Maharashtra Nikay Chunav: 'गजनवी की फौज में हिंदू भी थे'! ओवैसी ने किस बात पर बीजेपी को दिया खुला चैलेंज

1 hour ago

Maharashtra Nikay Chunav 2026: छत्रपति संभाजीनगर में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा. ओवैसी ने सोमनाथ मंदिर के इतिहास को लेकर एक नया विवाद छेड़ दिया है. उन्होंने आरएसएस की मैगजीन ‘ऑर्गनाइजर’ के 1950 के एक अंक का हवाला दिया. ओवैसी ने दावा किया कि महमूद गजनवी की फौज में हिंदू सैनिक भी शामिल थे. उन्होंने पूछा कि जब गजनवी को स्थानीय रजवाड़ों का साथ मिला, तो आज के मुसलमानों को क्यों कोसा जा रहा है? ओवैसी ने इतिहास के पन्नों से पुष्यमित्र शुंग और स्वामी विवेकानंद के बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने बीजेपी से इन ऐतिहासिक तथ्यों पर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है. ओवैसी ने तिरंगे के सम्मान और उसके डिजाइन को लेकर भी अपनी बात रखी.

क्या आरएसएस की मैगजीन ने ही गजनवी की फौज में हिंदुओं के होने की बात स्वीकार की थी?

ओवैसी ने 4 जनवरी 1950 की ‘ऑर्गनाइजर’ मैगजीन का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इसी मैगजीन ने गजनवी की सेना में हिंदुओं के होने की बात लिखी थी. ओवैसी के अनुसार सौराष्ट्र के स्थानीय राजाओं ने गजनवी की मदद की थी. गजनवी की सेना के अग्रिम दस्ते में हिंदू सैनिक तैनात थे. ओवैसी ने सवाल किया कि 1400 साल पुरानी बातों के लिए आज के मुसलमानों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि महमूद गजनवी की मदद करने वाले भी इसी देश के लोग थे.

9.04 PM | पुष्यमित्र शुंग और जगन्नाथ मंदिर को लेकर ओवैसी ने बीजेपी के सामने कौन से नए सवाल खड़े किए?

ओवैसी ने इतिहासकार जदुनाथ सरकार और स्वामी विवेकानंद के बयानों को भी हथियार बनाया. उन्होंने कहा कि विवेकानंद ने जगन्नाथ मंदिर को पहले एक बौद्ध मंदिर बताया था. ओवैसी ने पुष्यमित्र शुंग द्वारा बौद्ध स्थलों को नुकसान पहुंचाने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने दयानंद सरस्वती की किताब ‘सत्यार्थ प्रकाश’ का हवाला भी दिया. ओवैसी ने कहा कि बीजेपी को इन ऐतिहासिक विवादों पर भी अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए. उन्होंने पूछा कि क्या बीजेपी पुष्यमित्र शुंग के कर्मों की जिम्मेदारी लेगी?

8.11 PM | चुनाव प्रचार पर रोक, घर-घर जाकर वोट मांग सकेंगे कैंडिडेट

महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने प्रचार थमने के बाद के नियमों पर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है. आयोग ने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. इस दौरान आचार संहिता के नियम सख्ती से लागू होंगे. हालांकि, उम्मीदवारों के लिए घर-घर जाकर वोट मांगने का रास्ता खुला रखा गया है. उम्मीदवार मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे के बाहर व्यक्तिगत संपर्क कर सकते हैं. लेकिन इस जनसंपर्क के दौरान कुछ बेहद कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. राज्य निर्वाचन आयोग का यह निर्देश सभी नगर आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को भेज दिया गया है. आयोग के अनुसार घर-घर जाने के दौरान लाउडस्पीकर या माइक्रोफोन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होगा. उम्मीदवार किसी भी तरह की प्रचार सामग्री या पंपलेट भी नहीं बांट सकेंगे. यह नियम चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लागू किया गया है. डिजिटल माध्यमों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी. नियम तोड़ने वाले उम्मीदवारों पर आयोग सख्त कानूनी कार्रवाई कर सकता है. उम्मीदवारों को केवल सादगी के साथ मतदाताओं से व्यक्तिगत अपील करने की ही छूट दी गई है. यह निर्देश चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जारी किया गया है.

महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों में चुनाव प्रचार का शोर अब थम गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर की सड़कों पर मोटरसाइकिल चलाकर अपनी ताकत दिखाई है. उन्होंने दावा किया कि नागपुर और मुंबई समेत पूरे राज्य में फिर से भगवा झंडा लहराएगा. दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि उद्धव की गलतियों के कारण ही शिवसेना का नाम और निशान उनके हाथ से निकल गया. पुणे में एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अकेले चुनाव लड़ने का साहसिक फैसला लिया है. इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को बड़ा झटका दिया है. आयोग ने ‘लाडकी बहिन’ योजना की अग्रिम किस्त जारी करने पर रोक लगा दी है. विपक्ष ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया था. मुंबई में नवाब मलिक ने राज ठाकरे की नफरत वाली राजनीति की कड़ी आलोचना की है.

