 प्रतिशत चढ़कर 76,617.44 और निफ्टी 166.65 या 0.72 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,332.35 पर था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जवाबी टैरिफ को लेकर फैसला बुधवार को लिया जाना है और माना जा रहा है कि इस फैसले का असर दुनियाभर के कारोबार पर हो सकता है.
लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अधिक खरीदारी हुई. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 823.60 अंक या 1.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 52,053.20 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 179.50 अंक या 1.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,162.45 पर बंद हुआ. सेक्टोरल आधार पर ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फिन सर्विस, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी और इन्फ्रा समेत सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए. (IANS)
Trump Tariff News Live: ट्रंप के ऐलान के बाद अमेरिकंस के लिए क्या-क्या महंगा हो सकता है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित किए जाने वाले reciprocal tariffs के चलते अमेरिकी उपभोक्ताओं को कई जरूरी चीजों की कीमतें चुकानी पड़ सकती हैं. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकती है. यहां 6 प्रमुख वस्तुएं हैं, जिनके महंगे होने की आशंका है:
कारें: अमेरिका हर साल करीब 80 लाख कारें आयात करता है (मूल्य: 240 बिलियन) व्हिस्की, बीयर और टकीला: मैक्सिकन बियर (कोरोना, मोडेलो) और यूरोपीय वाइन (स्पेन आदि) पर 200% ड्यूटी की आशंका से इनकी कीमतें बढ़ेंगी. ईंधन: अमेरिका में 61% कच्चा तेल कनाडा से आयात होता है. कनाडाई तेल पर 25% टैरिफ पहले से लागू है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स: चीन से आयातित स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य गैजेट्स महंगे हो सकते हैं. स्टील और एल्युमिनियम: निर्माण और उद्योगों पर असर पड़ेगा, जिससे घरों और वाहनों की लागत बढ़ सकती है. कृषि उत्पाद: यूरोप और लैटिन अमेरिका से आयातित फल, सब्जियां और मांस उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं.Trump Tariff Live: ट्रंप के टैरिफ पर यूरोप ने कहा- संतुलित जवाब दिया जाएगा
फ्रांस के उद्योग मंत्री मार्क फेरासी ने कहा कि अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए टैरिफ (आयात शुल्क) लगाए, तो यूरोप आनुपातिक और संतुलित जवाब देगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि यूरोप तनाव बढ़ाने से बचेगा और बातचीत को प्राथमिकता देगा. फेरासी ने कहा कि ‘यूरोप हमेशा से वार्ता और तनाव कम करने का समर्थक रहा है, क्योंकि व्यापार युद्ध से सभी को नुकसान होता है.’
Trump Tariffs Live: गोल्ड में जबरदस्त उछाल
डोनाल्ड ट्रंप के संभावित ‘Reciprocal Tariffs’ की घोषणा से पहले गोल्ड की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है. बुधवार को सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी आई, जिससे यह अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया. स्पॉट गोल्ड 0.7% बढ़कर $3,131.25 प्रति औंस पर पहुंच गया (0240 GMT). मंगलवार को यह $3,148.88 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था. यूएस गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.4% चढ़कर $3,159.90 हो गया.
Metals Focus के मैनेजिंग डायरेक्टर फिलिप न्यूमैन का कहना है कि ‘सेफ-हेवन बाइंग’ (सुरक्षित निवेश की प्रवृत्ति) गोल्ड में उछाल की सबसे बड़ी वजह है. ‘ट्रेड वॉर’ और भू-राजनीतिक अनिश्चितता से निवेशक सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं. अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुस्ती, महंगाई बढ़ने की आशंका और संभावित ब्याज दर कटौती से गोल्ड की कीमतें आने वाले महीनों में $3,300 तक पहुंच सकती हैं.