7.21 PM | क्या उद्धव और राज के कार्यकर्ताओं का संयुक्त दस्ता मतदान के दिन करेगा ‘ऑन द स्पॉट’ फैसला?

संजय राउत के इस बयान ने मतदान से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. उन्होंने कहा कि क्षेत्रवार दोहरे मतदाताओं की जानकारी मिलते ही दस्ता कार्रवाई करेगा. भाजपा और एकनाथ शिंदे के प्रभाव को रोकने के लिए दोनों भाई पहली बार इस तरह साथ आए हैं. निर्वाचन आयोग के पास फर्जी मतदाता सूची का मुद्दा पहले ही उठाया जा चुका है. अब कार्यकर्ताओं की यह टीम सीधे जमीन पर उतरकर फर्जी वोटरों से ‘उचित तरीके’ से निपटने की तैयारी में है.

6.17 PM | संजय राउत बोले- मराठी मानुष को भाजपा से सबसे बड़ा खतरा

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि फर्जी और डुप्लीकेट वोटरों को रोकने के लिए पार्टी ने करीब 5,000 लोगों की निगरानी टीम बनाई है जो हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत अलर्ट देगी. उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी मतदान चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश है. संजय राउत ने कहा कि जहां भी फर्जी मतदाता दिखेंगे वहां से पार्टी को सूचना मिलेगी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचेंगे. उनके मुताबिक शिवसेना (यूबीटी) के साथ-साथ मनसे की टीमें भी अलर्ट मोड में हैं. संदेश साफ है कि बूथ पर किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भाजपा नेता के अन्नामलाई द्वारा मुंबई को ‘बॉम्बे’ कहे जाने पर राउत नाराज दिखे. उन्होंने कहा कि अगर अन्नामलाई को मुंबई को बॉम्बे कहना है तो वे तमिलनाडु लौट जाएं. राउत ने सवालिया अंदाज में कहा कि अन्नामलाई कौन हैं और उन्हें तो उनके राज्य में भी शायद ही कोई पहचानता हो.

5.45 PM | BMC चुनाव 2026: मुंबई में 15 को महामुकाबला, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा

मुंबई में बीएमसी चुनाव की सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच गई है. आगामी 15 जनवरी को शहर के सभी 227 वार्डों में मतदान होगा. इसके अगले ही दिन 16 जनवरी को मतगणना की जाएगी. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर है. पुलिस आयुक्त ने सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं. संयुक्त पुलिस आयुक्त की निगरानी में व्यापक सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है. मतदान के दिन 10 एडिशनल कमिश्नर और 33 डीसीपी तैनात रहेंगे. इनके साथ 84 एसीपी और 3,000 से अधिक पुलिस अधिकारी उतरेंगे. करीब 25,000 पुलिसकर्मियों को मतदान केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है. यह अब तक का सबसे बड़ा सुरक्षा बंदोबस्त माना जा रहा है. संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिस तैनात रहेगी. अति-संवेदनशील इलाकों में एसआरपीएफ और क्यूआरटी की टीमें तैनात रहेंगी. बम निरोधक दस्ता और होमगार्ड्स भी पुलिस का सहयोग करेंगे. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 100 या 112 नंबर पर दें. मतदान शांतिपूर्ण कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है. नागरिक अपने मतदान केंद्र की जानकारी पहले से ही जांच लें.

4.53 PM | नांदेड़ में चुनाव से पहले पुलिस की बड़ी कार्रवाई

नांदेड़ में नगर निकाय चुनाव से पहले माहौल काफी गरमा गया है. चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. इसी कड़ी में प्रवर्तन एजेंसियों ने भारी मात्रा में अवैध शराब, गांजा और घातक हथियार जब्त किए हैं. अधिकारियों ने बताया कि अब तक 929 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है. इनमें से कई लोगों को जिला बदर (तड़ीपार) भी किया गया है. राज्य के नांदेड़ सहित 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं. चुनाव से ठीक पहले इस तरह की जब्ती ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. पुलिस और आबकारी विभाग मिलकर लगातार छापेमारी कर रहे हैं. शहर में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है. हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नज़र रखी जा रही है.

नांदेड़ में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से ही पुलिस की टीमें सक्रिय हैं. 15 दिसंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 के बीच अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया गया. इस दौरान राज्य आबकारी विभाग ने कई जगहों पर छापेमारी की. अधिकारियों ने कुल 441.24 लीटर देशी और विदेशी शराब बरामद की है. इसके अलावा छापेमारी में 2.2 किलोग्राम गांजा भी जब्त किया गया है. इस मामले में अब तक पांच अलग-अलग केस दर्ज किए जा चुके हैं. पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ भी एक बड़ा अभियान छेड़ा हुआ है. इस सर्च ऑपरेशन के दौरान एक पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. इसके अलावा पुलिस ने चार खंजर और सात तलवारें भी जब्त की हैं.

4.01 PM | आखिर देवेंद्र फडणवीस को नागपुर और मुंबई में जीत का इतना भरोसा क्यों है?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन नागपुर में जबरदस्त रोड शो किया. उन्होंने भारत माता चौक से महल क्षेत्र तक मोटरसाइकिल रैली का नेतृत्व किया. इस दौरान लोगों की भारी भीड़ उमड़ी जिससे फडणवीस का उत्साह बढ़ गया. उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि नागपुर में भाजपा-शिवसेना गठबंधन पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा. उनके अनुसार विपक्षी गठबंधन के पास जनता को देने के लिए कोई ठोस विजन नहीं है. फडणवीस ने दावा किया कि भाजपा ने नागपुर की सूरत पूरी तरह बदल दी है. विपक्षी दल केवल खोखली बातें कर रहे हैं और जनता उन्हें नकार देगी. नागपुर महानगर पालिका की 151 सीटों पर 15 जनवरी को मतदान होना है. भाजपा यहाँ 143 और शिवसेना 8 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

3.48 PM | क्या उद्धव ठाकरे की राजनीतिक पसंद ही शिवसेना के पतन का असली कारण बनी?

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने उद्धव ठाकरे की वर्तमान स्थिति पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर उद्धव 2019 में भाजपा का साथ नहीं छोड़ते तो आज ‘धनुष-बाण’ उनके पास होता. आठवले के अनुसार उद्धव ने मुख्यमंत्री बनने के लालच में कांग्रेस से हाथ मिलाया. यह फैसला दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के बिल्कुल खिलाफ था. चुनाव आयोग ने 2023 में एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना माना था. इसी कारण उद्धव ठाकरे को अपना नाम और चुनाव चिह्न गंवाना पड़ा. आठवले ने बीएमसी में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया है. उन्होंने मुंबई नगर निकाय को ‘ठाकरे के चंगुल’ से मुक्त कराने की अपील की. महायुति अब बीएमसी पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है.

2.16 PM | पुणे में एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अकेले चुनाव लड़ने का जोखिम क्यों उठाया?

पुणे नगर निगम चुनाव में शिवसेना नेता नीलम गोरहे ने अपनी रणनीति स्पष्ट की है. यहां शिवसेना और भाजपा के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई. भाजपा केवल 12 सीटें देने पर अड़ी थी जबकि शिवसेना 25 सीटों की मांग कर रही थी. नीलम गोरहे ने कहा कि स्वाभिमान और गरिमा के लिए अकेले लड़ना जरूरी था. शिवसेना अब पुणे के सभी वार्डों में अपनी ताकत का आकलन कर रही है. उन्हें उम्मीद है कि पार्टी पुणे के विकास और निर्णय लेने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगी. पार्टी के घोषणापत्र में पर्यावरण संरक्षण और पहाड़ियों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है. चुनाव के बाद गठबंधन की संभावना पर उन्होंने कहा कि फैसला एकनाथ शिंदे लेंगे. शिवसेना अपने एजेंडे को स्वीकार करने वाले दलों के साथ बातचीत के लिए तैयार है.

1.53 PM | चुनाव आयोग ने लाडकी बहिन योजना के 3000 रुपये के भुगतान पर रोक क्यों लगाई?

राज्य निर्वाचन आयोग ने ‘लाडकी बहिन’ योजना की जनवरी की किस्त पर रोक लगा दी है. सरकार मकर संक्रांति के अवसर पर लाभार्थियों को 3000 रुपये अग्रिम देने वाली थी. विपक्ष ने इसकी शिकायत आयोग से की थी और इसे मतदाताओं को लुभाने का प्रयास बताया. आयोग ने स्पष्ट किया कि नियमित किस्तें दी जा सकती हैं लेकिन अग्रिम भुगतान नहीं होगा. मुख्यमंत्री फडणवीस ने दलील दी कि यह एक सतत योजना है और आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है. हालांकि कांग्रेस ने इसे मतदान से ठीक पहले अनुचित लाभ देने की कोशिश करार दिया. इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है. विधानसभा चुनाव में इस योजना ने महायुति की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी. अब निकाय चुनाव में इस पर रोक लगना सरकार के लिए एक झटका माना जा रहा है.

12.26 PM | क्या नवाब मलिक और सचिन सावंत के आरोपों से मुंबई की राजनीति गरमा गई है?

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने राज ठाकरे पर नफरत और बंटवारे की राजनीति करने का आरोप लगाया है. मलिक ने कहा कि राज ठाकरे कभी उत्तर भारतीयों तो कभी मुस्लिमों को निशाना बनाते हैं. ऐसी राजनीति लंबे समय तक नहीं चलती और जनता इसे समझ चुकी है. उन्होंने भाजपा पर चुनाव के ध्रुवीकरण करने का भी गंभीर आरोप लगाया. उधर कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने एक तस्वीर साझा कर आरोप लगाया कि लोढ़ा ने सट्टेबाजी के आरोपी सोनू जलान की मदद ली है. सोनू जलान के संबंध अंडरवर्ल्ड और बड़े सट्टा रैकेट से होने के संकेत मिले थे. कांग्रेस ने सवाल उठाया कि चुनाव प्रचार में ऐसे संदिग्ध लोगों का इस्तेमाल क्यों हो रहा है. इन आरोपों ने मतदान से ठीक पहले सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है.

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